खरगे का SIR प्रक्रिया पर हमला: भाजपा नेताओं को भी मिल रहे नोटिस, 13.8 करोड़ मतदाता बाहर होने का दावा

Sandeep Kumar | Sept 21, 2026, 20:55 IST
Share
sir-process-kharge-bhasmasur-remark
sir-process-kharge-bhasmasur-remark

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मतदाता सूची सत्यापन प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया और दावा किया कि कई प्रमुख नेताओं को नोटिस जारी किया गया है। खरगे का कहना है कि इस प्रक्रिया में करोड़ों मतदाता प्रभावित हो सकते हैं। जबकि निर्वाचन आयोग का कहना है कि नोटिस का मतलब नाम हटाना नहीं, बल्कि सत्यापन करना है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • खरगे ने SIR प्रक्रिया को भस्मासुर बताया है।
  • कई बड़े नेताओं को नोटिस मिलने का दावा किया।
  • दिल्ली में करीब 33 लाख नोटिस जारी हुए।
  • खरगे ने 13.8 करोड़ मतदाता बाहर होने का दावा किया।
  • कांग्रेस ने VIP मतदाता श्रेणी पर सवाल उठाया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने SIR प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने इसे दोषपूर्ण और भस्मासुर जैसी प्रक्रिया बताया। खरगे ने दावा किया कि भाजपा नेता भी इसकी चपेट में हैं। उन्होंने दिल्ली और पश्चिम बंगाल के मामलों का हवाला दिया। खरगे ने 13.8 करोड़ मतदाताओं के बाहर होने का दावा किया। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार नोटिस का अर्थ नाम हटाना नहीं है।

SIR पर खरगे का हमला

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने SIR प्रक्रिया पर हमला बोला। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की दोषपूर्ण प्रक्रिया करार दिया। उनका आरोप है कि यह लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाएगी।

खरगे ने SIR प्रक्रिया (Special Intensive Revision) को ‘भस्मासुर’ बताया। उन्होंने कहा कि यह अब अपनों को चपेट में ले रही। उनके अनुसार कांग्रेस शुरुआत से इसका विरोध कर रही है। खरगे ने सोमवार को एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने दिल्ली में जारी नोटिसों का उल्लेख किया। दावा किया कि सत्ताधारियों को इसकी खामियां समझ आ रही हैं।


बिहार से दिल्ली पहुंची SIR

खरगे ने कहा कि प्रक्रिया की शुरुआत बिहार से हुई। इसके बाद इसे दूसरे राज्यों में भी लागू किया गया। अब दिल्ली में भी मतदाता सत्यापन प्रक्रिया चल रही है।

SIR का पूरा नाम विशेष गहन पुनरीक्षण है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची का सत्यापन करना है। इस दौरान मतदाताओं की जानकारियां दोबारा जांची जाती हैं। गलतियों और संदिग्ध प्रविष्टियों पर नोटिस जारी होते हैं।

कांग्रेस ने मतदाता सूची पुनरीक्षण (Electoral Roll Revision) पर आपत्ति जताई। पार्टी का आरोप है कि प्रक्रिया में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं है। इससे वास्तविक मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं।

बड़े नेताओं को नोटिस

खरगे ने कई प्रमुख व्यक्तियों के नामों का उल्लेख किया। उन्होंने भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी का नाम लिया। विदेश मंत्री एस जयशंकर को भी नोटिस मिलने की खबर है। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का नाम भी सामने आया। निर्वाचन आयुक्त एसएस संधू को भी नोटिस जारी हुआ। कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी सत्यापन नोटिस मिले हैं।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी नोटिस मिला। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम भी शामिल है। मनीष सिसोदिया और कपिल सिब्बल भी सूची में हैं। ये नोटिस अलग-अलग जानकारियों की विसंगतियों से जुड़े हैं। इनमें नाम और पुराने रिकॉर्ड का मिलान शामिल है। कुछ मतदाता पिछले रिकॉर्ड से जोड़कर चिन्हित नहीं हुए।

VIP मतदाता पर सवाल

खरगे ने निर्वाचन आयोग की भाषा पर सवाल उठाया। उन्होंने ‘VIP या चिह्नित मतदाता’ उल्लेख का विरोध किया। पूछा कि क्या मतदाताओं की विशेष श्रेणी बनाई गई है। उन्होंने सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार का सिद्धांत याद दिलाया। संविधान प्रत्येक नागरिक के वोट को समान महत्व देता है। इसे एक व्यक्ति और एक वोट कहा जाता है।

