SIR पर घिरा चुनाव आयोग अब डिजिटल मोड में, ECINET से जनता तक सीधी पहुंच

Sandeep Kumar | Jul 19, 2026, 23:52 IST
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SIR पर घिरा आयोग अब डिजिटल मोड में
SIR पर घिरा आयोग अब डिजिटल मोड में

SIR को लेकर राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। कुछ महीने बाद आयोग ने अपनी छवि सुधारने का अभियान शुरू किया। इसके तहत नया डिजिटल प्लेटफॉर्म पेश किया गया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • एसआईआर विवाद के बाद चुनाव आयोग ने भरोसा बहाल करने का अभियान शुरू किया।
  • पहला राष्ट्रव्यापी मीडिया सम्मेलन आयोजित किया गया, 350 पत्रकार शामिल।
  • ECINET नामक डिजिटल प्लेटफॉर्म पेश किया गया।
  • मतदाता सेवाओं और जानकारी को एक जगह उपलब्ध कराया जाएगा।
  • स्कूल-कॉलेजों में मतदाता जागरूकता क्लब फिर से सक्रिय किए जाएंगे।

क्या है SIR विवाद

विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों ने आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को वोटर लिस्ट से हटाया जा रहा है। चुनाव आयोग ने आरोपों को बार-बार खारिज किया है। आयोग ने कहा कि सूची में संशोधन कानूनी ढांचे में किया जाता है। हर मतदाता के पास नाम बहाल कराने के वैधानिक अवसर मौजूद हैं।

भरोसा बहाल करने की कोशिश

SIR पर हुए विवाद के कुछ महीनों बाद चुनाव आयोग अब बेहतर छवि बनाने के लिए अभियान चला रहा है। इसी के तहत आयोग ने अपना पहला राष्ट्रव्यापी मीडिया सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें 350 से ज्यादा पत्रकारों ने हिस्सा लिया। आयोग के इस पूरे प्रयास के केंद्र में तीन बातें हैं, युवा मतदाताओं के बीच जागरूकता बढ़ाना, मीडिया से सीधे जुड़कर पारदर्शिता बढ़ाना और तकनीक के जरिए चुनाव प्रक्रिया को ज्यादा सुलभ व जवाबदेह बनाना।

मतदाता जागरूकता क्लब लौटेंगे

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि स्कूल-कॉलेजों में मतदाता जागरूकता क्लबों को फिर से सक्रिय किया जाएगा। इनका मकसद पहली बार वोट डालने वाले युवाओं को चुनावी प्रक्रिया, संवैधानिक मूल्यों और लोकतंत्र में सूचित भागीदारी से परिचित कराना है। यह कार्यक्रम कई साल पहले शुरू हुआ था और क्विज, नकली चुनाव, बहस और मतदाता पंजीकरण अभियान जैसी गतिविधियों के जरिए साथियों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए बनाया गया था।

आयोग के अधिकारियों ने यह भी स्वीकार किया कि युवाओं की चुनावी भागीदारी अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। इसी वजह से अब कोशिश यह है कि छात्रों के पहली बार मतदाता बनने से बहुत पहले ही उनमें चुनावी जागरूकता पैदा कर दी जाए।

ECINET क्या है ?

चुनाव आयोग ने ECINET नाम के एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म की जानकारी दी। यह एक ही मोबाइल और वेब इंटरफेस पर मतदाता से जुड़ी तमाम सेवाओं को साथ लाता है। अधिकारियों ने इसे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए वन-स्टॉप डिजिटल समाधान बताया है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिक सीधे चुनाव आयोग से जुड़ सकते हैं।

एक पोर्टल पर सभी सेवाएं

ECINET के जरिए मतदाता पंजीकरण किया जा सकता है। मतदाता सूची की प्रविष्टियों में सुधार या विलोपन के लिए आवेदन दिया जा सकता है और उस आवेदन को ट्रैक भी किया जा सकता है। डिजिटल मतदाता पहचान पत्र, ई-ईपीआईसी (e-EPIC – Electronic Electoral Photo Identity Card) भी इसी पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है।

इसके अलावा इस पोर्टल पर सीधे शिकायत दर्ज कराई जा सकती है और मतदाता सूची में अपना नाम सत्यापित किया जा सकता है। नागरिक बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO – Booth Level Officer) और चुनाव अधिकारियों से भी सीधे जुड़ सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म बीएलओ के साथ अपॉइंटमेंट तय करने और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सुलभ सेवाओं तक पहुंचने की भी सुविधा देता है।

पायलट के आंकड़े क्या कहते हैं

चुनाव आयोग की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार, ECINET ने अपने पायलट चरण में ही 101 मिलियन से ज्यादा पंजीकरण फॉर्म पर काम शुरू कर दिया है। हर दिन औसतन करीब 2.7 लाख फॉर्म पर काम किया जा रहा है। इस प्लेटफॉर्म पर अब तक करीब दस लाख बूथ स्तर के अधिकारी पंजीकृत हो चुके हैं। वहीं SIR प्रक्रिया के दौरान बने 1.5 बिलियन से ज्यादा दस्तावेजों को भी डिजिटल किया जा चुका है।

यह प्लेटफॉर्म 1.1 मिलियन मतदान केंद्रों, 543 संसदीय और 4,123 विधानसभा क्षेत्रों में एक अरब से ज्यादा मतदाताओं की सेवा के लिए डिजाइन किया गया है। इसे अंग्रेजी के अलावा 22 अनुसूचित भाषाओं में भी उपलब्ध कराने की योजना है।

आगे की योजना

चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस डिजिटलीकरण से पारदर्शिता बढ़ेगी, देरी कम होगी और चुनाव संबंधी जानकारी तेजी से लोगों तक पहुंचेगी। अधिकारियों के मुताबिक कई नागरिक सेवाओं को एक मंच पर लाने से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और लोगों के लिए चुनाव अधिकारियों से बातचीत करना भी आसान होगा।

FAQ

  1. ECINET क्या है?
    ECINET चुनाव आयोग का एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इस पर मतदाता पंजीकरण, नाम सुधार, शिकायत और डिजिटल वोटर आईडी जैसी सेवाएं एक ही जगह मिलती हैं। इसे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए वन-स्टॉप समाधान बताया गया है।
  2. चुनाव आयोग ने यह अभियान क्यों शुरू किया?
    SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों ने आयोग पर कई आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद आयोग अब लोगों का भरोसा बहाल करने की कोशिश कर रहा है।
  3. ECINET पर कौन-कौन सी सेवाएं मिलेंगी?
    इस पोर्टल पर मतदाता पंजीकरण, सुधार और विलोपन के आवेदन दिए जा सकते हैं। ई-ईपीआईसी डाउनलोड और शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी है।
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