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News in Short
- ईरान में जारी सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने भारतीयों को एयरलिफ्ट करने की तैयारी की है।
- दूतावास ने छात्रों के पर्सनल डिटेल और पासपोर्ट इकट्ठा किए हैं। पहले बैच में मेडिकल छात्रों को लाया जाएगा।
- भारतीय दूतावास ने ईरान में फंसे नागरिकों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
- ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।
- ईरान में हालात बिगड़ने के बाद भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है।
News in Detail
ईरान में जारी सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने भारतीयों को एयरलिफ्ट करने की तैयारी की है। पहला विमान शुक्रवार को तेहरान से नई दिल्ली के लिए रवाना होगा। जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने कहा कि सभी छात्रों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। भारतीय दूतावास ने छात्रों के पर्सनल डिटेल और पासपोर्ट इकट्ठा किए हैं। पहले बैच को कल यानी 16 जनवरी की सुबह 8 बजे तक तैयार रहने को कहा गया है।
पहले बैच में गोलेस्तान यूनिवर्सिटी, शाहिद बहेश्ती यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज और तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के कुछ स्टूडेंट्स शामिल हैं। ईरान में करीब 10,000 भारतीय रहते हैं। इनमें से 2500-3000 स्टूडेंट मेडिकल की पढ़ाई के लिए गए थे।
विदेश मंत्रालय ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
किसी भी मदद के लिए भारतीय दूतावास से संपर्क करें। दूतावास ने आपातकालीन संपर्क हेल्पलाइन जारी की है। मोबाइल नंबर: +989128109115, +989128109109, +989128109102, +989932179359। ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों से अनुरोध है कि वे भारतीय दूतावास में रजिस्ट्रेशन कराएं। रजिस्ट्रेशन लिंक: https://www.meaers.com/request/home। यह लिंक दूतावास की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। यदि इंटरनेट बाधित हो, तो परिवार के सदस्य उनकी ओर से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर को ईरान के विदेश मंत्री का फोन आया। उन्होंने ईरान के हालातों पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को ईरान ना जाने की सलाह दी। मंत्रालय के अनुसार, ईरान में लगभग 10,000 भारतीय नागरिक हैं। यह एडवाइजरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की धमकी के बाद जारी हुई। ट्रम्प ने कहा था कि हिंसा का जवाब मिलने पर अमेरिका सैन्य कार्रवाई करेगा।
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भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ी
ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ी है। यह अशांति पिछले महीने ईरानी रियाल के गिरने के बाद शुरू हुई। प्रदर्शन अब सभी 31 प्रांतों में फैल गए हैं। मानवाधिकार समूहों के अनुसार, देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई में 3,428 लोग मारे गए हैं। हालात हाल के दिनों में तेजी से बिगड़े हैं।
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ईरान में अब 12 हजार मौत का दावा
ईरानी मुद्रा रियाल के गिरने के बाद पिछले महीने प्रदर्शन शुरू हुए। प्रदर्शन देश के सभी 31 प्रांतों में फैल गए। ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, 2,550 से अधिक लोग मारे गए। इनमें 2,403 प्रदर्शनकारी और 147 सरकार से जुड़े लोग हैं। ईरान इंटरनेशनल ने दावा किया है कि 12,000 लोग मारे गए। ज्यादातर लोग गोली लगने से मरे हैं।
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इंडियन के लिए एडवाइजरी जारी
तेहरान में भारतीय दूतावास ने एक औपचारिक एडवाइजरी जारी की। दूतावास ने छात्रों, तीर्थयात्रियों, बिजनेसमैन और पर्यटकों से ईरान छोड़ने का आग्रह किया। यह कमर्शियल फ्लाइट्स या अन्य ट्रांसपोर्ट ऑप्शन के जरिए किया जा सकता है। एडवाइजरी में कहा गया कि सभी भारतीय नागरिक अपने यात्रा डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें। इसके लिए दूतावास से मदद लेने का आग्रह किया गया। इसमें यह भी कहा गया कि भारतीय नागरिकों को विरोध प्रदर्शन से बचना चाहिए। उन्हें दूतावास से संपर्क में रहना चाहिए और स्थानीय मीडिया पर नजर रखनी चाहिए। इससे पहले, ईरान में बढ़ते तनाव के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर को सैयद अब्बास अराघची ने फोन किया था।
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