आगरा नहीं, मध्य प्रदेश में बनने वाला था ताजमहल, ऐसे बदला फैसला
Kaushiki | Jun 07, 2026, 10:53 IST
Mumtaz Mahal Death Anniversary
शाहजहां की पसंदीदा बेगम मुमताज की पुण्यतिथि पर जानिए बुरहानपुर का इतिहास। मुमताज ने यहीं अंतिम सांस ली थी। मिट्टी की जांच के बाद ताजमहल को मध्य प्रदेश के बजाय आगरा में बनाने का फैसला हुआ। अब यहां मुमताज महोत्सव मनाया जाता है।
समझें क्या है पूरा मामला
- शाहजहां की सबसे पसंदीदा बेगम मुमताज की आज (7 जून) पुण्यतिथि है।
- बेगम मुमताज ने मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में अपनी अंतिम सांस ली थी।
- बुरहानपुर के आहुखाना में मुमताज के शव को छह महीने तक रखा गया था।
- जमीन की खराबी के कारण बुरहानपुर में ताजमहल नहीं बन पाया था।
- अब मुमताज की याद में हर साल बुरहानपुर में खास महोत्सव होता है।
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बेगम मुमताज और शाहजहां के प्यार की शुरुआत
साल 1612 में 19 साल की उम्र में मुमताज शाहजहां की बेगम बनीं। वह शाहजहां की तीसरी पत्नी थीं। लेकिन वह राजा के दिल के सबसे करीब थीं। दोनों के प्यार के किस्से आज भी पूरी दुनिया में मशहूर हैं। शाहजहां अपनी हर छोटी-बड़ी बात मुमताज से शेयर करते थे।
बुरहानपुर में मुमताज ने कैसे ली अंतिम सांस
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आहुखाना क्या है और क्यों छह महीने वहां रहा शव
यहां मुमताज के शव को एक सुरक्षित ताबूत में दफनाया गया था। मुमताज का शव इस जगह पर करीब छह महीने तक सुरक्षित रखा रहा। शाहजहां रोज यहां आकर अपनी बेगम को याद करते थे।
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एमपी के बुरहानपुर में क्यों नहीं बना ताजमहल
ये पत्थर दिखने में सुंदर पर वजन में बहुत भारी होता है। विशेषज्ञों ने जब बुरहानपुर की मिट्टी की जांच की, तो वह कमजोर निकली। यहां की जमीन संगमरमर का भारी वजन नहीं संभाल सकती थी।
Mumtaz Mahal History Explained; Shah Jahan Mumtaz And The Taj Mahal Story
ताजमहल निर्माण के लिए आगरा को क्यों चुना गया
सम्मान के साथ उनके अवशेषों को आगरा भेजा गया। आगरा में यमुना नदी के किनारे दुनिया का सबसे खूबसूरत महल बना। इस तरह बुरहानपुर का सपना आगरा में जाकर पूरा हुआ।
बुरहानपुर के ऐतिहासिक स्थलों के आज क्या हालात हैं
इस वजह से कई लोग चाहकर भी नहीं जा पाते। हालांकि अब इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के प्रयास शुरू हुए हैं। इसके आसपास एक सुंदर पार्क भी बनाया जा रहा है।
बेगम मुमताज महोत्सव बुरहानपुर के गौरवशाली इतिहास को लोगों तक पहुंचाने का काम करता है। इसमें देशभर से कलाकार आते हैं। साहित्य और कला से जुड़े लोग इस कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं।
समिति ने इस बार भी बड़े स्तर पर तैयारी की है। स्थानीय प्रशासन और इतिहास प्रेमी इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं। यह आयोजन नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ता है।
कब मनाया जाएगा बेगम मुमताज महोत्सव
FAQ
मुमताज महल की मृत्यु कहां हुई थी और उन्हें कहां दफनाया गया था?
बेगम मुमताज महल की मृत्यु 7 जून 1631 को मध्य प्रदेश के बुरहानपुर शहर में हुई थी। मौत के बाद उनके शव को तुरंत आगरा नहीं ले जाया गया। बल्कि बुरहानपुर के जैनाबाद में करीब छह महीने तक एक बेहद सुरक्षित ताबूत में दफनाकर रखा गया था।- शाहजहां बुरहानपुर में ताजमहल क्यों नहीं बनवा पाए?
शाहजहां का शुरुआती प्लान मुमताज की याद में बुरहानपुर में ही ताजमहल बनाने का था। जब विशेषज्ञों ने बुरहानपुर की ताप्ती नदी के पास की मिट्टी और जमीन का वैज्ञानिक मुआयना किया, तो पता चला कि वहां की ढीली मिट्टी संगमरमर महल का वजन लंबे समय तक नहीं संभाल पाएगी। जमीन धंसने के खतरे को देखते हुए शाहजहां को अपना फैसला बदलना पड़ा। - बुरहानपुर में मुमताज महल महोत्सव कब मनाया जाता है?
बुरहानपुर की सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने के लिए हर साल मुमताज महल की पुण्यतिथि के मौके पर 7 जून को मुमताज महल महोत्सव मनाया जाता है। हालांकि, साल 2026 में इस तारीख में बदलाव किया गया है। जून के शुरुआती हफ्ते में ही बुरहानपुर में प्रसिद्ध सूफी संत दादा मियां नजीर अहमद के उर्स का बड़ा आयोजन होना तय हुआ है।
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