भारतीय मूल के जोहरान ममदानी बने न्यूयॉर्क के मेयर, डोनाल्ड ट्रंप के लिए ये बोले

Sandeep Kumar | Nov 05, 2025, 10:34 IST
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Photograph: (thesootr)

आखिरकार जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क के मेयर पद का चुनाव जीत लिया। उन्हें 50.4% वोट मिले। ममदानी न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम, भारतवंशी और सबसे युवा मेयर होंगे। वह मशहूर फिल्म मेकर मीरा नायर के बेटे हैं।

New york. भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क शहर के मेयर पद का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया। उन्हें 50.4% वोट मिले। एंड्रयू कुओमो 41% वोट के साथ दूसरे नंबर पर रहे। कर्टिस स्लिवा को 7.1% वोट मिले। ममदानी फिल्म डायरेक्टर मीरा नायर के बेटे हैं।

वह न्यूयॉर्क के सबसे युवा, पहले भारतवंशी और पहले मुस्लिम मेयर होंगे। जीत के बाद ममदानी ने न्यूयॉर्क की जनता को संबोधित किया। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी भी दी है।

क्या बोले ममदानी

जिस शहर ने ट्रंप को पैदा किया, वही अब देश को दिखाएगा कि उन्हें कैसे हराया जाता है। डोनाल्ड ट्रंप, मुझे पता है कि आप यह देख रहे हैं। मेरे पास आपके लिए चार शब्द हैं- वॉल्यूम जरा तेज करो।
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पूर्व पीएम पंडित जवाहर लाल नेहरू का जिक्र

ममदानी ने अपने विजयी भाषण में भारत के पूर्व पीएम पंडित जवाहर लाल नेहरू का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "इतिहास में ऐसा क्षण बहुत कम आता है। जब हम पुराने से नए की ओर बढ़ते हैं। जब एक युग का अंत होता है। राष्ट्र की आत्मा को अभिव्यक्ति मिलती है। आज हम पुराने से नए की ओर बढ़ रहे हैं।" जीत के बाद ममदानी मंच पर अपने माता-पिता और पत्नी के साथ थे। इस दौरान 'धूम मचा ले धूम...' गाना बज रहा था।

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यह शहर पूंजीवाद का गढ़ रहा

ममदानी की जीत से न्यूयॉर्क और अमेरिका में नया राजनीतिक दौर शुरू हुआ है। एक लोकतांत्रिक और समाजवादी विचारधारा का व्यक्ति अब शहर की बागडोर संभालेगा। यह शहर पूंजीवाद का गढ़ रहा है।

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किस प्रत्याशी को कितने वोट मिले

जोहरान ममदानी को 948,202 वोट (50.6 प्रतिशत) मिले। चुनाव में 83 प्रतिशत वोट पड़े थे। वह कई महीनों से चुनाव में आगे थे। एंड्रयू कुओमो ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। चुनाव के एक दिन पहले उन्हें ट्रंप का समर्थन मिला। फिर भी ममदानी की जीत आसान रही।

कुओमो को 776,547 वोट (41.3 प्रतिशत) मिले। स्लीवा को 137,030 वोट मिले। न्यूयॉर्क सिटी चुनाव बोर्ड ने बताया कि 1969 के बाद पहली बार दो मिलियन वोट पड़े। मैनहट्टन में 444,439 वोट पड़े। ब्रोंक्स में 187,399, ब्रुकलिन में 571,857, क्वींस में 421,176 और स्टेटन आइलैंड में 123,827 वोट पड़े। ममदानी ने डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव में कुओमो को हराया। जून में उन्हें विजेता घोषित किया गया था।

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कौन हैं जोहरान ममदानी ?

जोहरान ममदानी का जन्म युगांडा के कंपाला में हुआ था। सात साल की उम्र में वह न्यूयॉर्क शहर चले गए। बाद में वह अमेरिकी नागरिक बन गए। उनकी मां मीरा नायर मशहूर भारतीय-अमेरिकी फिल्म निर्माता हैं। उनके पिता महमूद ममदानी कोलंबिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं।

बता दें कि ममदानी ने 2018 में अमेरिकी नागरिकता प्राप्त की। उन्होंने 'ब्रॉन्क्स हाई स्कूल ऑफ साइंस' से पढ़ाई की। ममदानी ने बॉडविन कॉलेज से एफ्रीकाना स्टडीज में स्नातक की डिग्री प्राप्त की।

अन्य भारतीयों ने भी लहराया अमेरिका में परचम

भारतीय मूल की डेमोक्रेट गजाला हाशमी ने वर्जीनिया के लेफ्टिनेंट गवर्नर का चुनाव जीता लिया है। उन्होंने रिपब्लिकन जॉन रीड को हराया। हाशमी वर्जीनिया सीनेट में सेवा देने वाली पहली मुस्लिम और दक्षिण एशियाई अमेरिकी हैं। वे 15वें सीनेटरियल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करती हैं। हाशमी की जीत से उनकी सीनेट सीट के लिए विशेष चुनाव होगा।

गजाला हाशमी ने 2019 में सियासत में कदम रखा। उन्होंने रिपब्लिकन की स्टेट सीनेट सीट जीती। पांच साल बाद, 2024 में, उन्हें सीनेट शिक्षा और स्वास्थ्य समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। यह पद प्रजनन स्वतंत्रता और सार्वजनिक शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

भारतीय मूल के जेजे सिंह ने वर्जीनिया के जिला 26 से चुनाव जीता। यह जिला उत्तरी वर्जीनिया में स्थित है। जेजे सिंह का जन्म उत्तरी वर्जीनिया में हुआ। वह फेयरफैक्स स्टेशन में पले-बढ़े। उनके माता-पिता 1970 में भारत से वर्जीनिया आए थे। उनके पिता अमर जीत सिंह का जन्म फैसलाबाद, पाकिस्तान में हुआ। बंटवारे के बाद वे भारत के हरियाणा आ गए।



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