पेपर लीक पर सरकार सख्त, 10 साल जेल और 10 करोड़ जुर्माना प्रस्तावित
Pawan Modiya | Jul 24, 2026, 21:25 IST
पेपर लीक बिल
केंद्रीय कैबिनेट ने पेपर लीक मामलों पर सख्त कानून के लिए विधेयक को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित बदलावों में दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल, 10 करोड़ रुपए तक जुर्माना और फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान शामिल है। सरकार इसे अगले सप्ताह संसद में पेश कर सकती है।
समझें क्या है पूरा मामला
- पेपर लीक पर केंद्र सरकार सख्त कानून ला रही है।
- कैबिनेट ने नए विधेयक को मंजूरी दी।
- दोषियों को 10 साल तक जेल मिल सकती है।
- 10 करोड़ रुपए तक जुर्माना प्रस्तावित है।
- विधेयक अगले सप्ताह संसद में आ सकता है।
पेपर लीक पर बड़ा फैसला
यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कई बड़ी परीक्षाओं को लेकर सवाल उठे हैं। छात्रों ने लगातार निष्पक्ष परीक्षा की मांग की है। विपक्ष भी संसद में इस मुद्दे को उठाता रहा है।
क्या होंगे नए प्रावधान
संगठित तरीके से पेपर लीक करने वालों पर विशेष कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में संपत्ति जब्त करने का प्रावधान भी जोड़ा जा सकता है।
किन परीक्षाओं पर असर पड़ेगा
नीट, जेईई, सीयूईटी, एसएससी, रेलवे और अन्य केंद्रीय भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक या संगठित नकल के मामलों पर इस कानून का उपयोग किया जा सकेगा।
कैबिनेट पेपर लीक
फास्ट ट्रैक कोर्ट की तैयारी
प्रधानमंत्री ने दिए थे संकेत
छात्रों के विरोध के बीच फैसला
सरकार का क्या कहना है
आगे क्या होगा
जरूरी FAQ
प्रस्तावित विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा में संगठित गड़बड़ी करने वालों के लिए अधिकतम 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपए तक जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट और संगठित अपराध पर सख्त कार्रवाई की व्यवस्था भी करना चाहती है। अंतिम प्रावधान संसद से विधेयक पारित होने के बाद लागू होंगे।
यह कानून किन परीक्षाओं पर लागू होगा?
यह कानून केंद्र सरकार की सार्वजनिक परीक्षाओं पर लागू होगा। इनमें एनटीए (National Testing Agency) की परीक्षाएं, नीट, जेईई, सीयूईटी, एसएससी, रेलवे भर्ती और अन्य केंद्रीय भर्ती परीक्षाएं शामिल हो सकती हैं। विस्तृत दायरा कानून लागू होने के बाद स्पष्ट होगा।
सरकार यह कानून क्यों ला रही है?
हाल के वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल के मामलों ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाना, संगठित पेपर लीक नेटवर्क पर रोक लगाना और दोषियों को कड़ी सजा देकर भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकना है।
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