दुनिया का सबसे बड़ा खरीदार कैसे बना अमेरिका, जानें जमीन खरीदने का पूरा इतिहास

Kaushiki | Jun 07, 2026, 12:19 IST
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America Land Expansion History
America Land Expansion History

अमेरिका ने अपनी 40% जमीन दूसरे देशों से खरीदकर बनाई है। इतिहासकारों के मुताबिक, अमेरिका ने फ्रांस, स्पेन और रूस जैसे देशों से संधियां करके जमीन ली। अब उसकी नजर ग्रीनलैंड और कनाडा को अपना हिस्सा बनाने पर टिकी है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • अमेरिका इस साल अपनी आजादी की 250वीं वर्षगांठ मनाने की तैयारी कर रहा है।
  • आज अमेरिका का जो स्वरूप है वो उसकी खरीदी हुई जमीनों से बना है।
  • अमेरिका ने अपनी कुल जमीन का 40% हिस्सा दूसरे देशों से खरीदा है।
  • डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को खरीदने और कनाडा को राज्य बनाने की इच्छा जताई।
  • ग्रीनलैंड में बहुत भारी मात्रा में कीमती खनिज और प्राकृतिक संसाधन मौजूद हैं।

अमेरिका की विस्तारवादी सोच

America Land Expansion History: अमेरिका आज दुनिया का सबसे ताकतवर देश माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह देश हमेशा से ऐसा नहीं था। अमेरिका ने अपनी सीमाओं को बढ़ाने के लिए बहुत काम किया है। उसने दुनिया के कई देशों से बहुत सारी जमीनें खरीदी हैं।

इस देश ने अपनी आज की सुपर पावरफुल पोजीशन को पाने के लिए बहुत ही एक्सपेंशन पॉलिसी अपनाई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने अपने आज के 50 राज्यों के विशाल नक्शे को तैयार करने के लिए दुनिया के कई बड़े देशों से लगभग 40 परसेंट जमीन सीधे पैसों से खरीदी है।

इस साल अमेरिका अपनी आजादी की 250वीं वर्षगांठ मना रहा है। लेकिन आज भी जमीनों को लेकर उसकी भूख खत्म नहीं हुई है। तभी तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को खरीदने और कनाडा को अपना 51वां राज्य बनाने का एक बड़ा रणनीतिक दांव चलाया। आइए जानें अमेरिका के इस जमीन खरीदने के पूरे इतिहास की इनसाइड स्टोरी।

जमीन कब्जाने में खतरनाक है अमेरिका का इतिहास, हर 30 साल में एक इलाके पर कर  लेता है कंट्रोल | US history of land grabbing it occupies an area every 30  years
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ट्रंप का ग्रीनलैंड को खरीदने का तीसरा ऑफर

डोनाल्ड ट्रंप जब अमेरिका के राष्ट्रपति बने तब उन्होंने एक नया दावा किया। उन्होंने रणनीतिक रूप से ग्रीनलैंड को खरीदने की इच्छा खुलकर जताई। ये अमेरिका की तरफ से ग्रीनलैंड को खरीदने का तीसरा बड़ा प्रयास था। इससे पहले भी दो बार अमेरिकी राष्ट्रपति ये कोशिश कर चुके थे।

सबसे पहला प्रस्ताव साल 1946 में राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने दिया था। तब उन्होंने डेनमार्क को 100 मिलियन डॉलर देने की बात कही थी। लेकिन डेनमार्क ने अमेरिकी डॉलर के इस बड़े ऑफर को ठुकरा दिया था। इसके बाद साल 2019 में ट्रंप ने फिर से इसे खरीदने की बात उठाई।

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ग्रीनलैंड पर अमेरिका की नजर होने के पीछे असली वजह

ग्रीनलैंड एक बहुत बड़ा और बर्फ से ढका हुआ इलाका है। इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 21.6 लाख वर्ग किलोमीटर का है। वैज्ञानिकों के सर्वे के मुताबिक, यहां बहुत बड़ी मात्रा में रिसोर्सेज हैं। यहां करीब 4.4 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा के कीमती मिनरल मौजूद हैं।

