BSF जवान पूर्णम कुमार की वतन वापसी और पाकिस्तान में हुई बर्बरता की कहानी
Jitendra Shrivastava | May 03, 2025, 23:43 IST
Photograph: (THESOOTR)
पाकिस्तान रेंजर्स ने लगभग बीस दिन बाद उन्हें भारत को सौंप दिया। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की कस्टडी में पूर्णम कुमार शॉ को मानसिक और शारीरिक रूप से बर्बरता झेलनी पड़ी। उन्हें ब्रश करने, सोने तक की अनुमति नहीं मिली।
बीएसएफ के जवान पूर्णम कुमार शॉ, जो पहले हाल ही में फिरोजपुर में तैनात थे, गलती से भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गए थे। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के एक दिन बाद यह घटना हुई। पाकिस्तान रेंजर्स ने लगभग बीस दिन बाद उन्हें भारत को सौंप दिया। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की कस्टडी में पूर्णम कुमार शॉ को मानसिक और शारीरिक रूप से बर्बरता झेलनी पड़ी। उन्हें ब्रश करने, सोने तक की अनुमति नहीं मिली। इसके अलावा, शॉ को तीन अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया, जिनमें एयरबेस के पास भी शामिल था ताकि वह विमानों के उड़ने की आवाज सुन सकें, जिससे मानसिक तनाव बढ़ाया जा सके।
सूत्र बताते हैं कि पाकिस्तान के अधिकारी शॉ से पूछताछ करते समय सिविलियन कपड़े पहनकर आते थे, जिससे उनकी पहचान छिपाई जाती थी। बीएसएफ में 16 वर्षों के अनुभव वाले शॉ से आईबी पर तैनात वरिष्ठ अधिकारियों के बारे में भी पूछताछ की गई। इस दौरान उन्हें शारीरिक प्रताड़ना से ज्यादा मानसिक यातना दी गई, जिससे उनके मनोबल पर गहरा असर पड़ा। इस पूरे प्रकरण ने भारत-पाकिस्तान सीमा सुरक्षा और कस्टडी मामलों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
इंटरनेशनल बॉर्डर क्रॉस करके पूर्णम कुमार गलती से पाकिस्तान पहुंच गए थे। इसके बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। पूर्णम कुमार पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में तैनात थे। भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए इससे तनाव बढ़ गया। ऐसे में पूर्णम के परिवार की चिंता और भी बढ़ गई थी।
भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में हमेशा से तनाव बना रहा है, खासकर जब से पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनीतिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाया गया है। इस बीच, एक बड़ी घटना सामने आई है, जिसमें भारतीय सीमा सुरक्षा बल बीएसएफ (BSF) ने पाकिस्तान रेंजर्स के एक जवान को राजस्थान में भारत-पाकिस्तान सीमा पर हिरासत में लिया है।
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, भारतीय सीमा सुरक्षा बल ने शनिवार, 3 मई 2025 को राजस्थान फ्रंटियर पर एक पाकिस्तानी रेंजर को पकड़ा। यह घटना पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के बीच हुई, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। ज्यादातर मारे गए लोग पर्यटक थे, और इस हमले के बाद से दोनों देशों के बीच रिश्ते काफी जटिल हो गए हैं।
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यह घटना करीब एक हफ्ते पहले बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ की गिरफ्तारी के बाद हुई। उन्हें पाकिस्तानी रेंजर्स ने 23 अप्रैल 2025 को पंजाब के अंतर्राष्ट्रीय सीमा (International Border) से पकड़ा था। भारतीय सेना द्वारा कड़े विरोध के बावजूद पाकिस्तान ने उस जवान को भारतीय सीमा बल (बीएसएफ) को सौंपने से इनकार कर दिया था।
इससे पहले, दोनों देशों के बीच इस प्रकार की घटनाओं को तुरंत सुलझा लिया जाता था। लेकिन इस बार पाकिस्तान ने पूर्णम कुमार शॉ के ठिकाने और उसकी वापसी की तारीख के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। इसके पीछे की वजह, अधिकारियों का मानना है, वह पहलगाम आतंकी हमले के बाद उत्पन्न हुए राजनीतिक तनाव और सुरक्षा विवाद हो सकती है।
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बीएसएफ ने पाकिस्तानी रेंजर्स के सामने एक औपचारिक विरोध पत्र भेजा था, जिसमें उन्होंने पूर्णम कुमार शॉ को पकड़े जाने और वापस भेजे जाने को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। हालांकि, पाकिस्तान ने अब तक इस मामले पर कोई ठोस जानकारी नहीं दी है, और उनकी चुप्पी ने इस मुद्दे को और पेचिदा बना दिया है।
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अधिकारियों के अनुसार, पूर्णम कुमार शॉ को लाहौर-अमृतसर सेक्टर (Lahore-Amritsar Sector) में रेंजर्स के बेस पर ले जाया गया था। बीएसएफ को उम्मीद है कि उसे जल्द ही सौंपा जा सकता है, लेकिन पाकिस्तान रेंजर्स ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अब तक, दोनों देशों के बीच 4-5 फ्लैग मीटिंग (Flag Meetings) हो चुकी हैं, लेकिन पूर्णम कुमार शॉ के मामले में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
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भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया घटनाओं ने सीमा सुरक्षा को लेकर तनाव को और बढ़ा दिया है। पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद पाकिस्तान रेंजर्स द्वारा भारतीय जवान को पकड़े जाने की घटनाओं ने इस क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति को और जटिल बना दिया है।
फ्लैग मीटिंग एक सैन्य संवाद है, जिसे दोनों देशों की सेना के अधिकारियों के बीच आयोजित किया जाता है। यह बैठक आमतौर पर सीमा विवादों, गलतफहमियों या किसी भी सैन्य घटना पर चर्चा करने के लिए की जाती है। हालाँकि, इन मीटिंग्स के बावजूद, सीमा पर तनाव कम होने की बजाय बढ़ता जा रहा है।
बीएसएफ की यह कार्रवाई और पाकिस्तान रेंजर्स की चुप्पी इस बात का संकेत देती है कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और सुरक्षा विवाद के कारण सीमा पर आगे भी इसी तरह की घटनाएं हो सकती हैं। दोनों देशों के बीच सीमा पर घटनाओं को लेकर चर्चाएं जारी रहेंगी, और आने वाले समय में किसी ठोस समाधान की उम्मीद करना मुश्किल हो सकता है।
पाक रेंजर | देश दुनिया न्यूज
शारीरिक नहीं, मानसिक प्रताड़ना की गई
ऐसे पाकिस्तान पहुंचे थे पूर्णम कुमार
बढ़ते तनाव के बीच कार्रवाई
पाकिस्तान रेंजर की गिरफ्तारी
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पाकिस्तान रेंजर को हिरासत में लेने का कारण
इससे पहले, दोनों देशों के बीच इस प्रकार की घटनाओं को तुरंत सुलझा लिया जाता था। लेकिन इस बार पाकिस्तान ने पूर्णम कुमार शॉ के ठिकाने और उसकी वापसी की तारीख के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। इसके पीछे की वजह, अधिकारियों का मानना है, वह पहलगाम आतंकी हमले के बाद उत्पन्न हुए राजनीतिक तनाव और सुरक्षा विवाद हो सकती है।
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BSF और पाकिस्तानी रेंजर्स के बीच तनाव
क्या है फ्लैग मीटिंग?
क्या हो सकता है अगला कदम?
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