हाईकोर्ट ने आसाराम की जमानत 1 जुलाई तक बढ़ाई, जानें क्या है पूरा मामला

Jitendra Shrivastava | Apr 07, 2025, 17:39 IST
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asaram-temporary-bail Photograph: (thesootr)

आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से 1 जुलाई तक की अंतरिम जमानत मिल गई है। कोर्ट ने शर्तों का पालन करने की हिदायत दी। आसाराम को पहले 14 जनवरी से 31 मार्च तक अंतरिम जमानत मिली थी, और अब यह अवधि 1 जुलाई तक बढ़ा दी गई है।

राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर आश्रम में नाबालिग से रेप के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम ( Asaram) को राहत देते हुए उसकी अंतरिम जमानत 1 जुलाई तक बढ़ा दी है। यह निर्णय 31 मार्च 2025 को समाप्त हुई उसकी पहले की अंतरिम जमानत के बाद आया है। आसाराम को पहले 14 जनवरी से 31 मार्च तक अंतरिम जमानत मिली थी, और अब यह अवधि 1 जुलाई तक बढ़ा दी गई है।

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राजस्थान हाईकोर्ट का निर्णय

हाईकोर्ट ने इस मामले में Asaram को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व में जारी की गई शर्तों का पालन करने के लिए कहा है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि गुजरात हाईकोर्ट द्वारा मेडिकल आधार पर दी गई जमानत की फिर से जांच की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि पहले ही सभी तथ्यों की जांच की जा चुकी है।

आसाराम के वकील ने कोर्ट से 30 जून तक की जमानत मांगी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे 1 जुलाई तक बढ़ाने की स्वीकृति दी। आसाराम के वकील ने यह भी कहा कि 30 जून को छुट्टी होने के कारण 1 जुलाई तक की जमानत की मांग की गई थी।
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जमानत पर विवाद

Asaram के खिलाफ जोधपुर के मणाई आश्रम में नाबालिग से रेप के मामले में दोष सिद्ध होने के बाद, उसे 25 अप्रैल 2018 को आजीवन कारावास की सजा दी गई थी। इसके बाद से ही इनकी जमानत को लेकर लगातार विवाद चल रहे हैं। 1 जुलाई तक की अंतरिम जमानत मिलने के बाद, इस फैसले को लेकर विभिन्न पक्षों में बहस हो रही है।

आसाराम के वकील निशांत बोड़ा ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट की शर्तों का उल्लंघन नहीं हुआ है, जबकि पीड़िता के वकील ने आरोप लगाया कि Asaram ने शर्तों का उल्लंघन किया है। इस पर हाईकोर्ट ने आसाराम से शपथ पत्र भी पेश करने को कहा था।

कोर्ट द्वारा पेश रिपोर्ट

Asaram के खिलाफ सरकार की ओर से एक जांच रिपोर्ट भी पेश की गई, जिसमें तीन पुलिस अधिकारियों के बयान शामिल थे। इन पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आसाराम ने जमानत के दौरान कभी भी सार्वजनिक रूप से प्रवचन नहीं किया, हालांकि वह अपने कुछ साधकों से मिलते रहे। कोर्ट ने इन बयान और रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए आसाराम को राहत दी।

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मेडिकल कारणों पर जमानत

गुजरात हाईकोर्ट ने पहले आसाराम को मेडिकल कारणों से जमानत दी थी, और राजस्थान हाईकोर्ट ने उसी आधार पर उसे 1 जुलाई तक की अंतरिम जमानत दी है। हालांकि, यह भी माना जा रहा है कि आसाराम का स्वास्थ्य पहले जैसा गंभीर नहीं है, और उसके इलाज की स्थिति में कोई विशेष बदलाव नहीं आया है।

Asaram की गिरफ्तारी और सजा

Asaram को 2 सितंबर 2013 को इंदौर से गिरफ्तार किया गया था, जब जोधपुर पुलिस ने उसे नाबालिग से रेप के मामले में गिरफ्तार किया। 2018 में, उसे जोधपुर की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके बाद इनके खिलाफ गुजरात में भी रेप का मामला दर्ज किया गया, जिसमें उसे 2023 में आजीवन कारावास की सजा दी गई।



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