इन्हीं मिनरल्स और रेयर अर्थ मेटल्स के कारण अमेरिका इसे चाहता है। इसके अलावा इसकी ज्योग्राफिकल लोकेशन भी सुरक्षा के लिहाज से बहुत जरूरी है। ट्रंप ने इसके लिए 700 बिलियन डॉलर खर्च होने का अनुमान लगाया था। उन्होंने वहाँ के हर नागरिक को एक लाख डॉलर देने का प्लान बनाया था।

अलास्का की ख़रीद पर साइन करने के समय का इलस्ट्रेशन
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ग्रीनलैंड को हथियाने के लिए क्या साजिशें रची जा रही हैं

रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रीनलैंड में कुछ समय पहले अलर्ट जारी हुआ था। वहां एक अमेरिकी नागरिक को संदिग्ध गतिविधियों के कारण पकड़ा गया था। वो काले सूट में लोगों को रास्ते में रोककर सिग्नेचर ले रहा था। वह लोगों को अमेरिका से जुड़ने के लिए लालच दे रहा था।
वह अमेरिकी नागरिक लोगों को दो लाख डॉलर देने का वादा कर रहा था। बाद में पता चला कि वह लास वेगास का एक ब्रोकर था। वह एक गुप्त अमेरिकी अखबार के मिशन पर ग्रीनलैंड आया हुआ था। अगर वह लोगों को मना लेता तो उसे 72 मिलियन डॉलर मिलते।

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अमेरिका ने कब और कितनी जमीन खरीदी

इतिहासकारों की माने तो अमेरिका ने साल 1803 में फ्रांस से एक बहुत बड़ा सौदा किया था। उसने 15 मिलियन डॉलर में लुइसियाना राज्य की जमीन खरीदी थी। ये करीब 53 करोड़ एकड़ की एक बहुत विशाल जमीन थी। इसके बाद अमेरिका का आकार अचानक से बहुत ज्यादा बढ़ गया था।
साल 1819 में अमेरिका ने स्पेन के साथ एक बड़ी संधि की थी। इसे इतिहास में ओनिस-एडम्स संधि के नाम से जाना जाता है। इस संधि के बाद फ्लोरिडा पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण हो गया था। इस तरह अमेरिका धीरे-धीरे अपने पैर आगे बढ़ाता चला गया।

टेक्सास और ओरेगन जैसे राज्य अमेरिकी हिस्से में कैसे शामिल हुए

साल 1845 में अमेरिकी कांग्रेस ने एक नया प्रस्ताव पास किया था। इस प्रस्ताव के तहत मैक्सिको से आजाद हुए टेक्सास को शामिल किया गया। टेक्सास को अमेरिका का एक नया राज्य बना दिया गया था। इसके ठीक एक साल बाद साल 1846 में एक और समझौता हुआ।

ये समझौता ओरेगन राज्य पर संधि के रूप में ब्रिटेन के साथ हुआ। इस संधि से दोनों देशों के बीच की सीमा तय की गई। सीमा तय होने के बाद ओरेगन का पूरा इलाका अमेरिका को मिल गया। इस तरह अमेरिकी नक्शे में नए राज्य जुड़ते चले गए।

60 Historic Photos From American Military History | Stacker
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मैक्सिको के साथ हुई संधि से अमेरिका को फायदा

साल 1848 में अमेरिका ने मैक्सिको के साथ ग्वडालुप हिडाल्गो संधि की थी। इस संधि के कारण कैलिफोर्निया और नेवाडा जैसे इलाके अमेरिका के हुए। यूटा, न्यू मैक्सिको, एरिजोना और कोलोराडो के क्षेत्र भी अमेरिका को मिले। इसके बदले अमेरिका ने मैक्सिको को 15 मिलियन डॉलर दिए थे।

इसके बाद साल 1854 में मैक्सिको से एक और सौदा किया गया। अमेरिका ने 10 मिलियन डॉलर में 29 हजार 670 वर्ग मील जमीन खरीदी। ये जमीन आज के समय में एरिजोना और न्यू मैक्सिको का हिस्सा है। इन सौदों से मैक्सिको का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका बन गया।

