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Photograph: (the sootr)
NEWS in SHORT
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'मेला सेवा एप' का खुद उद्घाटन किया है।
मेला क्षेत्र के हर खंभे पर QR कोड की सुविधा दी गई है।
श्रद्धालु सीधे अपनी शिकायतें प्रशासन तक डिजिटल माध्यम से पहुंचा सकेंगे।
यह एप गूगल प्ले स्टोर से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है।
NEWS in DETAIL
Prayagraj. प्रयागराज में माघ मेला 2026 का आयोजन हो रहा है। इस साल मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए कई नई तकनीकी पहल की हैं। इन्हीं में से एक है ‘माघ मेला सेवा एप’ का शुभारंभ, जो मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को एक डिजिटल सहायक की तरह काम करेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को इस एप का औपचारिक उद्घाटन किया। वह मेला क्षेत्र में प्रमुख स्नान पर्वों की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की, जिसमें श्रद्धालुओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करने पर चर्चा हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इस एप का शुभारंभ किया, जो श्रद्धालुओं के लिए नई डिजिटल व्यवस्था लेकर आया है।
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एप से क्या मिलेगा श्रद्धालुओं को?
इस एप के माध्यम से श्रद्धालु अब मेले में किसी भी समस्या के लिए डिजिटल मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे। मेला अधिकारी ऋषिराज सिंह के अनुसार, यह एप श्रद्धालुओं को एक ही प्लेटफार्म पर कई सेवाएं उपलब्ध कराएगा। इसके तहत, श्रद्धालु अपनी समस्याएं सीधे मेला प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे।
बिजली के खंभों पर मदद के कोड
अब आपको बताते हैं कि यह काम कैसे करेगा। मेला प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में लगे बिजली के खंभों पर खास QR कोड लगाए हैं। अगर आपको कोई परेशानी है, तो बस अपना फोन निकालिए और कोड स्कैन कीजिए। स्कैन करते ही एक फॉर्म खुलेगा जिसमें आप अपनी शिकायत या सुझाव दे सकते हैं। प्रशासन की टीम तुरंत हरकत में आएगी और आपकी समस्या दूर करेगी।
पहली बार ऐसी हाई-टेक व्यवस्था
मेला अधिकारी ऋषिराज सिंह ने बताया कि यह एप श्रद्धालुओं और प्रशासन के बीच पुल बनेगा। माघ मेले के इतिहास में पहली बार ऐसी डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है। चाहे सफाई की बात हो या बिजली की, अब सब कुछ ऑनलाइन ट्रैक होगा। यह कदम मेले को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पूरी तरह से डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा है।
पहली बार डिजिटल मार्गदर्शन व्यवस्था
माघ मेला में यह पहल पहली बार लागू की गई है। अब श्रद्धालु अपनी समस्याओं का समाधान सीधे प्रशासन से प्राप्त कर सकते हैं। यह डिजिटल व्यवस्था मेला प्रशासन और श्रद्धालुओं के बीच सीधा संवाद स्थापित करेगी, जिससे मेले की व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित बन सकेगी। यह कदम माघ मेला को तकनीक से जोड़ते हुए, उसे अधिक श्रद्धालु-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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निष्कर्ष: मेले की सुरक्षा पर पैनी नजर
प्रशासन ने इस बार चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र में लाखों की भीड़ उमड़ती है, ऐसे में यह एप भीड़ प्रबंधन में भी मदद करेगा। श्रद्धालुओं को घाटों की सही लोकेशन और मुख्य रास्तों की जानकारी भी इसी एप के जरिए मिल जाएगी।
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