राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता का मामला फिर चर्चा में? HC ने क्या कहा
Dr Rameshwar Dayal | Nov 28, 2024, 17:39 IST
Case of dual citizenship of Congress MP Rahul Gandhi
इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाए हैं कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के पास ब्रिटेन की नागरिकता भी है, लिहाजा उनकी भारतीय नागरिकता रद्द की जाए। कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
अपने ‘काम-काज’ से हमेशा चर्चा में रहने वाले गांधी परिवार के लाड़ले और कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक बार फिर से चर्चा में है। इस बार मसला विवादास्पद है। इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में एक जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाए हैं कि राहुल गांधी के पास ब्रिटेन की नागरिकता भी है, लिहाजा उनकी भारतीय नागरिकता रद्द की जाए। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार को तलब कर लिया है, जिसका कहना है कि इस मामले पर कार्रवाई 'प्रोसेस में है।
कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि 19 दिसंबर तक इस मामले पर अंतिम निर्णय लेकर उसे स्टेटस रिपोर्ट दे। इस मामले की अगली सुनवाई 19 दिसंबर को होगी। सवाल यह है कि राहुल के पास दोहरी नागरिकता पाई गई तो उनकी भारतीय नागरिकता छिन सकती है? इस मामले में नियम साफ है। वैसे राहुल की नागरिकता का मामला पहले भी सुप्रीम कोर्ट में उठ चुका है। आइए इस विवादित व रोचक मसले की आपको विस्तार से जानकारी देते हैं।
कर्नाटक के बीजेपी कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने पिछले दिनों इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी। उनका आरोप है कि राहुल गांधी के पास ब्रिटेन की भी नागरिकता है। कार्यकर्ता का दावा है कि उसने गहन जांच और गोपनीय जानकारी के हवाले जानकारी हासिल की है कि राहुल के पास ब्रिटिश नागरिकता (British citizenship) है। उन्होंने इस मामले की जांच सीबीआई (CBI) से कराने की भी मांग की है। इस मामले में हाल ही में कोर्ट में सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा था। वहां से केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जवाब दिया कि इस मामले पर कार्रवाई 'प्रोसेस में है' और यह 'एक्टिव कंसीडरेशन' (जल्द नतीजा) में है। गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि व भारत सरकार के डिप्टी सॉलिसिटर जनरल सूर्यभान पांडे ने कोर्ट को यह जानकारी दी थी।
इस मामले में याचिकाकर्ता विग्नेश का कहना है कि 4 अक्टूबर 2024 को केंद्र सरकार ने एक पत्र के माध्यम से स्टे्टस रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें यह साफतौर पर कहा गया था कि राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता रद्द करने पर विचार किया जा रहा है। इसके बाद, न्यायालय ने भारत सरकार को निर्देश दिया कि 19 दिसंबर तक इस मामले पर अंतिम निर्णय लिया जाए और उस समय तक अदालत को स्थिति रिपोर्ट दी जाए। उसका कहना है कि मुझे इस मामले में काफी उम्मीद है कि सरकार राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता (Indian citizenship) रद्द कर देगी। हमें ब्रिटिश सरकार से सीधे जानकारी मिली है कि राहुल गांधी का नाम उनके नागरिकता रिकॉर्ड में है। इससे जुड़े दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किए हैं। इसके अलावा, कुछ गोपनीय सबूत भी हैं, जिन्हें अदालत में पेश किया जा चुका है।
बीजेपी के राज्यसभा सांसद रहे सुब्रमण्यम स्वामी ने भी कुछ साल पहले सुप्रीम कोर्ट में इसी तरह की याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि राहुल गांधी ब्रिटेन में रजिस्टर्ड बैकऑप्स लिमिटेड नाम की कंपनी के निदेशक और सचिव पद पर रहे हैं। कंपनी के 10 अक्टूबर 2005 से 31 अक्टूबर 2006 तक के सालाना रिटर्न में राहुल की राष्ट्रीयता ब्रिटिश और जन्मतिथि 19 जून 1970 बताई। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अनुरोध किया था कि राहुल की नागरिकता के मामले पर गृह मंत्रालय को जल्द जांच के निर्देश दिए जाएं। स्वामी का कहना था कि यह संविधान के अनुच्छेद 9 और भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 का उल्लंघन है। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था कि अगर कोई कंपनी किसी फॉर्म में राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक बताती है तो इसका मतलब यह नहीं कि वह ब्रिटेन के नागरिक हो गए।
