दल-बदल पर ADR की रिपोर्ट, जानें 2014 से 2021 के बीच किस पार्टी में गए कितने नेता?
Arohi Raj | Sootr Creatives | Sept 26, 2026, 14:48 IST
दल बदलने के बाद दूसरी पार्टी चुनने का आंकड़ा भी सामने आया है।कुल 500 सांसद-विधायकों में 173 भाजपा में शामिल हुए थे।
भारतीय राजनीति में 2014 से 2021 के बीच दल-बदल के कई मामले सामने आए हैं। इस दौरान कई सांसदों, विधायकों और उम्मीदवारों ने पार्टियां बदली हैं। ADR ने नेशनल इलेक्शन वॉच के साथ मिलकर चुनावी हलफनामों के आधार पर इसका विश्लेषण किया है। रिपोर्ट में 500 सांसदों-विधायकों और 1,133 उम्मीदवारों को शामिल किया गया। आंकड़ों में कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं की संख्या सबसे ज्यादा रही है।
दल-बदल का पूरा मामला क्या है?
ADR ने किन आंकड़ों का किया अध्ययन?
ये संख्या अध्ययन में शामिल कुल सांसद-विधायकों का 35 प्रतिशत थी। इसके मुकाबले भाजपा से 33 सांसद-विधायक दूसरी पार्टियों में गए हैं। यानी 2014 से 2021 के बीच भाजपा छोड़ने वाले नेताओं की संख्या कम थी। उम्मीदवारों के मामले में भी कांग्रेस पार्टी छोड़ने वाले नेता ज्यादा रहे हैं। कुल 222 उम्मीदवारों ने इस अवधि में कांग्रेस पार्टी छोड़ा है। इसके बाद बहुजन समाज पार्टी का आंकड़ा 153 उम्मीदवारों का रहा है।
सबसे ज्यादा नेता भाजपा में शामिल हुए
उम्मीदवारों ने भी बदलीं राजनीतिक पार्टियां
दल बदलने वाले नेताओं में कितने करोड़पति थे?
कुल 1,133 उम्मीदवारों में 706 करोड़पति उम्मीदवार शामिल थे। यह संख्या कुल उम्मीदवारों का करीब 62 प्रतिशत हिस्सा थी। ये संपत्ति के आंकड़े चुनावी हलफनामों में घोषित किए गए थे। नेताओं और उम्मीदवारों ने चुनाव आयोग को ये जानकारी दी थी।
रिपोर्ट से क्या पता चलता है?
- दल-बदल का क्या अर्थ है और यह भारतीय राजनीति में क्यों होता है?
दल-बदल का अर्थ है राजनीतिक नेताओं का अपनी पार्टी से दूसरी पार्टी में स्विच करना। यह भारतीय राजनीति में एक सामान्य प्रथा है, जहां नेता विभिन्न कारणों से जैसे चुनावी रणनीति, हार या जीत के बाद दल बदलते हैं। - 2014 से 2021 के बीच
दल-बदल के आंकड़े क्या बताते हैं?
2014 से 2021 के बीच, कांग्रेस के 177 सांसद-विधायकों ने पार्टी छोड़ी, जो कुल सांसद-विधायकों का 35 प्रतिशत है। इस दौरान भाजपा के 33 सांसद-विधायकों ने दल बदला। - कितने दल-बदलने वाले नेता करोड़पति थे?
ADR की रिपोर्ट के अनुसार, 500 सांसद-विधायकों में से 419 यानि लगभग 84 प्रतिशत नेता करोड़पति थे। उम्मीदवारों के मामले में भी लगभग 62 प्रतिशत यानि 706 उम्मीदवार करोड़पति थे।
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