2025 में कौन सी हैं चुनौतियां, वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम ने बताया एजेंडा
CHAKRESH | Jan 16, 2025, 14:13 IST
World Economic Forum Photograph: (thesootr )
वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की ग्लोबल रिस्क रिपोर्ट में साल 2025 के लिए प्रमुख खतरों की पहचान की गई है, जिसमें फेक न्यूज पर भी चिंता जताई गई है। साथ ही कई और भी महत्तवपूर्ण मुद्दों को रिपोर्ट में शामिल किया गया है।
दुनिया के बड़े मंच वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम ( world economic forum ) की ग्लोबल रिस्क रिपोर्ट ने 2025 की चुनौतियों और भविष्य के जोखिमों को उजागर किया है। डावोस में हुई फोरम की वार्षिक बैठक से पूरी दुनिया का एजेंडा तय होता है। फोरम की इस साल की बैठक "इंटेलिजेंट एज के लिए सहयोग" के तहत आयोजित की गई। आइए जानते हैं बैठक में किन बड़े मुद्दों को 2025 की चुनौतियों के रूप में रखा गया है।
भारत में गलत सूचना का प्रसारण है सबसे बड़ा खतरा, वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की रिपोर्ट में हुआ खुलासा
ग्राफ में देखें कौन से मुद्दों पर यह बैठक फोकस में रही
रिपोर्ट में सबसे गंभीर खतरे के रूप में राज्य-आधारित सशस्त्र संघर्ष (State-based armed conflict) को पहचाना गया है। रूस-यूक्रेन युद्ध और सूडान व मध्य पूर्व के संघर्ष इस खतरे को और बढ़ाते हैं।
2024, अब तक का सबसे गर्म वर्ष था। चरम मौसम घटनाएं (Extreme weather events) अगले 10 वर्षों में सबसे बड़े पर्यावरणीय जोखिमों में बनी रहेंगी।
भू-आर्थिक संघर्ष (Geoeconomic confrontation) और जैविक या रासायनिक हथियारों का खतरा (Threat of biological or chemical weapons) भी रैंकिंग में ऊपर आए हैं।
2022-23 की महंगाई के बावजूद, 2024 में आर्थिक मंदी का प्रभाव कम हुआ। हालांकि, सामाजिक ध्रुवीकरण (Societal polarization) और गलत जानकारी (Misinformation) जैसी समस्याएँ बढ़ी हैं।
ग्लोबल रिस्क 2025 सत्र में, नेता वैश्विक अस्थिरता के समाधान पर चर्चा करेंगे। यह बैठक वैश्विक सहयोग के नए दृष्टिकोणों को विकसित करने का मंच होगी।
भारत में असमान तरक्की: 84% परिवारों की इनकम कम हुई, 40 अरबपति बढ़ गए
गुंडा जीतू यादव की गैंग का एक और वीडियो, दर्जन भर कारों से गए थे घर
MP News | क्या मध्यप्रदेश के मंत्रियों का कैबिनेट मीटिंग से हो रहा मोहभंग ?
MP High Court में इतने केस पेंडिंग कि सुलझाने में मी लॉर्ड को लग जाएंगे 40 साल !
भारत में गलत सूचना का प्रसारण है सबसे बड़ा खतरा, वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की रिपोर्ट में हुआ खुलासा
वार्षिक ग्लोबल रिस्क पर्सेप्शन सर्वे है केंद्र में
इस साल की वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम ग्लोबल रिस्क रिपोर्ट वार्षिक ग्लोबल रिस्क पर्सेप्शन सर्वे (GRPS) पर आधारित है। इस रिपोर्ट ने वर्तमान चिंताओं पर तो ध्यान दिया ही है, इसके साथ ही आगामी 10 साल के बड़े मुद्दों को भी केंद्र में रखा है।
World Economic Forum- Global risks 2025
राज्य-आधारित सशस्त्र संघर्ष: सबसे बड़ा खतरा
चरम मौसम घटनाएं और पर्यावरणीय चिंताएं
भू-आर्थिक और भू-राजनीतिक संघर्ष
आर्थिक और सामाजिक बदलाव
डावोस में चर्चा का केंद्र
भारत में असमान तरक्की: 84% परिवारों की इनकम कम हुई, 40 अरबपति बढ़ गए
FAQ
- ग्लोबल रिस्क रिपोर्ट 2024 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य वैश्विक जोखिमों को पहचानना और उनका समाधान खोजना है। - 2025 के लिए सबसे बड़ा वैश्विक जोखिम कौन सा है?
राज्य-आधारित सशस्त्र संघर्ष को सबसे बड़ा जोखिम माना गया है। - चरम मौसम घटनाओं का प्रभाव क्या है?
ये घटनाएँ पर्यावरणीय और आर्थिक अस्थिरता को बढ़ा सकती हैं। - भू-आर्थिक संघर्ष क्यों महत्वपूर्ण हैं?
ये संघर्ष वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक स्थिरता को प्रभावित करते हैं। - डावोस में वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की बैठक कब आयोजित होगी?
यह बैठक 20-24 जनवरी 2025 को आयोजित होगी।
गुंडा जीतू यादव की गैंग का एक और वीडियो, दर्जन भर कारों से गए थे घर
MP News | क्या मध्यप्रदेश के मंत्रियों का कैबिनेट मीटिंग से हो रहा मोहभंग ?
MP High Court में इतने केस पेंडिंग कि सुलझाने में मी लॉर्ड को लग जाएंगे 40 साल !
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari