यूट्यूब को टक्कर देने आ गया चाइनीज वीडियो ऐप, जानिए कैसे बनें bilibili क्रिएटर
Manya Jain | Aug 21, 2026, 12:26 IST
bilibili app india youtube rival
चीन का वीडियो प्लेटफॉर्म Bilibili अब ग्लोबल लेवल पर लॉन्च हो चुका है और YouTube को टक्कर देने की तैयारी में है। भारत में इसका ऐप अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन वेबसाइट के जरिए इसे बिना VPN एक्सेस किया जा सकता है।
चीन का वीडियो-स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म बिलिबिली अब दुनियाभर में लॉन्च हो चुका है और इसे चीन का YouTube भी कहा जाता है। यह ऐप पहले से गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और अब iOS पर भी जल्द आने वाला है।
हालांकि भारत में अभी इसका ऐप न तो गूगल प्ले स्टोर पर है और न ही एपल ऐप स्टोर पर। फिर भी भारतीय एंड्रॉइड यूजर्स इसकी वेबसाइट को बिना किसी VPN के सीधे ब्राउजर के जरिए खोल सकते हैं।
चीन की बिलीबिली ऐप अब ग्लोबल लेवल पर लॉन्च होने जा रही है। यह ऐप एक लोकप्रिय वीडियो-स्ट्रीमिंग और कम्युनिटी प्लेटफॉर्म है, जो एनीमे, गेमिंग और यूजर जनरेटेड कंटेंट पर केंद्रित है।
यानी जिस तरह Google का YouTube यूजर कंटेंट पर चलता है, उसी तरह Bilibili भी काम करता है। यह ऐप अब YouTube को टक्कर देने की पूरी तैयारी कर चुका है और दुनियाभर के यूजर्स के लिए उपलब्ध कराए जाने के लिए तैयार है।
चीन का यह पॉपुलर वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म आधिकारिक तौर पर ग्लोबल मार्केट में लॉन्च हो गया है। कंपनी ने विस्तार की बड़ी योजना बनाई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर Bilibili से जुड़े आधिकारिक अकाउंट पर इसकी घोषणा कर दी गई है। ऐप गूगल प्ले स्टोर पर पहले से उपलब्ध है और डाउनलोड किया जा सकता है।
बिलीबिली एक इंग्लिश भाषा वाली साइट लाने की योजना बना रही है। इसके नए इंटरनेशनल ऐप से पहचान वेरिफाई करने की अनिवार्यता हटा दी गई है। ऐप पर अकाउंट बनाने के लिए अब पासपोर्ट या ID डॉक्यूमेंट्स की जरूरत नहीं पड़ेगी।
फिलहाल भारत में बिलिबिली का ऐप गूगल प्ले स्टोर और एपल ऐप स्टोर पर उपलब्ध नहीं है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भारतीय यूजर्स इस प्लेटफॉर्म को एक्सेस नहीं कर सकते। बिलिबिली की वेबसाइट को बिना किसी VPN के सीधे ब्राउजर के जरिए खोला जा सकता है।
हालांकि वेबसाइट का इंटरफेस मुख्य रूप से चीनी भाषा में है। ऐसे में गूगल क्रोम के ट्रांसलेशन फीचर या किसी ब्राउजर ट्रांसलेशन एक्सटेंशन की मदद से इसे अंग्रेजी में समझा जा सकता है।
बिलिबिली का इंटरनेशनल वर्जन फिलहाल अंग्रेजी के अलावा जापानी, मलय, थाई, वियतनामी और अरबी भाषाओं में उपलब्ध है। शंघाई स्थित यह कंपनी वीडियो शेयरिंग के साथ-साथ लाइव स्ट्रीमिंग, गेमिंग और कॉमिक्स जैसे कंटेंट पर भी फोकस करती है। इस कंपनी में सोनी ग्रुप कॉर्पोरेशन की भी 5.22 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसकी पैरेंट कंपनी हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज के साथ-साथ न्यूयॉर्क के नैस्डैक पर भी लिस्टेड है।
दिलचस्प बात यह है कि गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के स्वामित्व वाले YouTube के बाद, बिलिबिली शायद एकमात्र ऐसा वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म है जिसका अंतरिक्ष में अपना खुद का सैटेलाइट है। इस सैटेलाइट को बिलिबिली वीडियो सैटेलाइट नाम दिया गया है।
बिलिबिली की खासियत यह है कि वीडियो देखने के लिए हर बार अकाउंट बनाना जरूरी नहीं है। बिना लॉगिन किए भी यूजर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कंटेंट ब्राउज और देख सकते हैं। हालांकि वीडियो को लाइक या कमेंट करने जैसी इंटरैक्टिव सुविधाओं के लिए अकाउंट बनाना जरूरी होगा।
प्लेटफॉर्म प्रीमियम मेंबरशिप का विकल्प भी देता है, जिसके तहत यूजर्स को प्रीमियम कंटेंट के साथ 4K अल्ट्रा एचडी स्ट्रीमिंग जैसी अतिरिक्त सुविधाएं मिलती हैं। प्रीमियम मेंबरशिप की शुरुआती कीमत पहले महीने के लिए 15 युआन बताई गई है।
