महाराष्ट्र सरकार का एक्शन: गूगल को ओला, उबर और रैपिडो ऐप हटाने के आदेश
Manya Jain | May 16, 2026, 19:40 IST
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महाराष्ट्र सरकार ने गूगल और एप्पल को अपने स्टोर से ओला, उबर और रैपिडो ऐप्स हटाने का निर्देश दिया है। राज्य में अवैध रूप से चल रही बाइक टैक्सी सेवाओं और महिला सुरक्षा के मुद्दों को देखते हुए यह सख्त फैसला लिया गया है।
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
महाराष्ट्र में ऐप आधारित बाइक टैक्सी चलाने वाली कंपनियों पर संकट आ गया है। राज्य के साइबर विभाग ने एक बेहद सख्त कदम उठाया है। विभाग ने दुनिया की दो बड़ी तकनीकी कंपनियों को नोटिस भेजा है।
यह नोटिस गूगल और एप्पल कंपनी को जारी किया गया है। इसमें उनसे ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप्स को हटाने को कहा गया है। सरकार का कहना है कि ये कंपनियां नियमों का उल्लंघन कर रही हैं।
यह आदेश सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 79 के तहत दिया गया है। इसके अनुसार अवैध सेवाओं को तुरंत रोकना जरूरी होता है। साइबर विभाग ने 15 मई को यह आधिकारिक पत्र जारी किया है।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने 12 मई को साइबर सेल को एक पत्र लिखा था। इसके बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया और यह कार्रवाई की गई।
सरकार का कहना है कि ये बाइक टैक्सी बिना अनुमति के चल रही हैं। कंपनियों ने परिवहन विभाग से कोई जरूरी मंजूरी नहीं ली है। यह मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का सीधा उल्लंघन है।
प्रशासन ने सुरक्षा इंतजामों को भी बहुत कमजोर पाया है। ड्राइवरों का वेरिफिकेशन और बीमा जैसी सुविधाएं इन ऐप्स में अधूरी हैं। इस वजह से यात्रियों की जान जोखिम में बनी रहती है।
नोटिस में महिला सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई गई है। हाल ही में बाइक टैक्सी के सफर के दौरान एक महिला की मौत हो गई थी।
इसके बाद पुलिस ने एक आपराधिक मामला भी दर्ज किया था। राज्य में महिलाओं से बदसलूकी की कई शिकायतें मिल चुकी हैं। मंत्री ने कहा कि रोजगार से ज्यादा जरूरी महिलाओं की सुरक्षा है।
यहां यह समझना जरूरी है कि यह प्रतिबंध केवल बाइक टैक्सी पर है। इन ऐप्स के जरिए मिलने वाली कार और ऑटो सेवा चलती रहेगी। खाने की डिलीवरी पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा।
सरकार चाहती है कि राज्य में केवल इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी ही चलें। पेट्रोल वाली बाइकों को कमर्शियल रूप से चलाने की इजाजत बिल्कुल नहीं मिलेगी। कंपनियों ने इस नीति का पालन नहीं किया है।
साइबर विभाग ने गूगल और एप्पल को साफ चेतावनी दी है। भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के आदेश को मानना उनके लिए जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर उन पर भी कार्रवाई हो सकती है।
कंपनियों को डॉक्यूमेंट्स जमा करने के लिए एक महीने का समय मिला था। लेकिन किसी भी कंपनी ने अभी तक कागजात जमा नहीं किए हैं। इसके बाद ही सरकार को यह कड़ा रुख अपनाना पड़ा।
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1. ड्राइवर और वाहन की जांच करें
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- महाराष्ट्र सरकार ने ओला, उबर और रैपिडो पर बड़ा एक्शन लिया है।
- सरकार ने गूगल और एप्पल को इन ऐप्स को हटाने को कहा है।
- राज्य में बाइक टैक्सी सेवाओं को अवैध घोषित कर दिया गया है।
- यात्रियों और विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर यह कदम उठाया गया है।
- नियम नहीं मानने पर तकनीकी कंपनियों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
महाराष्ट्र सरकार का ओला, उबर और रैपिडो पर बड़ा एक्शन
यह नोटिस गूगल और एप्पल कंपनी को जारी किया गया है। इसमें उनसे ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप्स को हटाने को कहा गया है। सरकार का कहना है कि ये कंपनियां नियमों का उल्लंघन कर रही हैं।
गूगल और एप्पल को ऐप हटाने का नोटिस
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने 12 मई को साइबर सेल को एक पत्र लिखा था। इसके बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया और यह कार्रवाई की गई।
क्यों बाइक टैक्सी सेवाएं पूरी तरह अवैध?
प्रशासन ने सुरक्षा इंतजामों को भी बहुत कमजोर पाया है। ड्राइवरों का वेरिफिकेशन और बीमा जैसी सुविधाएं इन ऐप्स में अधूरी हैं। इस वजह से यात्रियों की जान जोखिम में बनी रहती है।
महिला सुरक्षा के लिए गया सख्त फैसला
इसके बाद पुलिस ने एक आपराधिक मामला भी दर्ज किया था। राज्य में महिलाओं से बदसलूकी की कई शिकायतें मिल चुकी हैं। मंत्री ने कहा कि रोजगार से ज्यादा जरूरी महिलाओं की सुरक्षा है।
क्या पूरी तरह बंद हो जाएंगी ओला?
सरकार चाहती है कि राज्य में केवल इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी ही चलें। पेट्रोल वाली बाइकों को कमर्शियल रूप से चलाने की इजाजत बिल्कुल नहीं मिलेगी। कंपनियों ने इस नीति का पालन नहीं किया है।
टेक कंपनियों को चेतावनी
कंपनियों को डॉक्यूमेंट्स जमा करने के लिए एक महीने का समय मिला था। लेकिन किसी भी कंपनी ने अभी तक कागजात जमा नहीं किए हैं। इसके बाद ही सरकार को यह कड़ा रुख अपनाना पड़ा।
राइड में खुद को सुरक्षित रखने के 5 तरीके
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1. ड्राइवर और वाहन की जांच करें
- हमेशा ऐप में वाहन नंबर, ड्राइवर का नाम और फोटो मिलान करें।
- अपने यात्रा विवरण (लाइव ट्रैकिंग) परिवार या दोस्त के साथ साझा करें।
- पीछे की सीट पर बैठें।
- कभी भी अकेले ड्राइवर के बगल में न बैठें।
- फोन पर लगातार बातें या संगीत सुनकर ध्यान न भटकाएँ।
- अनावश्यक सामान या पर्स खोलकर दिखाने से बचें।
- ऐप में SOS बटन या आपातकालीन संपर्क का इस्तेमाल करें।
- शक होने पर तुरंत ड्रॉप‑लोकेशन बदलें या राइड कैंसिल करें।
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