CM के केक-समोसे पर मचा हड़कंप! सीएम के लिए मंगाया समोसा, स्टाफ ने खाया
Siddhi Tamrakar | Nov 08, 2024, 15:00 IST
SUKHWINDER SINGH SUKHU
चटखारे लेकर खाए जाने वाले समोसे और केक को लेकर हिमाचल प्रदेश में विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के लिए आए समोसे और केक को उनके सुरक्षा कर्मचारियों को खिला दिया गया। जानें क्या है पूरा मामला...
चटखारे लेकर खाए जाने वाले समोसे और केक को लेकर हिमाचल प्रदेश में विवाद खड़ा हो गया है। मामले ने इतना तूल पकड़ लिया कि सीआईडी जांच की तक जरूरत पड़ गई। यह मामला 21 अक्टूबर को शुरू हुआ, जब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के लिए होटल रेडिसन ब्ल्यू से समोसे और केक के तीन डिब्बे लाए गए थे। लेकिन यह समोसे और केक मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंच सके और उनके सुरक्षा कर्मियों को परोस दिए गए, जिससे विवाद शुरू हो गया। बता दें कि मुख्यमंत्री सुक्खू एक समारोह में भाग लेने के लिए शिमला स्थित सीआईडी मुख्यालय गए थे।
सीआईडी की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि यह गलती समन्वय की कमी के कारण हुई। पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर ने मुख्यमंत्री के लिए खाने-पीने की चीजें लाने का निर्देश दिया था। इसके बाद, एक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) और एक हेड कांस्टेबल ने होटल से तीन डिब्बों में खान-पान की चीजें लाकर एसआई को सूचित किया था। जब इन अधिकारियों ने पर्यटन विभाग के कर्मचारियों से पूछा कि क्या ये समोसे और केक मुख्यमंत्री को देने के लिए थे, तो कर्मचारियों ने कहा कि यह मेन्यू में शामिल नहीं थे।
हालांकि, जांच में यह भी सामने आया कि केवल एसआई जानते था कि यह सामग्री मुख्यमंत्री के लिए थी। एक महिला निरीक्षक, जिन्हें खाद्य सामग्री सौंपी गई थी, उन्होंने किसी वरिष्ठ अधिकारी से पूछे बिना उसे मैकेनिकल ट्रांसपोर्ट विभाग को भेज दिया। इस पूरी प्रक्रिया में समोसे मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंच पाए।
इस मामले को 'सरकार विरोधी' बताया जा रहा है। वहीं, भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोला है और कहा है कि 'मुख्यमंत्री के समोसे' की चिंता करने के बजाय सरकार को राज्य के विकास पर ध्यान देना चाहिए।
इस घटना पर भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने बयान जारी करते हुए कहा कि राज्य सरकार को प्रदेश के विकास की कोई चिंता नहीं है और उनकी एकमात्र चिंता 'मुख्यमंत्री का समोसा'।
कहां गए मुख्यमंत्री के समोसे?
हालांकि, जांच में यह भी सामने आया कि केवल एसआई जानते था कि यह सामग्री मुख्यमंत्री के लिए थी। एक महिला निरीक्षक, जिन्हें खाद्य सामग्री सौंपी गई थी, उन्होंने किसी वरिष्ठ अधिकारी से पूछे बिना उसे मैकेनिकल ट्रांसपोर्ट विभाग को भेज दिया। इस पूरी प्रक्रिया में समोसे मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंच पाए।
बीजेपी ने कसा हिमाचल सरकार पर तंज
इस घटना पर भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने बयान जारी करते हुए कहा कि राज्य सरकार को प्रदेश के विकास की कोई चिंता नहीं है और उनकी एकमात्र चिंता 'मुख्यमंत्री का समोसा'।
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