बिलिबिली की वेबसाइट खोलने पर यूजर्स को लोकप्रिय वीडियो का एक फीड दिखाई देता है। इसमें ऊपर प्रमुख वीडियो के लिए स्लाइडर और अलग-अलग कैटेगरी के विकल्प मिलते हैं। प्लेटफॉर्म पर एनीमेशन, डांस, एंटरटेनमेंट, फिल्म, डॉक्यूमेंट्री, टीवी ड्रामा और वैरायटी शो जैसे कई सेक्शन मौजूद हैं। इसके अलावा यहां लाइव स्ट्रीमिंग और गेम सेंटर भी मिलता है।
बताया जा रहा है कि कंपनी के कंटेंट पर चीन में कड़े नियमन और निगरानी का असर भी दिखाई देता है, इसलिए भारतीय यूजर्स को कंटेंट इस्तेमाल करते समय इसका ध्यान रखना चाहिए।
ग्लोबल क्रिएटर्स के लिए मार्केटिंग करने वाले एक नए X अकाउंट के अनुसार, US और चीनी साइटों पर कंटेंट एक जैसा होगा। क्रिएटर्स के साथ शेयर किए गए एक पिच डॉक्यूमेंट में बिलीबिली के ऑडियंस को GEN-Z वाले, अच्छी तरह पढ़े-लिखे लोगों के तौर पर बताया गया है।
ब्रांड पार्टनरशिप के लिए एक मार्केटप्लेस भी तैयार किया जा रहा है। कंपनी लॉस एंजिल्स, लंदन, मैक्सिको सिटी, साओ पाउलो, इस्तांबुल और टोक्यो में कम्युनिटी मैनेजर भी हायर कर रही है। फिलहाल भारत के किसी शहर का इसमें जिक्र नहीं है।
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हालांकि भारत में अभी इसका ऐप न तो गूगल प्ले स्टोर पर है और न ही एपल ऐप स्टोर पर। फिर भी भारतीय एंड्रॉइड यूजर्स इसकी वेबसाइट को बिना किसी VPN के सीधे ब्राउजर के जरिए खोल सकते हैं।
चीन की बिलीबिली ऐप अब ग्लोबल लेवल पर लॉन्च होने जा रही है। यह ऐप एक लोकप्रिय वीडियो-स्ट्रीमिंग और कम्युनिटी प्लेटफॉर्म है, जो एनीमे, गेमिंग और यूजर जनरेटेड कंटेंट पर केंद्रित है।
यानी जिस तरह Google का YouTube यूजर कंटेंट पर चलता है, उसी तरह Bilibili भी काम करता है। यह ऐप अब YouTube को टक्कर देने की पूरी तैयारी कर चुका है और दुनियाभर के यूजर्स के लिए उपलब्ध कराए जाने के लिए तैयार है।
कंपनी ने की ग्लोबल लॉन्च की घोषणा
बिलीबिली एक इंग्लिश भाषा वाली साइट लाने की योजना बना रही है। इसके नए इंटरनेशनल ऐप से पहचान वेरिफाई करने की अनिवार्यता हटा दी गई है। ऐप पर अकाउंट बनाने के लिए अब पासपोर्ट या ID डॉक्यूमेंट्स की जरूरत नहीं पड़ेगी।
We've just launched the intl app globally (currently on Android, iOS coming soon; and more countries coming soon)
Globally distributed content, better localization & easier sign ups with no identity verification...and more localization optimization and features to come!… pic.twitter.com/5H7maZSMQh
— bilibili Creator Hub (@bilibili_create) August 19, 2026
भारत में अभी उपलब्ध है ऐप?
हालांकि वेबसाइट का इंटरफेस मुख्य रूप से चीनी भाषा में है। ऐसे में गूगल क्रोम के ट्रांसलेशन फीचर या किसी ब्राउजर ट्रांसलेशन एक्सटेंशन की मदद से इसे अंग्रेजी में समझा जा सकता है।
कई भाषाओं में उपलब्ध है इंटरनेशनल वर्जन
खुद का सैटेलाइट रखने वाला अनोखा प्लेटफॉर्म
बिना अकाउंट भी देख सकते हैं वीडियो
प्लेटफॉर्म प्रीमियम मेंबरशिप का विकल्प भी देता है, जिसके तहत यूजर्स को प्रीमियम कंटेंट के साथ 4K अल्ट्रा एचडी स्ट्रीमिंग जैसी अतिरिक्त सुविधाएं मिलती हैं। प्रीमियम मेंबरशिप की शुरुआती कीमत पहले महीने के लिए 15 युआन बताई गई है।
YouTube से कितनी अलग है बिलिबिली की दुनिया
बताया जा रहा है कि कंपनी के कंटेंट पर चीन में कड़े नियमन और निगरानी का असर भी दिखाई देता है, इसलिए भारतीय यूजर्स को कंटेंट इस्तेमाल करते समय इसका ध्यान रखना चाहिए।
ग्लोबल क्रिएटर्स को लुभाने की तैयारी
ब्रांड पार्टनरशिप के लिए एक मार्केटप्लेस भी तैयार किया जा रहा है। कंपनी लॉस एंजिल्स, लंदन, मैक्सिको सिटी, साओ पाउलो, इस्तांबुल और टोक्यो में कम्युनिटी मैनेजर भी हायर कर रही है। फिलहाल भारत के किसी शहर का इसमें जिक्र नहीं है।
ये भी पढ़ें...
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जेन जी आंदोलन के बाद हर एक मिनट में सरकार ने बंद कराया सोशल मीडिया
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