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पांच पॉइंट से समझें पूरा मामला...
- घोस्ट टैपिंग एक नया डिजिटल स्कैम है, जिसमें NFC टेक्नोलॉजी का गलत उपयोग किया जाता है।
- स्कैमर आपके पास आकर बिना पिन या OTP के आपके कार्ड से पेमेंट कर सकते हैं।
- इस स्कैम के मामले खासकर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बाजार, और टूरिस्ट स्पॉट्स पर ज्यादा हो रहे हैं।
- Apple Pay, Google Pay, और Samsung Wallet जैसी सेवाएं इसका फायदा उठाती हैं।
- एक्सपर्ट्स के मुताबिक Tap-to-Pay अब भी सुरक्षित है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है।
आजकल ट्रैवल करते वक्त हम सब डिजिटल पेमेंट का ही ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। चाहे वो क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड हो, या मोबाइल वॉलेट हर जगह बस एक टैप और पेमेंट हो जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि यही पेमेंट सुविधा अब एक नया खतरा बन चुकी है? एक खतरनाक डिजिटल फ्रॉड सामने आया है, जिसे ‘घोस्ट टैपिंग स्कैम’ कहा जा रहा है।
यह स्कैम खासकर उन लोगों को निशाना बना रहा है, जो टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर जाते हैं और टैप-टू-पे का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। सबसे डरावनी बात यह है कि इस स्कैम में न तो पिन डालना पड़ता है और न ही OTP आता है, फिर भी खाते से पैसे कट जाते हैं।
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क्या है घोस्ट टैपिंग स्कैम?
घोस्ट टैपिंग एक नया डिजिटल धोखा (digital fraud) है, जिसमें स्कैमर आपके पास आते हैं और बिना आपकी जानकारी के आपके कार्ड या स्मार्टफोन से पेमेंट (digital payment) कर लेते हैं। इसके लिए वे NFC टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल करते हैं। अगर आपके कार्ड या मोबाइल में टैप-टू-पे फीचर चालू है, तो स्कैमर बिना आपका पिन डाले या ओटीपी मांगे आपके अकाउंट से पैसे ट्रांसफर कर सकता है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आपको इसका कोई अहसास भी नहीं होता। न कार्ड स्वाइप होता है, न ही किसी मशीन में कार्ड डाला जाता है, और न ही कोई OTP आता है।
NFC तकनीकि क्या है?
NFC (नियर फील्ड कम्युनिकेशन) एक वायरलेस तकनीक है, जो दो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (जैसे स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच) को कुछ सेंटीमीटर की बेहद कम दूरी पर लाकर सुरक्षित रूप से डेटा का आने-जाने में या लेनदेन करने की सुविधा देती है।
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कैसे काम करता है घोस्ट टैपिंग स्कैम?
इस स्कैम में स्कैमर्स NFC रीडर या अपना स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं। Apple Pay, Google Pay, Samsung Wallet और कॉन्टैक्टलेस कार्ड्स जैसे फीचर्स की मदद से वे ये धोखाधड़ी करते हैं। स्कैमर्स भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जैसे एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बाजार, मेले, और त्योहारों पर घूमते रहते हैं।
कई बार वे नकली दुकानदार बनकर छोटे भुगतान के लिए टैप-टू-पे करने को कहते हैं। कई बार तो वे बस आपके पास खड़े होकर ट्रांजैक्शन ट्रिगर कर देते हैं। कुछ सेकंड्स का संपर्क काफी होता है, और आपके खाते से पैसे कट जाते हैं।
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कौन से देश और जगहों पर है ज्यादा खतरा?
यह स्कैम तेजी से फैल रहा है और कई देशों में इसके मामले सामने आ चुके हैं। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ के मुताबिक, यह स्कैम खासतौर पर अमेरिका में बड़े इवेंट्स और फेस्टिवल्स के दौरान, ब्रिटेन, पश्चिमी यूरोप, फ्रांस, स्पेन, इटली, थाईलैंड, और इंडोनेशिया जैसे लोकप्रिय टूरिस्ट डेस्टिनेशंस पर ज्यादा देखा जा रहा है। जहां भी ज्यादा भीड़ होती है, स्कैमर्स को वहां आसानी से मौका मिल जाता है।
क्या Tap-to-Pay पूरी तरह असुरक्षित है?
हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि टैप-टू-पे तकनीक अब भी कार्ड स्वाइप या कार्ड डाले बिना पेमेंट करने से ज्यादा सुरक्षित है, क्योंकि ट्रांजैक्शन एन्क्रिप्टेड होते हैं और डेटा चोरी करना आसान नहीं होता। फिर भी, अनजान और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर इसका गलत इस्तेमाल हो सकता है। इसलिए तकनीक से डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता है। छोटी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है।
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