दिल्ली सरकार का बड़ा आदेश, अपनी बैठक में DM-ADM को नहीं बुला सकेंगे मंत्री-विधायक
Rohit Sahu | Jul 17, 2025, 14:12 IST
cm rekha gupta
दिल्ली सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्री और विधायक अब अपनी बैठक में कलेक्टर, एडीएम और एसडीएम जैसे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को सीधे नहीं बुला सकेंगे।
दिल्ली सरकार ने प्रशासनिक समन्वय और कार्य कुशलता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक नया आदेश जारी किया है। आदेश के तहत अब राज्य के मंत्री और विधायक अपनी बैठकों में जिलाधिकारी (DM), अपर जिलाधिकारी (ADM) और उपजिलाधिकारी (SDM) को नहीं बुला सकेंगे। इन अधिकारियों को बैठक में शामिल कराने के लिए संबंधित मंत्री या विधायक को पहले मुख्य सचिव से कम से कम 48 घंटे पहले लिखित अनुमति लेनी होगी।
राजस्व विभाग द्वारा जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इसका उद्देश्य अधिकारियों के दुरुपयोग को रोकना और उनकी दक्षता को सुनिश्चित करना है।
आदेश के अनुसार, बार-बार बुलाए जाने से अधिकारियों के प्रमुख कार्यों जैसे आपदा प्रबंधन, जन सेवाएं, कानून-व्यवस्था और जमीन से जुड़े प्रशासनिक कार्यों में देरी हो रही है।
इसके अलावा, कई बार अधिकारियों को बिना एजेंडा या अस्पष्ट विषयों पर चर्चाओं के लिए बुलाया जाता है, जिससे उनकी कार्य योजनाएं बाधित होती हैं और जनता से जुड़ी सेवाएं प्रभावित होती हैं।
हालांकि आदेश के पीछे प्रशासनिक सुधार का उद्देश्य बताया गया है, लेकिन यह फैसला राजनीतिक रूप से संवेदनशील भी माना जा रहा है। कुछ विधायक इसे अपने अधिकारों में कटौती के तौर पर देख सकते हैं, जबकि अधिकारी वर्ग ने इस कदम का स्वागत किया है।
विधायकों के एक वर्ग ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि इस आदेश से जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच संवाद की प्रक्रिया कमजोर हो सकती है, जबकि कुछ अन्य नेताओं ने कहा कि इस निर्णय से अधिकारियों को जन मुद्दों से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
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दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता | cm rekha gupta | rekha gupta delhrekha gupta delhi
बैठकों में अफसरों को बुलाने से व्यवस्था बिगड़ रही
राजस्व मंत्री की मंजूरी के बाद राजस्व विभाग के सचिव द्वारा जारी किए गए इस आदेश ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि अफसरों को अनावश्यक और बार-बार बैठकों में बुलाने की प्रवृत्ति से व्यवस्था बिगड़ रही है। ऐसी बैठकों से न केवल उनके मुख्य कार्यों में बाधा बन रही है, बल्कि इससे शासन व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
आदेश की प्रमुख बातें
- कोई भी मंत्री या विधायक अब DM,ADM या SDM जैसे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को सीधे बैठक के लिए आमंत्रित नहीं कर सकेगा।
- ऐसी किसी भी बैठक के लिए पहले मुख्य सचिव से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
- यह अनुमति बैठक से कम से कम 48 घंटे पहले लेनी होगी और बैठक का उद्देश्य स्पष्ट और आवश्यक होना चाहिए।
- मुख्य सचिव केवल उन्हीं बैठकों की अनुमति देंगे, जो प्रशासनिक दृष्टिकोण से अत्यंत आवश्यक मानी जाएंगी।
राज्य सरकार के आदेश की ये है वजह
आदेश के अनुसार, बार-बार बुलाए जाने से अधिकारियों के प्रमुख कार्यों जैसे आपदा प्रबंधन, जन सेवाएं, कानून-व्यवस्था और जमीन से जुड़े प्रशासनिक कार्यों में देरी हो रही है।
इसके अलावा, कई बार अधिकारियों को बिना एजेंडा या अस्पष्ट विषयों पर चर्चाओं के लिए बुलाया जाता है, जिससे उनकी कार्य योजनाएं बाधित होती हैं और जनता से जुड़ी सेवाएं प्रभावित होती हैं।
सरकार के आदेश से मची हलचल
आदेश से कुछ मंत्री विधायक नाराज
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