घरेलू गैस सिलेंडर के दाम 50 रुपए बढ़े : नई कीमत 8 अप्रैल से होंगी लागू

Jitendra Shrivastava | Apr 07, 2025, 16:44 IST
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domestic-gas-cylinder Photograph: (thesootr)

घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 50 रुपए की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है, जिससे दिल्ली में अब गैस सिलेंडर 853 रुपए में मिलेगा। जानिए इस बढ़ोतरी का कारण और प्रभाव।

भारत में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार 7 अप्रैल 2025 को इस बढ़ोतरी का ऐलान किया। अब दिल्ली में गैस सिलेंडर की कीमत 803 रुपये से बढ़कर 853 रुपये हो गई है। यह कीमतें कल, यानी 8 अप्रैल से लागू होंगी।

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घरेलू गैस सिलेंडर की नई कीमतें

भारत सरकार द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर पर यह 50 रुपए की बढ़ोतरी उन उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खबर है, जो पहले ही महंगाई से जूझ रहे हैं। नई कीमतों के अनुसार-

  1. दिल्ली में गैस सिलेंडर की कीमत 853 रुपए हो गई है, जबकि पहले यह 803 रुपये था।
  2. मुंबई और अन्य मेट्रो शहरों में भी गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि का असर दिखेगा।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा, खासकर उन परिवारों पर जिनका बजट पहले से ही तंग है।

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दाम बढ़ने के कारण

गैस सिलेंडर की कीमतों में इस वृद्धि के पीछे कई कारण हैं। सबसे प्रमुख कारण वैश्विक बाजार में ऊर्जा की कीमतों में हो रही वृद्धि है। दुनियाभर में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है, जो भारतीय बाजार को भी प्रभावित करता है। इसके अलावा, पेट्रोलियम उत्पादों पर होने वाले करों और परिवहन लागत में बढ़ोतरी भी इस कीमत वृद्धि के कारणों में शामिल है।
इसके अतिरिक्त, पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा अपने खर्चों को पूरा करने और मुनाफे की स्थिति बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

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इस बढ़ोतरी का उपभोक्ताओं पर असर

घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में यह 50 रुपए की वृद्धि उपभोक्ताओं पर बड़ा असर डालने वाली है। खासकर निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी एक बोझ बन सकती है। अब तक गैस सिलेंडर के दाम में यह बढ़ोतरी उन परिवारों के लिए एक नई चिंता का विषय बन गई है, जो पहले ही महंगाई से परेशान हैं।
वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अगर गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार वृद्धि होती रही, तो उपभोक्ताओं को अन्य ईंधन स्रोतों की ओर रुख करना पड़ सकता है।



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