दोहरी या बहु नागरिकता का मतलब एक व्यक्ति के पास एक ही समय में दो या इससे अधिक देशों के नागरिकता होना है। दोहरी नागरिकता वाले व्यक्ति को दोनों देश का पासपोर्ट रखने, अन्य नागरिकों के समान कानूनी और सामाजिक अधिकारों का लाभ लेने, दोनों देशों की राजनीतिक प्रक्रियाओं में भाग लेने और वीजा छूट प्राप्त करने जैसी कई सुविधाएं मिलती हैं। इसे लेकर सभी देशों में अलग-अलग नियम हैं। लेकिन भारत में दोहरी नागरिकता का प्रावधान नहीं है।
अगर कोई भारतीय नागरिक अपनी इच्छा से दूसरे देश की नागरिकता लेता है तो उससे भारतीय नागरिकता छीनी जा सकती है। वैसे विदेशों में रहने वाले विदेशी भारतीयों को भारत की ओर से नागरिकता दी जाती है। वह पाकिस्तान व बांग्लादेश को छोड़कर 16 देशों के भारतीय मूल के व्यक्तियों को विदेशी भारतीय नागरिकता प्रदान करता है। इसके तहत पात्र लोगों को विदेशी भारतीय नागरिक कार्ड जारी किया जाता है। इस कार्डधारक को भारत का आजीवन वीजा, भारत में रहने के दौरान पुलिस अधिकारियों को रिपोर्ट न करने की छूट और कृषि या बागान संपत्ति को छोड़कर वित्तीय, आर्थिक और शैक्षिक क्षेत्रों में अनिवासी भारतीयों (NRI) जैसे अधिकार दिए जाते हैं।
कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि 19 दिसंबर तक इस मामले पर अंतिम निर्णय लेकर उसे स्टेटस रिपोर्ट दे। इस मामले की अगली सुनवाई 19 दिसंबर को होगी। सवाल यह है कि राहुल के पास दोहरी नागरिकता पाई गई तो उनकी भारतीय नागरिकता छिन सकती है? इस मामले में नियम साफ है। वैसे राहुल की नागरिकता का मामला पहले भी सुप्रीम कोर्ट में उठ चुका है। आइए इस विवादित व रोचक मसले की आपको विस्तार से जानकारी देते हैं।
कोर्ट में कैसे पहुंचा मामला
याचिका में क्या-क्या कहा गया
इसलिए नागरिकता रद्द कराना चाहता है याचिकाकर्ता
याचिकाकर्ता विग्नेश का कहना है कि उसे इस मामले में काफी उम्मीद है कि भारत सरकार राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता को जल्द ही रद्द कर देगी, क्योंकि इस बार ब्रिटिश सरकार से सीधे संवाद हुआ है, इसमें यह पुष्टि की गई है कि राहुल गांधी का नाम ब्रिटेन के नागरिकता रिकॉर्ड में दर्ज है। हमने यह दस्तावेज इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सामने प्रस्तुत किए हैं। उनका कहना है कि भारत में कोई भी कानून दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता है। अगर कोई व्यक्ति किसी अन्य देश की नागरिकता प्राप्त करता है, तो भारतीय नागरिकता रद्द हो जाती है। भारतीय संविधान और 1955 के नागरिकता कानून के तहत यह स्पष्ट है कि यदि किसी व्यक्ति ने किसी दूसरे देश की नागरिकता ली, तो उसकी भारतीय नागरिकता रद्द हो जाएगी।
खारिज हो चुकी है सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका
‘विदेशी भारतीयों’ को मिल सकती है नागरिकता
अगर कोई भारतीय नागरिक अपनी इच्छा से दूसरे देश की नागरिकता लेता है तो उससे भारतीय नागरिकता छीनी जा सकती है। वैसे विदेशों में रहने वाले विदेशी भारतीयों को भारत की ओर से नागरिकता दी जाती है। वह पाकिस्तान व बांग्लादेश को छोड़कर 16 देशों के भारतीय मूल के व्यक्तियों को विदेशी भारतीय नागरिकता प्रदान करता है। इसके तहत पात्र लोगों को विदेशी भारतीय नागरिक कार्ड जारी किया जाता है। इस कार्डधारक को भारत का आजीवन वीजा, भारत में रहने के दौरान पुलिस अधिकारियों को रिपोर्ट न करने की छूट और कृषि या बागान संपत्ति को छोड़कर वित्तीय, आर्थिक और शैक्षिक क्षेत्रों में अनिवासी भारतीयों (NRI) जैसे अधिकार दिए जाते हैं।
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