पहले CJI से मांगा इस्तीफा, अब कांग्रेस मांग रही माफी! सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- दिल से पछतावा है या सिर्फ कागजी?

Sandeep Kumar | Nov 06, 2026, 19:22 IST
Share
सीजेआई सूर्यकांत पर पोस्ट से बवाल, केरल कांग्रेस ने मांगी बिना शर्त माफी
सीजेआई सूर्यकांत पर पोस्ट से बवाल, केरल कांग्रेस ने मांगी बिना शर्त माफी

सुप्रीम कोर्ट के चीफ (CJI) सूर्यकांत के खिलाफ सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने के मामले में केरल कांग्रेस ने कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है। हालांकि, अदालत ने अभी इस माफी को स्वीकार नहीं किया है। सुप्रीम कोर्ट ने केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के सभी पदाधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वह यह जांचेगा कि माफी सिर्फ कागज पर है या दिल से मांगी गई है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल यह मामला 12 अक्टूबर को केरल कांग्रेस के आधिकारिक X हैंडल पर किए गए एक पोस्ट से जुड़ा है। इस पोस्ट में CJI सूर्यकांत से इस्तीफा देने की मांग की गई थी। पोस्ट में लिखा गया था कि अगर कानून-व्यवस्था संभालना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। उनकी जगह किसी दूसरे व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जा सकती है। इस पोस्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई। विवाद बढ़ने पर कांग्रेस ने पोस्ट हटा दी और अगले दिन प्रेस विज्ञप्ति जारी कर माफी मांगी। पार्टी ने यह भी कहा कि पोस्ट उसकी आधिकारिक नीति नहीं थी और इसे पदाधिकारियों की मंजूरी के बिना किया गया था।

ये पोस्ट किया था कांग्रेस ने

विवादित पोस्ट के बाद कांग्रेस का माफीनामा
विवादित पोस्ट के बाद कांग्रेस का माफीनामा

KPCC के सभी पदाधिकारियों को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने की। अदालत ने केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी पदाधिकारियों को Show Cause Notice जारी किया है। कोर्ट ने उनसे पूछा है कि संविधान के अनुच्छेद 139 के तहत उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जानी चाहिए। कांग्रेस की ओर से पेश वकील ने कहा कि पार्टी इस मामले में हलफनामा दाखिल करेगी। इस पर पीठ ने स्पष्ट किया कि नोटिस किसी एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी पदाधिकारियों को दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट की जंतर-मंतर प्रदर्शन पर सख्त टिप्पणी: विरोध का अधिकार है, पर हमेशा कब्जे का नहीं | Supreme Court's strict comment on Jantar Mantar protest: Right to protest exists, but not perpetual occupation
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त: CJI बोले- विरोध का अधिकार है, लेकिन हमेशा कब्जे का नहीं
03 Nov 2026 ,
By Amresh Kushwaha
दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन, पुलिस की कार्रवाई और व्यापारियों को हो रहे नुकसान से जुड़े मामलों पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान चीफ जस्टिस (CJI) ने कहा कि सभी को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन कोई भी व्यक्ति या संगठन किसी प्रदर्शन स्थल पर हमेशा के लिए कब्जा नहीं कर सकता।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन, पुलिस की कार्रवाई और व्यापारियों को हो रहे नुकसान से जुड़े मामलों पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान चीफ जस्टिस (CJI) ने कहा कि सभी को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन कोई भी व्यक्ति या संगठन किसी प्रदर्शन स्थल पर हमेशा के लिए कब्जा नहीं कर सकता।

माफी पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

कांग्रेस की ओर से अदालत में बिना शर्त माफी मांगी गई। वकील ने बताया कि विवादित पोस्ट अगले ही दिन हटा दी गई थी और इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई थी। हालांकि, कोर्ट ने माफी को तुरंत स्वीकार नहीं किया। पीठ ने कहा, 'हम देखेंगे कि आपका हलफनामा आपकी कलम से आया है या आपके दिल से।'अदालत के इस बयान का मतलब है कि वह सिर्फ लिखित माफी के आधार पर फैसला नहीं करेगी, बल्कि यह भी देखेगी कि कांग्रेस अपनी गलती को लेकर कितनी गंभीर है।

पुलिस अफसर बनकर ठगी: रिटायर्ड अधिकारी से 23 दिन में 69 लाख की ठगी, डिजिटल अरेस्ट का मामला गरमाया | Police Officer Impersonation Scam: Retired Officer Defrauded of 69 Lakhs in 23 Days, Digital Arrest Case Gains Traction
मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर एमपी के रिटायर्ड अफसर से 69 लाख की ठगी, 23 दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट, ऐसे खुला मामला
31 Oct 2026 ,
By Arohi Raj
मध्य प्रदेश के विदिशा में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर रिटायर्ड अधिकारी को निशाना बनाया है। उन्हें 23 दिनों तक आरोपियों ने डिजिटल अरेस्ट में रखा। इस दौरान 69.27 लाख रुपए ट्रांसफर कराए गए। आरोप है कि स्कैमरों ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी थी। इसके बाद उनसे पैसे ठगते चले गए।
मध्य प्रदेश के विदिशा में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर रिटायर्ड अधिकारी को निशाना बनाया है। उन्हें 23 दिनों तक आरोपियों ने डिजिटल अरेस्ट में रखा। इस दौरान 69.27 लाख रुपए ट्रांसफर कराए गए। आरोप है कि स्कैमरों ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी थी। इसके बाद उनसे पैसे ठगते चले गए।