खरगे ने पूछा कि क्या VIP वोट ज्यादा कीमती है। उनके अनुसार आयोग को सभी मतदाताओं की चिंता करनी चाहिए। आम नागरिकों की समस्याओं पर भी जानकारी जारी होनी चाहिए।

कांग्रेस ने मतदाता अधिकार (Voting Rights) को प्रमुख मुद्दा बनाया। पार्टी का आरोप है कि आम मतदाता उपेक्षित हैं। प्रमुख लोगों के मामलों पर तुरंत स्पष्टीकरण जारी होता है।

बंगाल का दिया हवाला

खरगे ने पश्चिम बंगाल के मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने मतदाता सूची से हटे नामों का मुद्दा उठाया। दावा किया कि कई मतदाताओं ने फैसलों के खिलाफ अपील की। कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार 93 प्रतिशत अपीलें सफल रहीं। उन्होंने 1 लाख 13 हजार 943 मतदाताओं का आंकड़ा दिया। दावा है कि ये नाम सूची में दोबारा जुड़ेंगे।

खरगे ने मतदाता सूची अपील (Voter List Appeal) पर सवाल पूछा। उन्होंने कहा कि सफल अपीलें प्रक्रिया की खामी दिखाती हैं। पूछा कि लोगों का मताधिकार किस आधार पर छीना गया। ये आंकड़े कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए दावे हैं। इनका स्वतंत्र आधिकारिक सत्यापन किया जाना अभी जरूरी है। निर्वाचन आयोग का विस्तृत पक्ष भी महत्वपूर्ण रहेगा।

13.8 करोड़ का दावा

खरगे ने SIR के तीन चरणों का आंकड़ा प्रस्तुत किया। उन्होंने 31 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का उल्लेख किया। उनके अनुसार 13.8 करोड़ मतदाता सूची से बाहर हुए। कांग्रेस अध्यक्ष ने कुल 94.78 करोड़ मतदाता बताए। उनके अनुसार बाहर हुए मतदाता करीब 14.61 प्रतिशत हैं। उन्होंने इस संख्या को लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया।

ये संख्या मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा किया गया राजनीतिक दावा है। इसकी आधिकारिक पुष्टि अलग से सामने आना आवश्यक है। मतदाता सूची से बाहर होने के अलग कारण हो सकते हैं। इन कारणों में मृत्यु और स्थायी स्थानांतरण शामिल होते हैं। एकाधिक पंजीकरण वाली प्रविष्टियां भी हटाई जा सकती हैं। अपूर्ण दस्तावेज या गलत जानकारी भी कारण बनती है।

कांग्रेस ने लगाए आरोप

कांग्रेस ने SIR को वोट चोरी का हथियार बताया। उसका आरोप है कि इससे चुनिंदा मतदाता प्रभावित होंगे। पार्टी ने प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा की मांग उठाई। खरगे ने मोदी सरकार को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया। कहा कि मताधिकार किसी सरकार की कृपा नहीं है।

उन्होंने आम मतदाताओं के लिए पारदर्शिता की मांग की। आयोग को प्रत्येक हटाए नाम का कारण बताना चाहिए। अपील व्यवस्था भी आसान और सुलभ होनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि करोड़ों मतदाताओं पर खामोशी है। दूसरी तरफ VIP मामलों पर प्रेस विज्ञप्ति आती है। उन्होंने इस रवैये को अनुचित और असमान बताया।

आयोग का क्या पक्ष है

निर्वाचन आयोग के अनुसार SIR सत्यापन प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य शुद्ध और अद्यतन मतदाता सूची बनाना है। संदिग्ध अथवा बेमेल जानकारी पर नोटिस दिया जाता है। नोटिस जारी होना अंतिम फैसला नहीं माना जाता है। मतदाता निर्धारित समय में जरूरी दस्तावेज दे सकता है। जांच के बाद प्रविष्टि अंतिम सूची में शामिल होती है। इसलिए नोटिस और नाम हटने में अंतर समझना जरूरी है। राजनीतिक दल प्रक्रिया पर सवाल उठा सकते हैं। अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक मतदाता सूची से ही स्पष्ट होगा। नागरिक अपनी मतदाता जानकारी ऑनलाइन भी जांच सकते हैं। निर्वाचन आयोग ने SIR रिकॉर्ड खोजने की सुविधा दी है। मतदाता आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर जानकारी देख सकते हैं।
Tags:
  • special intensive revision
  • SIR
  • निर्वाचन आयोग
  • मल्लिकार्जुन खरगे
  • भाजपा नेता
  • लालकृष्ण आडवाणी
  • अरविंद केजरीवाल
  • वोट चोरी
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google