किसानों की कंपनी अमूल: 1 लाख करोड़ की ऐतिहासिक छलांग
Pawan Modiya | Apr 20, 2026, 24:22 IST
Photograph: (the sootr)
गुजरात के किसानों की सहकारी संस्था अमूल ने FY26 में 1 लाख करोड़ रुपए का टर्नओवर पार कर लिया। यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह भारत की पहली FMCG कंपनी बन गई है। 1946 में 247 किसानों से शुरू हुई यह यात्रा आज 3.6 करोड़ किसानों तक पहुंच चुकी है।
समझें क्या है पूरा मामला
- अमूल ने FY26 में 1 लाख करोड़ रुपए का ब्रांड टर्नओवर पार किया।
- यह करने वाली वह भारत की पहली FMCG कंपनी बन गई है।
- GCMMF (Gujarat Co-operative Milk Marketing Federation) ने 5 अप्रैल 2026 को यह घोषणा की।
- यह कंपनी किसी अरबपति की नहीं, बल्कि 36 लाख किसानों की है।
- 1946 में गुजरात के 247 किसानों की हड़ताल से यह सफर शुरू हुआ था।
अमूल ने रचा इतिहास
1946: जब किसानों ने कहा 'बस, अब नहीं'
फिर त्रिभुवनदास पटेल के नेतृत्व में किसानों ने 15 दिन की दूध हड़ताल कर दी। आनंद से बंबई तक एक बूँद दूध नहीं गया। पोलसन डेयरी की सांसें अटक गईं। सरदार वल्लभभाई पटेल ने किसानों को एक ही सलाह दी कि बिचौलिया हटाओ और खुद बेचो। बस यहीं से जन्म हुआ कैरा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ का। कोई वेंचर कैपिटल नहीं, कोई बैंक लोन नहीं। सिर्फ 247 किसान और उनका जज्बा।
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डॉ. कुरियन: वो इंजीनियर जिसने सब बदल दिया
26 साल के इस इंजीनियर के उस फैसले ने भारत की डेयरी इंडस्ट्री की तस्वीर हमेशा के लिए बदल दी। उस वक्त पश्चिम के डेयरी उद्योग में गाय के दूध का ही बोलबाला था। भैंस के दूध को घटिया माना जाता था क्योंकि उसमें चर्बी ज्यादा होती है। कुरियन ने इस सोच को चुनौती दी।
1955 में उन्होंने दुनिया का पहला भैंस के दूध से बना स्प्रे-ड्राइड स्किम्ड मिल्क पाउडर तैयार किया। पश्चिमी दुनिया कहती थी यह नहीं हो सकता, लेकिन कुरियन ने कर दिखाया। इस तकनीक का पेटेंट किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी के पास नहीं गया। यह पेटेंट भारत के किसानों का था।
अमूल बटर और वो नीली परी
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फिर 1966 में एक विज्ञापन एजेंसी ने एक गोल-मटोल, नीले बालों वाली कार्टून लड़की बनाई। टैगलाइन थी "Utterly Butterly Delicious।" किसी को नहीं पता था कि यह लड़की 60 साल बाद भी भारत के होर्डिंग्स पर राज करेगी। इमरजेंसी हो, 1983 का वर्ल्ड कप हो, नोटबंदी हो या कोविड, अमूल गर्ल ने हर बड़े मौके पर अपना चुटीला कमेंट किया। इस आउटडोर एडवर्टाइजिंग कैंपेन को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दुनिया का सबसे लंबे समय तक चलने वाला अभियान दर्ज किया गया है।
ऑपरेशन फ्लड: जब भारत दूध में आत्मनिर्भर हुआ
