IAS अफसर ने गृह मंत्रालय को दी चुनौती, हाईकोर्ट ने पलटा CAT का फैसला, AGMUT कैडर में अब कौन है असली प्राधिकरण?
Neel Tiwari | Apr 01, 2026, 21:28 IST
Photograph: (the sootr)
दिल्ली हाईकोर्ट ने IAS अफसर पद्मा जायसवाल के मामले में गृह मंत्रालय को अधिकार दिया। CAT का फैसला पलटते हुए कोर्ट ने AGMUT कैडर के लिए गृह मंत्रालय को असली प्राधिकरण माना।
News in short
- IAS अधिकारी पद्मा जायसवाल के खिलाफ कार्रवाई पर उठा अधिकार क्षेत्र का विवाद
- CAT ने गृह मंत्रालय की कार्रवाई को अवैध बताते हुए रद्द किया था
- दिल्ली हाई कोर्ट ने CAT के फैसले को गलत ठहराया
- MHA ही संयुक्त कैडर का वैध प्रतिनिधि है - HC
- अब IAS अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही फिर से शुरू होगी
Intro
News in detail
IAS अफसर पर लगे थे गंभीर आरोप
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए गृह मंत्रालय ने 15 अप्रैल 2008 को उन्हें निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ औपचारिक अनुशासनात्मक जांच शुरू की गई। विस्तृत जांच प्रक्रिया के बाद, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) से परामर्श लिया गया, जिसकी सिफारिश के आधार पर अधिकारी को सेवा से हटाने (Removal from Service) का कठोर दंड दिया गया।
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CAT ने कहा था, गृह मंत्रालय के पास अधिकार नहीं
CAT ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए गृह मंत्रालय की पूरी कार्रवाई को अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए निरस्त कर दिया। ट्रिब्यूनल का मानना था कि MHA ने अपने अधिकारों का अतिक्रमण किया है और नियमों के अनुसार वह इस प्रकार की कार्यवाही शुरू करने के लिए सक्षम प्राधिकरण नहीं था। इस फैसले के बाद यह मामला एक बड़े संवैधानिक और प्रशासनिक विवाद का रूप ले चुका था।
हाईकोर्ट में पलटा खेल, नियमों की नई व्याख्या
कोर्ट ने IAS (कैडर) नियम, 1954 और अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1969 का गहन विश्लेषण करते हुए कहा कि इन नियमों की व्याख्या अलग-अलग नहीं बल्कि एक साथ (Harmonious Construction) की जानी चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि AGMUT जैसे संयुक्त कैडर में “राज्य सरकार” का अर्थ किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संयुक्त कैडर प्राधिकरण (Joint Cadre Authority) को दर्शाता है, जिसका प्रतिनिधित्व गृह मंत्रालय करता है।
1989 का फैसला बना टर्निंग पॉइंट
फेडरल स्ट्रक्चर का तर्क भी हुआ खारिज
हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने इस तर्क को पूरी तरह खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि IAS अधिकारी अखिल भारतीय सेवा का हिस्सा होते हैं, जिन्हें संसद द्वारा बनाए गए कानूनों और नियमों के तहत नियंत्रित किया जाता है। ऐसे में संयुक्त कैडर के मामलों में केंद्र सरकार की भूमिका पूरी तरह वैधानिक और संवैधानिक है, और इसे संघीय ढांचे के खिलाफ नहीं माना जा सकता।
CAT का आदेश रद्द, कार्रवाई फिर शुरू
इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि पद्मा जायसवाल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही को उसी चरण से फिर से शुरू किया जाए, जहां CAT ने इसे रोका था। इसका अर्थ यह है कि अब गृह मंत्रालय द्वारा की गई पूरी प्रक्रिया को वैध माना जाएगा और आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार जारी रहेगी।
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AGMUT कैडर में MHA की ताकत हुई साफ
इस निर्णय के बाद भविष्य में ऐसे मामलों में अधिकार क्षेत्र को लेकर विवाद की गुंजाइश काफी हद तक समाप्त हो जाएगी और प्रशासनिक निर्णयों में एकरूपता और स्पष्टता बनी रहेगी।
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