जानें CJI डीवाई चंद्रचूड़ के 10 सबसे चर्चित फैसले कौन से रहे
CHAKRESH | Nov 08, 2024, 14:51 IST
STYLESHEET THESOOTR - 2024-11-08T144341.315
चंद्रचूड़ का नाम प्रगतिशील न्यायविदों में लिया जाता है, जिन्होंने अपने फैसलों के माध्यम से भारतीय संविधान की आत्मा को जीवित रखने की कोशिश की। हालांकि, उनके कार्यकाल में कुछ ऐसे फैसले भी थे, जिनसे जनता के बीच मिश्रित प्रतिक्रियाएं आईं।
भारत के मुख्य न्यायाधीश, डीवाई चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) ने अपने कार्यकाल के दौरान कई ऐतिहासिक फैसले दिए, जिनकी गूंज न केवल देश में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई दी। उनका कार्यकाल 2022 में शुरू हुआ था। इस दौरान उन्होंने न्यायिक प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव किए, जिनका उद्देश्य न्याय तक पहुंच को सरल और पारदर्शी बनाना था। चंद्रचूड़ का नाम प्रगतिशील न्यायविदों में लिया जाता है, जिन्होंने अपने फैसलों के माध्यम से भारतीय संविधान की आत्मा को जीवित रखने की कोशिश की। हालांकि, उनके कार्यकाल में कुछ ऐसे फैसले भी थे, जिनसे जनता के बीच मिश्रित प्रतिक्रियाएं आईं।
AMU का अल्पसंख्यक दर्जा बरकरार, CJI ने 4-3 के बहुमत से सुनाया फैसला
सर्वोच्च न्यायालय ने गोपनीयता के अधिकार को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा मानते हुए यह सुनिश्चित किया कि नागरिकों का निजता का अधिकार संविधान द्वारा संरक्षित है। CJI चंद्रचूड़ ने इस फैसले के माध्यम से अपने प्रगतिशील दृष्टिकोण को उजागर किया।
सरकारी भर्ती के नियम को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जानें क्या बोला
CJI चंद्रचूड़ ने इस मामले में महिलाओं के अधिकारों का समर्थन किया और सबरीमाला मंदिर में 10-50 वर्ष की आयु की महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध को संवैधानिक नैतिकता के खिलाफ बताया। उनका कहना था कि यह महिलाओं की स्वायत्तता और गरिमा का उल्लंघन है।
SC के एक आदेश से खत्म हुई Jet Airways! कभी इंडस्ट्री पर था एकतरफा राज
सर्वोच्च न्यायालय ने एलजीबीटीक्यूआई समुदाय के अधिकारों का समर्थन करते हुए धारा 377 को रद्द किया, यह निर्णय एक ऐतिहासिक कदम था जो समलैंगिकता को अपराध के रूप में नहीं मानता।
श्री गुरुसिंघ चुनाव 7 नवंबर को होंगे, सुप्रीम कोर्ट ने पिटीशन खारिज की
CJI चंद्रचूड़ ने व्यक्तित्व की स्वतंत्रता के तहत एक वयस्क को अपने विवाह या धर्म परिवर्तन के फैसले का अधिकार दिया। हादिया मामले में उनका यह फैसला महिलाओं और पुरुषों के अधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ।
सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन देने के निर्णय में CJI चंद्रचूड़ ने कहा कि महिलाओं का पूर्ण बहिष्कार अनुचित है और सेना में लैंगिक समानता लाने के लिए मानसिकता में बदलाव की आवश्यकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं को सुरक्षित और कानूनी गर्भपात की अनुमति दी, यह निर्णय महिलाओं के शारीरिक स्वायत्तता के अधिकार का समर्थन करता है।
