एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग का बड़ा निर्णय,बैठक में तय होगा एसआईआर का भविष्य, जानें क्या है पूरी योजना

Sanjay Dhiman | Sept 07, 2025, 09:45 IST
Share
election commision
Photograph: (the sootr)

बिहार में शुरू हुआ SIR अभियान अब पूरे देश में लागू हो सकता है। चुनाव आयोग ने 10 सितंबर को बैठक बुलाई, जिसमें इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होगी। जानिए क्या है SIR और इसके राजनीतिक प्रभाव।

भारत में चुनावों से जुड़ी प्रक्रिया अक्सर राजनीतिक माहौल को प्रभावित करती है। इसी तरह, बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) को लेकर तकरार जारी है। चुनाव आयोग ने बिहार में इस अभियान की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और दोषपूर्ण प्रविष्टियों को हटाना है। हालांकि, विपक्षी दलों ने इस कदम का विरोध किया है, और इसे राजनीतिक द्वेष के रूप में देखा है।

इस बीच, खबरें आ रही हैं कि भारतीय चुनाव आयोग अब इस SIR अभियान को पूरे देश में लागू करने पर विचार कर रहा है। इसके लिए एक महत्वपूर्ण बैठक 10 सितंबर को दिल्ली में आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) और वरिष्ठ चुनाव अधिकारियों की उपस्थिति होगी।

एसआईआर को लेकर महत्वपूर्ण बैठक दस को

चुनाव आयोग की बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में सभी राज्य के चुनाव आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। इस बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और यह निर्णय लिया जाएगा कि इसे पूरे देश में किस तरह से लागू किया जाए।

10 सितंबर की बैठक के मुख्य बिंदु:

  • मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार द्वारा बैठक की अध्यक्षता।
  • सभी राज्यों के चुनाव आयुक्तों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति।
  • देशभर में SIR के विस्तार पर विचार।
यह खबरें भी पढ़ें...

चुनाव आयोग का नया प्लान, अब वार्ड में रहने वाले कर्मचारी ही बनेंगे BLO, गलत पहचान पर लगेगा ब्रेक

बिहार SIR पर सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग को निर्देश, आधार कार्ड को वैध दस्तावेज माना जाए

बिहार में SIR का हो रहा है विरोध

बिहार में एसआईआर अभियान ने एक राजनीतिक मोड़ ले लिया है। विशेष रूप से विपक्षी दलों ने इसे जनता के अधिकारों का उल्लंघन मानते हुए इसे चुनावी धोखाधड़ी से जोड़ दिया है। राजद, कांग्रेस, भाकपा, माकपा, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) सहित कई प्रमुख विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने पर विरोध जताया है।

विरोध के मुख्य कारण:

  • मतदाता सूची से नाम हटाना: विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं, जिससे चुनाव में निष्पक्षता पर सवाल उठता है।
  • राजनीतिक फायदे के आरोप: विपक्ष का आरोप है कि यह कदम सत्ता पक्ष को फायदा पहुंचाने के लिए उठाया गया है।

2026 में होने वाले चुनाव और SIR की भूमिका

अगले साल पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल, और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में चुनाव आयोग के लिए यह कदम महत्वपूर्ण हो सकता है क्योंकि यह सुनिश्चित करेगा कि मतदाता सूची सही और निष्पक्ष हो। हालांकि, विभिन्न राजनीतिक दलों के विरोध के बावजूद, चुनाव आयोग इसे पूरे देश में लागू करने का विचार कर रहा है, जिससे राजनीतिक लड़ाई और भी तेज हो सकती है।

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु का विरोध:

  • ममता बनर्जी (पश्चिम बंगाल) और एम.के. स्टालिन (तमिलनाडु) जैसे नेताओं ने एसआईआर के खिलाफ आवाज उठाई है। इनका कहना है कि इस कदम से उनके राज्य के नागरिकों का लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो सकता है।

बीजेपी शासित राज्यों का समर्थन:

बीजेपी शासित राज्यों ने चुनाव आयोग के इस कदम का स्वागत किया है, यह मानते हुए कि इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बढ़ेगी।

यह खबरें भी पढ़ें...

मध्यप्रदेश चुनाव आयोग की वेबसाइट पर Under Maintenance का बैनर, उमंग सिंघार बोले- चोरी पकड़े जाने का डर

ECI पर विपक्ष हमलावर, सवालों का जवाब नहीं दे सका तो भाग रहा चुनाव आयोग

क्या है विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)?

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान(स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) एक ऐसा प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची की जांच की जाती है और उसमें सुधार किया जाता है। इसमें मतदाता की जानकारी, जैसे नाम, पता, जन्म तिथि, आदि को अपडेट किया जाता है और जो लोग अवैध या अयोग्य हैं, उनके नाम सूची से हटा दिए जाते हैं।

SIR की प्रमुख विशेषताएँ:

  1. विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) क्या है?
    SIR, यानी विशेष गहन पुनरीक्षण, चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया है। इसमें नाम, पते, और अन्य जानकारी की सहीता की जांच की जाती है और अवैध या अयोग्य नामों को हटा दिया जाता है।
  2. चुनाव आयोग ने SIR अभियान क्यों शुरू किया है?
    चुनाव आयोग ने SIR अभियान शुरू किया है ताकि चुनाव में पारदर्शिता बनी रहे और मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित हो सके। यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि केवल योग्य नागरिक ही वोट दें।
  3. बिहार में चल रहे SIR अभियान पर विपक्ष का विरोध क्यों है?
    विपक्षी दलों का कहना है कि बिहार में चल रहे SIR अभियान में कई मतदाताओं के नाम बिना किसी कारण के हटा दिए गए हैं। वे इसे राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश मानते हैं और चुनाव आयोग के इस कदम का विरोध कर रहे हैं।

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧👩

Tags:
  • भारत
  • कांग्रेस
  • चुनाव आयोग
  • बिहार
  • मतदाता सूची
  • विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान
  • स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि