IMD का नया अलर्ट: जून में ही एक्टिव होगा अल नीनो, इस साल कम होगी बारिश
Anjali Dwivedi | May 30, 2026, 15:00 IST
monsoon
मौसम विभाग के नए अपडेट के अनुसार इस साल मानसून में सामान्य से कम बारिश होगी। अल नीनो के जून में ही सक्रिय होने से सूखा और भीषण गर्मी का खतरा बढ़ गया है। हालांकि सरकार ने खरीफ फसल के लिए खाद और बीज का पूरा इंतजाम कर लिया है।
समझें क्या है पूरा मामला
- देश में इस साल दक्षिणी पश्चिमी मानसून सामान्य से काफी कमजोर रहने वाला है।
- मौसम विभाग ने बारिश का अनुमान 92 फीसदी से घटाकर 90 फीसदी कर दिया है।
- प्रशांत महासागर में उठने वाला अल नीनो जून के महीने में ही दस्तक दे रहा है।
- भीषण गर्मी के चलते अगले पांच सालों में दुनिया के तापमान के सारे रिकॉर्ड टूट सकते हैं।
- सरकार ने खरीफ फसलों को बचाने के लिए बीज और खाद का पूरा स्टॉक जुटाया है।
जून में ही दिखेगा अल नीनो का असर
मौसम वैज्ञानिकों ने इसके पीछे सबसे बड़ी वजह अल नीनो को माना है। पहले इसके जुलाई में आने की उम्मीद थी, पर अब यह जून में ही एक्टिव हो रहा है।
अल नीनो क्या है
यह कैसे काम करता है, इसे आप दो आसान तरीकों से समझ सकते हैं-
1. सामान्य दिनों में क्या होता है?
आम दिनों में समुद्र के ऊपर चलने वाली तेज हवाएं गर्म पानी को ढकेलकर एशिया और ऑस्ट्रेलिया की तरफ ले जाती हैं। इस वजह से हमारे इलाकों में अच्छे बादल बनते हैं और बढ़िया बारिश होती है।
2. अल नीनो आने पर क्या बदल जाता है?
अल नीनो के आते ही ये हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं। हवा ठप होने से गर्म पानी आगे बढ़ने के बजाय पीछे (अमेरिका की तरफ) ही रुक जाता है। जब समुद्र का यह गर्म पानी एक ही जगह ठहर जाता है, तो यह मानसून की हवाओं का रास्ता रोक देता है। नतीजा यह होता है कि हमारे यहां बादल ठीक से नहीं बरस पाते और सूखे या भीषण गर्मी के हालात बन जाते हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने क्या कहा
टूट सकते हैं गर्मी के सारे पुराने रिकॉर्ड
इसकी 86 प्रतिशत संभावना है कि इन पांच सालों में कोई एक साल सबसे गर्म रहेगा। ग्लोबल वार्मिंग का यह दौर इंसानों और फसलों दोनों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
मौसम रिपोर्ट के प्रमुख आंकड़े
| विषय | पुराना अनुमान | नया अनुमान / संभावना |
| पूरे सीजन की कुल बारिश | 92% | 90% |
| जून महीने की औसत बारिश | 100% | 92% |
| पांच साल में रिकॉर्ड गर्मी की संभावना | -- | 86% |
| तापमान 1.5 डिग्री बढ़ने की संभावना | -- | 91% |
FAQ
- अल नीनो क्या है और इसका भारतीय मानसून पर क्या असर पड़ता है?
अल नीनो एक वैश्विक मौसमी घटना है। इसके कारण प्रशांत महासागर में समुद्र का पानी बहुत गर्म हो जाता है। हवाओं के रुख में बदलाव आने से इसका सीधा असर भारत के मॉनसून पर पड़ता है। अल नीनो के सक्रिय होने से भारत में मानसूनी हवाएं कमजोर हो जाती हैं, जिससे देश के अधिकांश हिस्सों में कम बारिश होती है और सूखे जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। - IMD के अनुसार इस साल मानसून की क्या स्थिति रहेगी?
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार इस साल दक्षिणी पश्चिमी मॉनसून सामान्य से काफी कमजोर रहेगा। मौसम विभाग ने पूरे सीजन की बारिश का अनुमान 92 प्रतिशत से घटाकर 90 प्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा जून के महीने में भी सामान्य से कम यानी केवल 92 फीसदी तक ही बारिश होने की संभावना जताई गई है।
नौतपा के बीच मध्य भारत में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि: भीषण गर्मी से मिलेगी राहत
गर्मी ने छुड़ाए पसीने! पारा पहुंचा 42 डिग्री के पार, तीनों राज्यों में लू का अलर्ट
MP-CG-Rajasthan Weather update: तीनों राज्यों में भीषण गर्मी का रेड अलर्ट जारी
MP-CG-Rajasthan: मध्य भारत में गर्मी का कहर! मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA