इस बार भारत में चलेगी लंबी हीट वेव, जानें मध्य प्रदेश में गर्मी का हाल कैसा रहेगा?
Sandeep Kumar | Apr 02, 2024, 07:28 IST
गर्मी को लेकर भारत के मौसम विज्ञान विभाग का अलर्ट
भारत के मौसम विज्ञान विभाग यानी ( IMD) ने इस साल ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान लगाया है। अप्रैल से जून के बीच तीन महीने तापमान ज्यादा रहेगा। इस बार 20 दिनों के हीटवेव ( Heat Wave) की संभावना जताई गई है...
BHOPAL. इस साल आप प्रचंड गर्मी ( extreme heat ) का सामना करने के लिए तैयार रहें। अप्रैल से जून के बीच आम चुनाव के चलते सियासी गर्मी तो रहेगी ही, इसी के साथ आसमान से बरसने वाली आग से भी पारा चढ़ेगा। इसकी तपिश पूरे देश में महसूस की जाएगी। ये हम नहीं कह रहे, बल्कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ( IMD ) की एक रिपोर्ट में ऐसा दावा किया गया है। IMD के डायरेक्टर जनरल मृत्युंजय महापात्रा ( IMD DIRECTOR Mrutyunjay Mohapatra ) के मुताबिक मध्य और पश्चिमी प्रायद्वीपीय भागों पर सबसे बुरा असर पड़ने की आशंका है। गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh ) समेत आठ राज्यों में सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान रहने का भी अनुमान है।
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IMD ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि तापमान में बढ़ोतरी से गेहूं की तैयार फसल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। IMD डायरेक्टर जनरल मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि मध्य प्रदेश में इस समय तापमान 37-40 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। अगले सप्ताह इसके 42 डिग्री तक जाने की संभावना है।
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मध्य प्रदेश में गर्मी अपना असर दिखाने लगी है। IMD भोपाल के वैज्ञानिक अभिजीत चक्रवर्ती ने बताया कि अब प्रदेश के कई जिलों में हीट वेव का असर भी रहेगा। गुना, शिवपुरी, छतरपुर, टीकमगढ़, अशोकनगर, जबलपुर, मंडला और बालाघाट में अगले 1-2 दिन तक तक हीट वेव, यानी गर्म हवाएं भी चलेंगी। मौसम विभाग के अनुसार 2 अप्रैल की रात और 5 अप्रैल को उत्तर भारत में दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होंगे। इसके दो से तीन दिन बाद मध्य प्रदेश में इनका मामूली असर हो सकता है। कुछ जिलों में बादल भी छा सकते हैं। हालांकि इसके बावजूद गर्मी से राहत नहीं मिलेगी।
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केंद्रीय भू-विज्ञान मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि भारत में आगामी ढाई महीनों में अत्यधिक गर्म मौसम की स्थिति का अनुमान है। यह आम चुनावों के साथ मेल खाता है, जिसमें लगभग 97 करोड़ लोगों के अपने मताधिकार का प्रयोग करने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण होने जा रहा है। चूंकि हम दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश हैं और चरम मौसम की स्थिति का सामना करते हैं। इसलिए हमारे लिए पहले से तैयारी करना बेहद आवश्यक हो जाता है।
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जब किसी मैदानी क्षेत्र में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों में 30 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है तो इसे हीट वेव की स्थिति कहा जाता है। इसके अतिरिक्त सामान्य तापमान से 7 डिग्री सेल्सियस अथवा उससे अधिक की बढ़ोतरी को गंभीर हीट वेव की स्थिति माना जाता है।
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ऐसा रहेगा तापमान
IMD ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि तापमान में बढ़ोतरी से गेहूं की तैयार फसल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। IMD डायरेक्टर जनरल मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि मध्य प्रदेश में इस समय तापमान 37-40 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। अगले सप्ताह इसके 42 डिग्री तक जाने की संभावना है।
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मध्य प्रदेश को गर्मी से नहीं मिलेगी राहत
मध्य प्रदेश में गर्मी अपना असर दिखाने लगी है। IMD भोपाल के वैज्ञानिक अभिजीत चक्रवर्ती ने बताया कि अब प्रदेश के कई जिलों में हीट वेव का असर भी रहेगा। गुना, शिवपुरी, छतरपुर, टीकमगढ़, अशोकनगर, जबलपुर, मंडला और बालाघाट में अगले 1-2 दिन तक तक हीट वेव, यानी गर्म हवाएं भी चलेंगी। मौसम विभाग के अनुसार 2 अप्रैल की रात और 5 अप्रैल को उत्तर भारत में दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होंगे। इसके दो से तीन दिन बाद मध्य प्रदेश में इनका मामूली असर हो सकता है। कुछ जिलों में बादल भी छा सकते हैं। हालांकि इसके बावजूद गर्मी से राहत नहीं मिलेगी।
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भारत में रहेगा अधिक गर्म मौसम
केंद्रीय भू-विज्ञान मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि भारत में आगामी ढाई महीनों में अत्यधिक गर्म मौसम की स्थिति का अनुमान है। यह आम चुनावों के साथ मेल खाता है, जिसमें लगभग 97 करोड़ लोगों के अपने मताधिकार का प्रयोग करने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण होने जा रहा है। चूंकि हम दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश हैं और चरम मौसम की स्थिति का सामना करते हैं। इसलिए हमारे लिए पहले से तैयारी करना बेहद आवश्यक हो जाता है।
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Heat Wave किसे कहा जाता है ?
जब किसी मैदानी क्षेत्र में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों में 30 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है तो इसे हीट वेव की स्थिति कहा जाता है। इसके अतिरिक्त सामान्य तापमान से 7 डिग्री सेल्सियस अथवा उससे अधिक की बढ़ोतरी को गंभीर हीट वेव की स्थिति माना जाता है।
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