Cash for query case: महुआ मोइत्रा केस की होगी CBI जांच, जानें मामला
Jitendra Shrivastava | Mar 19, 2024, 23:13 IST
महुआ मोइत्रा केस की होगी CBI जांच।
BJP सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया था कि महुआ ने लोकसभा में पैसे लेकर सवाल पूछे हैं। निशिकांत ने इसकी शिकायत लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से की थी। मामले की जांच के लिए एथिक्स कमेटी बनाई गई थी।
BHOPAL. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने मंगलवार 19 मार्च को महुआ मोइत्रा को लेकर X पर पोस्ट किया। निशिकांत ने लिखा कि आज मेरी शिकायत को सही मानते हुए लोकपाल ने कैश फॉर क्वेरी केस (cash for query case) में महुआ मोइत्रा के खिलाफ CBI को जांच करने का आदेश दिया। चंद पैसों के लिए तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद ने हीरानंदानी के साथ भ्रष्टाचार और देश की सुरक्षा को गिरवी रखा।
TMC नेता महुआ मोइत्रा की कैश फॉर क्वेरी केस में 8 दिसंबर को सांसदी चली गई थी। महुआ ने निष्कासन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। TMC नेता महुआ मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछने के बदले पैसे लेने (कैश फॉर क्वेरी) के केस में सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट मई में इस केस की सुनवाई करेगा। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने 11 मार्च को हुई सुनवाई में ये बात कही थी। इससे पहले 3 जनवरी को जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच में सुनवाई हुई थी। तब कोर्ट ने लोकसभा सचिवालय से जवाब मांगा था।
लोकसभा महासचिव की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से गुहार लगाई थी कि किसी संस्था के अनुशासन के अंदरूनी मामले में दखल न दिया जाए। BJP सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया था कि महुआ ने लोकसभा में पैसे लेकर सवाल पूछे हैं। निशिकांत ने इसकी शिकायत लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से की थी। मामले की जांच के लिए एथिक्स कमेटी बनाई गई थी।
एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट में महुआ को दोषी माना गया था, जिसके बाद महुआ के निष्कासन का प्रस्ताव 8 दिसंबर 2023 को लोकसभा में पेश हुआ था। महुआ के निष्कासन पर लोकसभा में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई थी। आखिर में प्रस्ताव पर वोटिंग हुई, जिसमें विपक्ष ने वॉकआउट किया था। वोटिंग में महुआ को लोकसभा से निष्कासित करने का प्रस्ताव पास हो गया।
सत्यमेव जयते
आज मेरे शिकायत को सही मानते हुए लोकपाल ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ CBI को जॉंच करने का आदेश दिया । यानि चंद पैसों के लिए तृणमूल कॉंग्रेस की पूर्व सांसद ने हीरानंदानी के साथ भ्रष्टाचार व देश की सुरक्षा को गिरवी रखा। जय शिव pic.twitter.com/hzxHpqN1Mr
— Dr Nishikant Dubey(Modi Ka Parivar) (@nishikant_dubey) March 19, 2024
सुप्रीम कोर्ट मई में करेगा सुनवाई
TMC नेता महुआ मोइत्रा की कैश फॉर क्वेरी केस में 8 दिसंबर को सांसदी चली गई थी। महुआ ने निष्कासन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। TMC नेता महुआ मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछने के बदले पैसे लेने (कैश फॉर क्वेरी) के केस में सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट मई में इस केस की सुनवाई करेगा। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने 11 मार्च को हुई सुनवाई में ये बात कही थी। इससे पहले 3 जनवरी को जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच में सुनवाई हुई थी। तब कोर्ट ने लोकसभा सचिवालय से जवाब मांगा था।
BJP सांसद के आरोप पर बनाई थी एथिक्स कमेटी
लोकसभा महासचिव की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से गुहार लगाई थी कि किसी संस्था के अनुशासन के अंदरूनी मामले में दखल न दिया जाए। BJP सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया था कि महुआ ने लोकसभा में पैसे लेकर सवाल पूछे हैं। निशिकांत ने इसकी शिकायत लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से की थी। मामले की जांच के लिए एथिक्स कमेटी बनाई गई थी।
8 दिसंबर को आया था निष्कासन का प्रस्ताव
एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट में महुआ को दोषी माना गया था, जिसके बाद महुआ के निष्कासन का प्रस्ताव 8 दिसंबर 2023 को लोकसभा में पेश हुआ था। महुआ के निष्कासन पर लोकसभा में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई थी। आखिर में प्रस्ताव पर वोटिंग हुई, जिसमें विपक्ष ने वॉकआउट किया था। वोटिंग में महुआ को लोकसभा से निष्कासित करने का प्रस्ताव पास हो गया।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari