अब इमरजेंसी में नहीं अटकेगा पैसा: PF बैलेंस का 75% हिस्सा निकालना हुआ आसान!
Amresh Kushwaha | Aug 30, 2026, 10:15 IST
इमरजेंसी में PF का 75% निकाल सकेंगे
ईपीएफओ ने पीएफ निकासी के नियम आसान कर दिए हैं। अब कर्मचारी इमरजेंसी में पीएफ बैलेंस का 75% हिस्सा निकाल सकते हैं। 13 कैटेगरी घटाकर सिर्फ 3 कर दी गई हैं और सर्विस शर्त भी घटाकर 12 महीने कर दी गई है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- ईपीएफओ ने पीएफ निकासी के नियमों में बड़ा बदलाव किया है।
- अब कर्मचारी इमरजेंसी में पीएफ का 75 प्रतिशत हिस्सा निकाल सकते हैं।
- पहले 13 कैटेगरी थीं, अब सिर्फ 3 कैटेगरी में निकासी होगी।
- निकासी के लिए सर्विस शर्त घटाकर सिर्फ 12 महीने कर दी गई है।
- नौकरी जाने पर भी अब पैसा निकालना पहले से आसान हो गया है।
क्या बदला है नियम
संगठन ने निकासी से जुड़े कई नियमों में बदलाव कर दिया है। इन बदलावों के बाद अब पीएफ का पैसा निकालना पहले से काफी आसान हो गया है। मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की पढ़ाई, शादी या घर बनाने जैसे कामों के लिए अब आंशिक निकासी आसानी से हो सकेगी। ईपीएफओ ने अपने सदस्यों के लिए यह प्रक्रिया पहले से ज्यादा फ्लेक्सिबल बना दी है।
कितना पैसा निकाल सकते हैं
पहले इतनी बड़ी रकम निकालने के लिए कई तरह की शर्तें पूरी करनी पड़ती थीं। अब यह सीमा बढ़ाकर कर्मचारियों को राहत दी गई है। इससे अचानक आई मुसीबत में पैसों की तंगी कम हो सकेगी।
कौन सी 3 कैटेगरी बनीं
अब ईपीएफओ ने इस पूरी प्रक्रिया को आसान बना दिया है। इन 13 कैटेगरी को घटाकर अब सिर्फ 3 कैटेगरी में बदल दिया गया है। पहली कैटेगरी इमरजेंसी की है। इसमें गंभीर बीमारी का इलाज, बच्चों की हायर एजुकेशन और परिवार में शादी जैसे खर्च शामिल हैं।
दूसरी कैटेगरी घर की जरूरतों से जुड़ी है। इसमें घर खरीदना, नया मकान बनाना, मरम्मत करवाना या होम लोन चुकाना शामिल है। तीसरी कैटेगरी सबसे खास मानी जा रही है। इसे विशेष परिस्थितियां नाम दिया गया है। इस कैटेगरी के तहत सदस्य बिना कोई खास वजह बताए भी अपने पीएफ बैलेंस का 75 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं।
सर्विस शर्त में बदलाव
अब नए नियमों में यह शर्त काफी कम कर दी गई है। ज्यादातर एडवांस निकासी के लिए अब सिर्फ 12 महीने यानी एक साल की सदस्यता ही काफी होगी। इसके अलावा एक और बड़ा बदलाव किया गया है।
पहले सिर्फ कर्मचारी के अपने योगदान की रकम ही निकासी में शामिल होती थी। अब विड्रॉल की रकम में तीन हिस्से जोड़े जाएंगे। इसमें कर्मचारी का योगदान, कंपनी का योगदान और दोनों पर मिला ब्याज शामिल होगा। इससे सदस्यों को निकासी के दौरान पहले से ज्यादा पैसा मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
नौकरी जाने पर क्या नियम
बाकी बचा 25 प्रतिशत बैलेंस तुरंत नहीं मिलेगा। यह हिस्सा तभी निकाला जा सकेगा, जब कर्मचारी लगातार 12 महीने तक बेरोजगार रहे। इस नियम के पीछे मकसद है कि सदस्यों की भविष्य की वित्तीय सुरक्षा बनी रहे।
पुराने और नए नियम में फर्क
इसी वजह से अब यह नियम बदल दिया गया है। नए नियम का मकसद है कि लोग जरूरत के समय पैसा निकाल सकें, लेकिन उनकी पूरी बचत एक साथ खत्म न हो।
किसे मिलेगा फायदा
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि सदस्यों को अपनी पूरी बचत एक साथ न निकालने की सलाह दी जाती है। भविष्य की वित्तीय सुरक्षा के लिए कुछ हिस्सा बचाकर रखना बेहतर माना जाता है।
यह खबर क्यों जरूरी है
साथ ही यह जानकारी लोगों को अपनी बचत की योजना समझदारी से बनाने में मदद करती है। वित्तीय जागरूकता से जुड़ी यह खबर सामाजिक और आर्थिक जिम्मेदारी दोनों को बढ़ावा देती है। इसलिए हर कामकाजी व्यक्ति के लिए यह जानकारी उपयोगी है।
FAQ
- अब पीएफ का कितना पैसा निकाला जा सकता है?
नए नियमों के तहत कर्मचारी इमरजेंसी में अपने पीएफ बैलेंस का 75 प्रतिशत हिस्सा आसानी से निकाल सकते हैं। पहले इतनी बड़ी रकम निकालने के लिए कई शर्तें पूरी करनी पड़ती थीं, जो अब आसान कर दी गई हैं। पीएफ निकासी नियम की नई कैटेगरी कौन सी हैं?
पहले 13 अलग अलग कैटेगरी थीं, जिन्हें घटाकर अब सिर्फ 3 कर दिया गया है। ये कैटेगरी इमरजेंसी, घर की जरूरतें और विशेष परिस्थितियां हैं। हर कैटेगरी में अलग-अलग तरह के खर्च शामिल किए गए हैं।- नौकरी छूटने पर पीएफ कैसे निकालें?
नौकरी छूटते ही कर्मचारी तुरंत अपने पीएफ बैलेंस का 75 प्रतिशत हिस्सा निकाल सकता है। बाकी 25 प्रतिशत हिस्सा तभी मिलेगा, जब वह लगातार 12 महीने तक बेरोजगार रहे।
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