दोहरी नागरिकता विवाद: राहुल गांधी FIR मामले में हाईकोर्ट जज ने खुद बदला अपना आदेश
Jitendra Shrivastava | Apr 18, 2026, 19:32 IST
Photograph: (THESOOTR)
NEW DELHI. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का अपना आदेश बदला। दोहरी नागरिकता मामले में बिना नोटिस आदेश को अनुचित माना। अगली सुनवाई 20 अप्रैल।
News In Short
- हाईकोर्ट ने राहुल गांधी FIR आदेश पलटा।
- बिना नोटिस दिए फैसला अनुचित माना गया।
- दोहरी नागरिकता विवाद में 20 अप्रैल सुनवाई।
- याचिकाकर्ता विग्नेश CJI से करेंगे शिकायत।
- 2019 में सुप्रीम कोर्ट भी खारिज कर चुका है।
News In Detail
हाईकोर्ट ने पलटा अपना आदेश
न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने पुराने केसों की स्टडी की। उन्होंने पाया कि ऐसे मामलों में नोटिस भेजना जरूरी होता है। आदेश टाइप होने से पहले ही जज ने फैसले को परखा। उन्होंने तय किया कि राहुल गांधी को पहले नोटिस दिया जाए। बिना नोटिस फैसला कानूनी प्रक्रिया के विरुद्ध माना गया। अब मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होगी।
दोहरी नागरिकता विवाद की जड़
विग्नेश ने कोर्ट में दस्तावेज और साक्ष्य पेश किए। उनका दावा है कि राहुल गांधी यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) में मतदाता रहे हैं। वहां चुनावों में भागीदारी से जुड़े रिकॉर्ड मौजूद होने का दावा है।
याचिका में विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत केस दर्ज करने की मांग है। इस मामले में FIR दर्ज होने और CBI जांच की भी मांग की गई थी।
शुक्रवार का आदेश और यू-टर्न
वकीलों ने नोटिस जारी करने की जरूरत नहीं बताई थी। इसके बाद FIR का आदेश पारित हुआ था। लेकिन आदेश टाइप होने से पहले जज ने खुद फैसला बदला। यह कानूनी इतिहास में एक असाधारण घटना मानी जा रही है।
गृह मंत्रालय की फाइलें और सुनवाई
यूपी सरकार की ओर से वकील डॉ. बीके सिंह पेश हुए। केंद्र सरकार का पक्ष वकील एसबी पांडेय ने रखा। याचिकाकर्ता की तरफ से बिंदेश्वरी पांडेय कोर्ट में उपस्थित थे।
याचिकाकर्ता की CJI से शिकायत की चेतावनी
17 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट ने इसे लखनऊ भेजा था। 28 जनवरी 2026 को MP-MLA कोर्ट ने याचिका खारिज की थी। इसके बाद याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
2019 में सुप्रीम कोर्ट का फैसला
उस याचिका में राहुल गांधी को चुनाव लड़ने से अयोग्य करने की मांग थी। कोर्ट ने कहा था कि किसी कंपनी के फॉर्म में नाम लिखने से नागरिकता नहीं बदलती। उस मामले में कोई ठोस आधार नहीं पाया गया था।
यूपी में राहुल के तीन केस
हाथरस की MP-MLA कोर्ट में भी मानहानि केस दर्ज है। मोदी सरनेम केस में 2023 में राहुल की सांसदी रद्द हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने दोषसिद्धि पर रोक लगाई और सदस्यता बहाल हुई। इन सभी मामलों में अलग-अलग तारीखें तय हैं।
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