योजना सरल थी लेकिन क्रियान्वयन बड़ा था। आनंद का सहकारी मॉडल पूरे भारत में फैलाना था। गाँव दर गाँव, जिला दर जिला। 1990 के दशक तक भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बन गया। अमेरिका और पूरे यूरोप को पीछे छोड़कर। कुरियन ने ऑपरेशन फ्लड के तीन चरण सफलतापूर्वक चलाए।
36 लाख किसानों की कंपनी
हर किसान जो दूध देता है उसे अमूल की कमाई में हिस्सा मिलता है। बटर हो, चीज हो, आइसक्रीम हो या चॉकलेट, सबका फायदा सीधे किसानों तक पहुँचता है। यही अमूल की सबसे बड़ी ताकत है। 36 लाख लोग जिनकी रोजी-रोटी अमूल से जुड़ी है, वही इसके सबसे वफादार रक्षक भी हैं।
अमूल हर दिन दो बार अपनी 18,600 से ज्यादा ग्राम सोसाइटियों से दूध इकट्ठा करता है। 365 दिन, बिना रुके। हर दिन 2.6 करोड़ लीटर से ज्यादा दूध। यह मात्रा 10 ओलिंपिक स्विमिंग पूल भरने के बराबर है।
कोल्ड चेन: वो नेटवर्क जो कोई नहीं बना सकता
और सबसे अहम बात यह कि अमूल ने कभी अमीरों का ब्रांड बनने की कोशिश नहीं की। 20 रुपए का बटर, 5 रुपए की छाछ, हर घर के लिए दूध। यह 1 लाख करोड़ रुपए का टर्नओवर महँगे पैकेजिंग से नहीं आया। यह 1.4 अरब लोगों की सुबह में रोज शामिल होने से आया।
अमूल आज: नंबरों में
डॉ. कुरियन ने एक बार कहा था कि मैं ऐसी संस्थाएं बनाने के काम में हूँ जो मेरे जाने के बाद भी चलती रहें। 2012 में उनका निधन हुआ। 2026 में अमूल ने 1 लाख करोड़ रुपए का टर्नओवर पार किया। डॉ. कुरियन जीत गए।
यह खबर क्यों जरूरी है?
FAQ
उत्तर: HUL, नेस्ले और ITC जैसी बड़ी कंपनियाँ भारत में दशकों से काम कर रही हैं, लेकिन अपने FMCG कारोबार में किसी ने अब तक 1 लाख करोड़ रुपए का आँकड़ा नहीं छुआ था। अमूल ने FY26 में यह उपलब्धि हासिल की। इसकी सबसे बड़ी वजह है अमूल का विशाल उत्पाद पोर्टफोलियो, 36 लाख किसानों का मालिकाना नेटवर्क, और हर आय वर्ग के उपभोक्ता तक पहुँच। GCMMF ने 5 अप्रैल 2026 को इसकी आधिकारिक घोषणा की।
प्रश्न 2: अमूल का मालिक कौन है और किसानों को इससे क्या फायदा होता है?
उत्तर: अमूल किसी एक व्यक्ति या परिवार की कंपनी नहीं है। यह एक सहकारी संस्था है जिसके मालिक 36 लाख किसान हैं। ये किसान 18,600 से ज्यादा ग्राम सोसाइटियों के जरिए दूध देते हैं। अमूल जो भी कमाता है, उसका एक हिस्सा सीधे इन किसानों तक पहुँचता है। बटर, चीज, आइसक्रीम या चॉकलेट जो भी बिके, उसका फायदा किसानों को मिलता है। यही इसे दुनिया के सबसे अनोखे व्यावसायिक मॉडल में से एक बनाता है।
प्रश्न 3: ऑपरेशन फ्लड क्या था और इसने भारत को कैसे बदला?
उत्तर: ऑपरेशन फ्लड 1970 में डॉ. वर्गीज कुरियन द्वारा शुरू किया गया दुनिया का सबसे बड़ा डेयरी विकास कार्यक्रम था। इसका मकसद आनंद के सहकारी मॉडल को पूरे भारत में फैलाना था। गाँव-गाँव, जिला-जिला सहकारी डेयरियाँ बनाई गईं। इसके तीन चरण चले। नतीजा यह हुआ कि 1990 के दशक तक भारत दूध की कमी वाले देश से दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बन गया। अमेरिका और पूरे यूरोप को पीछे छोड़कर।
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