पोस्ट में CJI से इस्तीफा देने की मांग

केरल कांग्रेस के आधिकारिक X हैंडल पर किए गए पोस्ट में CJI सूर्यकांत को संबोधित करते हुए लिखा गया था कि अगर कानून-व्यवस्था संभालना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। पोस्ट में यह भी कहा गया था कि उनकी जगह किसी दूसरे व्यक्ति को ढूंढ लिया जाएगा। इस मामले में जिंदल ने केरल कांग्रेस के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई की मांग की थी। विवाद के बाद कांग्रेस नेता जोसेफ ने कहा कि पोस्ट में की गई टिप्पणी पार्टी की आधिकारिक नीति या अधिकृत रुख नहीं थी। उन्होंने CJI सूर्यकांत से बिना शर्त माफी भी मांगी। साथ ही बताया कि पोस्ट के लिए जिम्मेदार विजय थोट्टाथिल को पद से हटा दिया गया है।

विपक्ष का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च: राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत 11 नेताओं ने दायर की याचिका | Opposition's March to Supreme Court: 11 Leaders Including Rahul Gandhi, Akhilesh Yadav Filed Petition
राहुल गांधी की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विपक्ष, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 11 नेता बने याचिकाकर्ता
13 Oct 2026 ,
By Arohi Raj
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने याचिका दायर की है। बता दें याचिका दायर करने से पहले विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने इस मार्च का नेतृत्व किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थक, छात्र संगठन और वकील भी इसमें शामिल हुए थे।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने याचिका दायर की है। बता दें याचिका दायर करने से पहले विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने इस मार्च का नेतृत्व किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थक, छात्र संगठन और वकील भी इसमें शामिल हुए थे।

INDIA गठबंधन के मार्च से शुरू हुआ विवाद

इस पूरे विवाद की शुरुआत नई दिल्ली में विपक्षी गठबंधन INDIA के मार्च के दौरान हुई थी। विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान विपक्षी नेताओं ने CJI सूर्यकांत से मिलने की कोशिश की थी। बताया गया कि प्रधान न्यायाधीश ने कानूनी बाध्यताओं का हवाला देते हुए उनसे मिलने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद केरल कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल से विवादित पोस्ट किया गया। अब सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को अपना जवाब देना होगा। अदालत माफी के जवाब और उसकी गंभीरता की जांच करने के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी।
Tags:
  • केरल कांग्रेस माफी
  • जस्टिस अरविंद कुमार
  • जस्टिस विपुल एम. पंचोली
  • सीजेआई सूर्यकांत
  • सुप्रीम कोर्ट
  • केरल कांग्रेस
  • CJI Surya Kant
  • इंडिया गठबंधन
  • Supreme Court Bar Association
इंदौर–देवास बायपास की बदहाली पर हाईकोर्ट ने NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को किया तलब

By Sanjay Gupta

इंदौर–देवास बायपास की बदहाली पर हाईकोर्ट ने NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को किया तलब
गहलोत बोले- मैं नहीं सीएम भजनलाल तिलमिला गए हैं, तिलमिलाहट में मुझ पर बेबुनियाद आरोप लगाए

By Mukesh Sharma

गहलोत बोले- मैं नहीं सीएम भजनलाल तिलमिला गए हैं, तिलमिलाहट में मुझ पर बेबुनियाद आरोप लगाए
जयपुर में 45 टंकियां तैयार, 2342 किलोमीटर पाइपलाइन बिछी, फिर भी तीन लाख लोगों को बीसलपुर के पानी का इंतजार

By Raghvendra Singh Rathore

जयपुर में 45 टंकियां तैयार, 2342 किलोमीटर पाइपलाइन बिछी, फिर भी तीन लाख लोगों को बीसलपुर के पानी का इंतजार
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बढ़ीं PG की 33 सीटें, रायपुर में सबसे ज्यादा 19 का इजाफा, अब 298 सीटों पर मिलेगा दाखिला

By VINAY VERMA

सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बढ़ीं PG की 33 सीटें, रायपुर में सबसे ज्यादा 19 का इजाफा, अब 298 सीटों पर मिलेगा दाखिला
फीस में बीमा के 100 रुपए तय, लेकिन क्लेम का हिसाब अधूरा, राजस्थान यूनिवर्सिटी के 24,900 छात्रों की सुरक्षा की पड़ताल

By Raghvendra Singh Rathore

फीस में बीमा के 100 रुपए तय, लेकिन क्लेम का हिसाब अधूरा, राजस्थान यूनिवर्सिटी के 24,900 छात्रों की सुरक्षा की पड़ताल
बिना TET अब नहीं चलेगी शिक्षक की नौकरी, छत्तीसगढ़ में 5 साल से ज्यादा सेवा बाकी तो परीक्षा पास करना जरूरी

By VINAY VERMA

बिना TET अब नहीं चलेगी शिक्षक की नौकरी, छत्तीसगढ़ में 5 साल से ज्यादा सेवा बाकी तो परीक्षा पास करना जरूरी
अखिलेश ने किया बागेश्वर धाम की कथा का विरोध तो भड़के राजा भैया के समर्थक, बोले- मां का दूध पिया है तो रोककर दिखाओ

By Sandeep Kumar

अखिलेश ने किया बागेश्वर धाम की कथा का विरोध तो भड़के राजा भैया के समर्थक, बोले- मां का दूध पिया है तो रोककर दिखाओ