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कैसे रूस से अलास्का को खरीदना अमेरिका के लिए लॉटरी बना

इतिहासकारों की माने तो साल 1867 में अमेरिका ने इतिहास का सबसे अनोखा सौदा किया था। उसने रूस से अलास्का के पूरे इलाके को खरीद लिया था। ये सौदा सिर्फ 7.2 मिलियन डॉलर की बेहद मामूली कीमत पर हुआ था।

शुरुआत में लोगों ने इस बर्फीली जमीन को खरीदने पर सवाल उठाए थे। लेकिन बाद में अलास्का में बहुत भारी मात्रा में सोना पाया गया। सोने की खोज के बाद साल 1959 में अलास्का को नया राज्य बनाया गया।

इसके अलावा डेनमार्क से साल 1917 में 25 मिलियन डॉलर में वर्जिन आइलैंड्स खरीदा गया। इससे अमेरिकी नौसेना की ताकत कैरेबियन सागर में बहुत बढ़ गई।

AMERICA
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हवाई और दूसरे द्वीपों को अमेरिका ने अपने नक्शे में कैसे जोड़ा

साल 1959 में हवाई को अमेरिका का 50वां राज्य बनाया गया था। इससे पहले साल 1893 में वहां अमेरिकी समर्थकों ने तख्तापलट किया था। उन्होंने वहां की राजशाही को पूरी तरह से खत्म कर दिया था। इस पूरे क्षेत्र में गुआम द्वीप भी पहले से शामिल था।

इसके बाद साल 1975 में उत्तरी मारियाना द्वीप समूह पर फैसला हुआ। यह द्वीप पहले जापान के नियंत्रण में हुआ करता था। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना ने इस पर हमला किया था। साल 1975 में कानून बनाकर इसे अमेरिकी नागरिकता प्रदान की गई थी।

कनाडा को 51वां राज्य बनाने की जिद के पीछे की कहानी

अमेरिका (America) की नजर सिर्फ ग्रीनलैंड पर ही नहीं बल्कि कनाडा पर भी है। डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की इच्छा जताई थी। कनाडा अमेरिका का एक बहुत बड़ा पड़ोसी देश है जिसके पास बहुत संसाधन हैं। अमेरिका हमेशा से अपनी सीमाओं को सुरक्षित और बड़ा करना चाहता है।

यूरोपियन कोलोनियल देशों से जमीन खरीदने का ये सिलसिला साल 1750 से चल रहा है। साल 1975 तक अमेरिका लगातार नई जमीनों को अपने अंदर मिलाता रहा। 50 राज्यों का ये विशाल देश आज भी नए क्षेत्रों पर नजर रखता है। उसकी एक्सपांशनिस्ट पॉलिसी आज भी दुनिया के लिए एक बड़ा मुद्दा है।

FAQ

  1. अमेरिका ने अपनी 40% जमीन किन देशों से खरीदी थी?
    अमेरिका ने फ्रांस से लुइसियाना और स्पेन से फ्लोरिडा खरीदा था। इसके अलावा उसने मैक्सिको से एरिजोना और रूस से अलास्का जैसी बड़ी जमीनें संधियों के जरिए खरीदी थीं। इसी तरह उसने अपनी सीमाओं को बढ़ाया था।
  2. डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को क्यों खरीदना चाहते थे?
    ग्रीनलैंड में करीब 4.4 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा के कीमती खनिज मौजूद हैं। ट्रंप यहां के रेयर अर्थ मेटल्स और इसकी खास रणनीतिक स्थिति के कारण इसे अमेरिकी हिस्सा बनाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने बड़ा ऑफर दिया था।
  3. कनाडा को लेकर अमेरिका का क्या प्लान था और यह सिलसिला कब तक चला?
    डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की इच्छा जताई थी। अमेरिका में बाहरी जमीनों को खरीदने का यह सिलसिला मुख्य रूप से साल 1803 से शुरू होकर साल 1975 तक लगातार चलता रहा था।
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