खुल गया बेतिया राज के 200 करोड़ के खजाने का रहस्य, जानें किस जगह रखा जाएगा सुरक्षित

Jitendra Shrivastava | Feb 13, 2025, 23:01 IST
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Photograph: (THESOOTR)

बेतिया राज का 200 करोड़ रुपये से अधिक का खजाना अब सार्वजनिक हो गया है। यह खजाना महारानी जानकी कुंवर की तिजोरी में था और अब इसे बिहार संग्रहालय में रखने का फैसला लिया गया है।

बेतिया राज का 200 करोड़ रुपये से अधिक का खजाना बिहार संग्रहालय में रखने का फैसला लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह खजाना हीरे, जवाहरात और ऐतिहासिक दस्तावेजों से भरा हुआ था।

यह खजाना 1939 में महारानी जानकी कुंवर की तिजोरी से निकलकर इंपीरियल बैंक (अब भारतीय स्टेट बैंक) की पटना और इलाहाबाद शाखाओं में जमा कर दिया गया था। खजाने में शामिल हीरे, जवाहरात और दस्तावेज़ ऐतिहासिक महत्व के हैं और अब यह सब बिहार संग्रहालय में संरक्षित किया जाएगा।

खजाने का संग्रहालय में स्थानांतरण

बिहार सरकार ने निर्णय लिया है कि इस खजाने को संग्रहालय में रखा जाएगा ताकि इसे संरक्षित किया जा सके और आम जनता के लिए यह सुलभ हो सके। इससे न केवल बेतिया राज के इतिहास को संरक्षित किया जाएगा, बल्कि यह ऐतिहासिक धरोहर भी जनता को देखने और समझने का अवसर मिलेगा।

सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी

खजाने के इस अनोखे रहस्य के खुलने के बाद, यह अब एक ऐतिहासिक धरोहर के रूप में दस्तावेजीकृत किया जा रहा है। यह कदम राज्य सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण प्रयास है, ताकि इस तरह की धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाया जा सके।

11 अधिकारियों की टीम जांच में जुटी

बिहार सरकार बेतिया राज की ऐतिहासिक जमीनों की पहचान करने के लिए उत्तर प्रदेश में सक्रिय है। 11 राजस्व अधिकारियों की एक टीम उत्तर प्रदेश के आठ जिलों में बेतिया राज की जमीनों के दस्तावेजों की जांच कर रही है। इस दौरान, बिहार सरकार ने इन जमीनों पर अतिक्रमण हटाने की योजना बनाई है और रिकॉर्ड तैयार कर रही है।

बिहार के बेतिया महाराज की संपत्ति को लेकर सरकार ने जांच तेज कर दी है। पटना स्थित SBI की तिजोरी में रखे गए बक्सों को खोला जा रहा है, जिनमें बेशकीमती गहने, सोने-चांदी के सिक्के और हथियार मिले हैं। इस संपत्ति की सुरक्षा और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

सरकार बेतिया राज की जमीन पर जमशेदपुर जैसा शहर बसाने की योजना बना रही है। जिसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंजूरी दे दी है। महाराज की संपत्ति बिहार और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों में फैली हुई है, जिसे लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है।

बेतिया राजघराने की संपत्ति पर सरकार का अधिकार

बेतिया राजघराने की संपत्ति पर सरकार ने अधिकार जमा लिया है और अब उसकी विस्तृत जांच की जा रही है। पटना के SBI बैंक की तिजोरी में रखे गए 6 बक्सों में से एक को खोला गया, जिसमें...

  • सोने-चांदी के भारी जेवर।
  • चांदी की तलवारें।
  • बेशकीमती हीरे-जवाहरात।
  • पुराने सिक्के और प्राचीन हथियार पाए गए।
अधिकारियों का कहना है कि बाकी 5 बक्से भी जल्द खोले जाएंगे। इसके बाद बेतिया राज की संपत्ति की पूरी तस्वीर सामने आएगी।

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बक्से खोलने के दौरान की गई वीडियोग्राफी

बक्सों को खोलने की पूरी प्रक्रिया वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के साथ पूरी की गई। इस दौरान...

  • राजस्व परिषद के अधिकारी।
  • पटना प्रशासन के मजिस्ट्रेट।
  • बैंक के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

बेतिया राज की संपत्ति बिहार और यूपी तक फैली

  • बेतिया महाराज की संपत्ति सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भी उनकी तिजोरी मौजूद है।
  • बिहार सरकार ने यूपी सरकार को पत्र भेजकर इस संपत्ति को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
  • जब प्रयागराज से संपत्ति वापस आएगी, तब उसे भी खोला जाएगा और उसकी जांच होगी।
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जमशेदपुर जैसा शहर बसाने की योजना

  • बिहार सरकार बेतिया राज की जमीन पर एक आधुनिक शहर बसाने की योजना बना रही है।
  • IAS केके पाठक इस नीति पर काम कर रहे हैं।
  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है।
  • इस शहर में हॉस्पिटल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और इंडस्ट्रियल जोन विकसित किए जाएंगे।

बेतिया राज की 80% जमीन पर अवैध कब्जा

  • बेतिया राज की कुल 15,213 एकड़ जमीन बिहार में और 143 एकड़ जमीन यूपी में है।
  • इसमें से 80% जमीन पर अवैध कब्जा है।
  • सरकार ने 2024 में कानून पास करके इस संपत्ति को अपने नियंत्रण में ले लिया।

बेतिया राज की ऐतिहासिक विलासिता

  • बेतिया राज 1627 में अस्तित्व में आया और इसके अंतिम राजा हरेंद्र किशोर सिंह थे।
  • रानियां सोने की साड़ियां पहनती थीं और चांदी व हीरे-जवाहरात से बने बर्तनों में भोजन करती थीं।
  • अंतिम महारानी जानकी कुंवर को कोर्ट ऑफ वार्ड्स ने 1897 में प्रबंधन से हटा दिया।
  • 1954 में उनकी मृत्यु के बाद राज्य सरकार ने इस संपत्ति का अधिग्रहण कर लिया।
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