बलात्कार के मामलों में 'टू फिंगर टेस्ट' को खारिज करते हुए CJI चंद्रचूड़ ने इसे पितृसत्तात्मक और सेक्सिस्ट बताया, और इसे महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन माना।
सर्वोच्च न्यायालय ने 'गर्भवती महिला' के बजाय 'गर्भवती व्यक्ति' शब्द का उपयोग किया, यह कदम जेंडर नूट्रल शब्दों की ओर एक महत्वपूर्ण पहल है जो समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देगा।
सर्वोच्च न्यायालय ने सेम सेक्स मैरेज को वैध करने से इनकार किया, लेकिन साथ ही एलजीबीटीक्यू+ समुदाय के लिए नागरिक संघ और कानूनी अधिकारों पर विचार करने के लिए पैनल गठन की सिफारिश की।
इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने विवादित भूमि को राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट को सौंपने का निर्णय लिया, और मुसलमानों को समानता के आधार पर भूमि दी जाने की बात की।
चंद्रचूड़ का मानना था कि न्यायपालिका को निरंतर सुधार की जरूरत है। उन्होंने न्यायिक प्रणाली को और प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए कई तकनीकी उपायों को लागू किया। इसके बावजूद, लोक अदालतों (Lok Adalats) और न्यायिक सुधारों (Judicial Reforms) को लेकर उनके द्वारा किए गए प्रयासों का स्तर अपेक्षाकृत कम रहा, क्योंकि इन क्षेत्रों में कानून में सुधार के लिए और भी समय की आवश्यकता थी।
AMU का अल्पसंख्यक दर्जा बरकरार, CJI ने 4-3 के बहुमत से सुनाया फैसला
निजता का अधिकार
सरकारी भर्ती के नियम को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जानें क्या बोला
सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश
SC के एक आदेश से खत्म हुई Jet Airways! कभी इंडस्ट्री पर था एकतरफा राज
धारा 377 को अपराध की श्रेणी से हटाना
श्री गुरुसिंघ चुनाव 7 नवंबर को होंगे, सुप्रीम कोर्ट ने पिटीशन खारिज की
विवाह का अधिकार
स्थायी आयोग
कानूनी गर्भपात का अधिकार
'टू फिंगर टेस्ट' पर प्रतिबंध
'गर्भवती व्यक्ति' का प्रयोग
सेम सेक्स मैरेज
राम मंदिर मामला
न्यायिक सुधारों की दिशा में निरंतर प्रयास किए
FAQ
- डीवाई चंद्रचूड़ के कार्यकाल में किए गए प्रमुख निर्णय क्या थे ?
चंद्रचूड़ के प्रमुख फैसलों में गोपनीयता का अधिकार, महिलाओं के लिए सेना में स्थायी कमीशन, और धारा 377 का खात्मा शामिल हैं। - क्या डीवाई चंद्रचूड़ ने
कॉलेजियम प्रणाली में कोई बदलाव किया ?
नहीं, चंद्रचूड़ के कार्यकाल में कॉलेजियम प्रणाली में कोई संरचनात्मक बदलाव नहीं किया गया। - सबरीमाला मंदिर फैसले में चंद्रचूड़ का क्या योगदान था?
चंद्रचूड़ ने महिलाओं के मंदिर प्रवेश अधिकार का समर्थन करते हुए इसे संवैधानिक नैतिकता का उल्लंघन बताया। - क्या डीवाई चंद्रचूड़ के फैसलों से भारतीय समाज में बदलाव आए हैं?
हां, उनके फैसलों ने समाज में लैंगिक समानता, महिला अधिकारों और एलजीबीटीक्यू+ समुदाय के अधिकारों की दिशा में सकारात्मक बदलाव लाए। - डीवाई चंद्रचूड़ के तकनीकी सुधारों का क्या असर हुआ?
चंद्रचूड़ ने न्यायिक प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तकनीकी सुधारों जैसे ई-फाइलिंग और व्हाट्सएप एकीकरण किए, जिससे न्याय की पहुंच आसान हुई।
Thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava