इमिग्रेशन बिल 2025 पास: शाह का दो टूक संदेश, अब बांग्लादेशी घुसपैठियों की खैर नहीं
Jitendra Shrivastava | Mar 27, 2025, 20:29 IST
immigration-bill-2025 Photograph: (thesootr)
इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025 पास हुआ। शाह ने कहा- भारत कोई धर्मशाला नहीं, बांग्लादेशी घुसपैठियों से सख्ती से निपटेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार भूमि नहीं दे रही, जिसकी वजह से सीमा पर फेंसिंग रुकी हुई है
इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025 लोकसभा में गुरुवार को पास हो गया। बिल पर चर्चा के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल से बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की घुसपैठ हो रही है। उन्होंने कहा कियह बिल भारत में आने वाले विदेशी नागरिकों की पहचान, पंजीकरण और निगरानी से जुड़ा नया कानूनी ढांचा तय करता है।
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36 धाराएं: बिल में कुल 36 धाराएं हैं जो विदेशी नागरिकों के भारत में प्रवेश, पंजीकरण, ब्लैकलिस्टिंग और निर्वासन को नियंत्रित करती हैं।
पासपोर्ट और वीजा अनिवार्य: अब बिना पासपोर्ट या वीजा के किसी भी व्यक्ति की एंट्री गैरकानूनी मानी जाएगी।
डिजिटल रजिस्ट्रेशन: विदेशियों के ठहरने और गतिविधियों की डिजिटल ट्रैकिंग होगी।
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73% अप्रवासन चौकियां बढ़ाई गई हैं और आठ एयरपोर्ट पर नया सिस्टम लागू हुआ है जिससे यात्री 30 सेकंड में क्लियरेंस ले सकें।
अमित शाह ने कहा कि इस बिल का मकसद अवैध घुसपैठ को रोकना, भारत की सुरक्षा को मजबूत करना और ड्रग्स, हवाला व मानव तस्करी जैसे नेटवर्क पर लगाम लगाना है।
शाह के बयान की प्रमुख बातें...
-
भारत धर्मशाला नहीं है
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत केवल उन विदेशियों का स्वागत करेगा जो टूरिज्म, बिजनेस, एजुकेशन या हेल्थ सेवाओं के लिए आते हैं। लेकिन जिनका इरादा गलत है, उनसे सख्ती से निपटा जाएगा। -
बांग्लादेशी घुसपैठियों पर विशेष ध्यान
शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल से सबसे ज़्यादा बांग्लादेशियों और रोहिंग्या की घुसपैठ होती है। 450 किमी की खुली सीमा, खासकर 24 परगना क्षेत्र, इसके लिए जिम्मेदार है। -
फेंसिंग में ममता बनर्जी बाधा बना रहीं
अमित शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार भूमि नहीं दे रही, जिसकी वजह से सीमा पर फेंसिंग रुकी हुई है।
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बिल की कानूनी विशेषताएं...
पासपोर्ट और वीजा अनिवार्य: अब बिना पासपोर्ट या वीजा के किसी भी व्यक्ति की एंट्री गैरकानूनी मानी जाएगी।
डिजिटल रजिस्ट्रेशन: विदेशियों के ठहरने और गतिविधियों की डिजिटल ट्रैकिंग होगी।
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विदेशियों की सुविधा पर भी ध्यान
इमिग्रेशन बिल 2025 के लाभ...
| लाभ | ये होगा |
|---|---|
| सुरक्षा में बढ़ोतरी | अवैध घुसपैठ पर रोक |
| पारदर्शिता | सभी विदेशी नागरिकों की जानकारी सरकार के पास |
| डिजिटल ट्रैकिंग | निगरानी प्रक्रिया आसान |
| फास्ट प्रोसेसिंग | यात्रियों की जांच में समय की बचत |
| स्थानीय सहयोग | राज्यों की भूमिका अहम |
FAQs- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- इमिग्रेशन बिल 2025 क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
इमिग्रेशन बिल 2025 (Immigration Bill 2025) एक नया कानून है जिसका उद्देश्य भारत में अवैध घुसपैठ रोकना, विदेशी नागरिकों की निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसमें 36 धाराएं हैं जो पासपोर्ट, वीजा, पंजीकरण और निष्कासन को नियंत्रित करती हैं। - भारत धर्मशाला नहीं है का मतलब क्या है?
अमित शाह का "भारत धर्मशाला नहीं है" बयान दर्शाता है कि भारत अब अवैध घुसपैठियों के लिए आसान लक्ष्य नहीं रहेगा। केवल वैध इरादे वाले विदेशी नागरिकों का ही स्वागत होगा, बाकी से सख्ती से निपटा जाएगा। - क्या इमिग्रेशन बिल 2025 से आम नागरिकों को कोई प्रभाव पड़ेगा?
नहीं, आम भारतीय नागरिकों पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह कानून केवल विदेशी नागरिकों और उनके भारत में रहने और प्रवेश करने की प्रक्रिया को रेग्युलेट करता है।
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