राजकुमार की हत्या : परिवार ने बाहुबलियों के प्रभाव पर उठाए सवाल, CBI जांच की मांग
Jitendra Shrivastava | Apr 15, 2025, 18:05 IST
rajkumar-murder Photograph: (THE SOOTR)
राजकुमार की हत्या को लेकर परिवार ने सीबीआई जांच की मांग की है। पुलिस की लापरवाही और हत्यारों के प्रभाव का आरोप लगाया जा रहा है। पूरा मामला बेहद संजीदा है।
राजकुमार हत्याकांड:राजस्थान के UPSC परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र राजकुमार जाट की 4 मार्च को गुजरात के राजकोट में हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और FIR में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस इस घटना को एक सड़क हादसा बता रही है, लेकिन राजकुमार के शरीर पर 40 से ज्यादा चोटें पाई गई हैं, जिससे हत्या की आशंका और बढ़ जाती है।
राजकुमार की हत्या को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। 8 मार्च को राजकुमार के घरवालों को किसी परिचित ने सूचित किया कि राजकोट के सिविल हॉस्पिटल में एक शव पड़ा हुआ है और वह राजकुमार का हो सकता है। मृतक के परिजनों ने जांच अधिकारी जयदेव गोसाई से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने यह कहकर मामले को टाल दिया कि मोर्चरी में ऐसा कोई शव नहीं था। इस तरह के कई फोन कॉल्स के बाद 9 मार्च को पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचित किया कि शव 4 तारीख को मोर्चरी में आया था, लेकिन इसे छुपाकर रखा गया था।
ये खबरें भी पढ़ें...
दहेज एक्ट के दुरुपयोग पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कानून में हस्तक्षेप की कोई वजह नहीं
पूर्व आईएएस टुटेजा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, नहीं आ पाएंगे जेल से बाहर
इस घटना ने पुलिस के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिया है। जब 4 तारीख से शव मोर्चरी में था, तो पुलिस द्वारा इस जानकारी को छुपाना और 7 दिनों तक शव को पहचानने की अनुमति न देना गंभीर है। 5 मार्च को मृतक के माता-पिता ने एसपी हिमकर सिंह से शिकायत की थी, लेकिन यह जानकारी उन्हे 9 मार्च तक क्यों नहीं दी गई?
एसपी ने यह भी सुनिश्चित किया था कि उनके परिवार को पुलिस की ओर से सहयोग मिलेगा, लेकिन फिर भी यह सवाल उठता है कि पुलिस इस मामले में क्या छुपाने की कोशिश कर रही थी? क्या शव को मोर्चरी में रखने का उद्देश्य राजकुमार के हत्यारों के खिलाफ जांच को प्रभावित करना था?
ये खबरें भी पढ़ें...
सीएम योगी आदित्यनाथ का ममता बनर्जी पर तीखा हमला, बंगाल में दंगों पर चुप्पी क्यों?
नक्सलियों के सामूहिक आत्मसमर्पण के लिए मास्टर स्ट्रोक
राजकुमार के परिवार ने आरोप लगाया है कि बाहुबलियों के प्रभाव के कारण पुलिस इस मामले को हल्के में ले रही है। परिजनों ने मांग की है कि इस हत्या की सीबीआई जांच हो ताकि सच्चाई सामने आ सके। उनका कहना है कि पुलिस ने मामले को शुरू से ही दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की, लेकिन परिवार को विश्वास है कि यह हत्या थी।
शव 4 तारीख से मोर्चरी में पड़ा था, लेकिन पुलिस ने इसे 9 तारीख तक परिजनों के सामने नहीं रखा। जब परिजनों ने मोर्चरी में जाकर शव की पहचान की, तो यह साफ हो गया कि पुलिस ने 4 तारीख से इस शव को छुपाकर रखा था। यह विशेष जानकारी पुलिस को भी थी, लेकिन 6 दिन तक इसे क्यों छुपाया गया? क्या यह हत्या की साजिश को छुपाने के लिए किया गया था? राजकोट न्यूज | देश दुनिया न्यूज
इस मामले में न्याय की मांग को लेकर पूरे समाज ने सीबीआई जांच की मांग की है। परिवार का कहना है कि केवल सीबीआई जांच से ही राजकुमार जाट के साथ सही न्याय हो सकता है।
राजकुमार की हत्या पर गंभीर सवाल
ये खबरें भी पढ़ें...
दहेज एक्ट के दुरुपयोग पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कानून में हस्तक्षेप की कोई वजह नहीं
पूर्व आईएएस टुटेजा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, नहीं आ पाएंगे जेल से बाहर
पुलिस की लापरवाही और चुप्पी पर भी सवाल
एसपी ने यह भी सुनिश्चित किया था कि उनके परिवार को पुलिस की ओर से सहयोग मिलेगा, लेकिन फिर भी यह सवाल उठता है कि पुलिस इस मामले में क्या छुपाने की कोशिश कर रही थी? क्या शव को मोर्चरी में रखने का उद्देश्य राजकुमार के हत्यारों के खिलाफ जांच को प्रभावित करना था?
ये खबरें भी पढ़ें...
सीएम योगी आदित्यनाथ का ममता बनर्जी पर तीखा हमला, बंगाल में दंगों पर चुप्पी क्यों?
नक्सलियों के सामूहिक आत्मसमर्पण के लिए मास्टर स्ट्रोक
बाहुबलियों के प्रभाव से जांच हो रही प्रभावित
मोर्चरी में पुलिस ने 7 दिन शव छुपाकर रखा
इंदौर में भाजपा पदयात्रा से 6 घंटे जाम, जबलपुर में रास्ते बंद; अब भोपाल में आयोजन से पहले उठ रहे सवाल
By Ramanand Tiwari
मध्यप्रदेश में 348 करोड़ मंजूर, फिर भी यूनिफॉर्म राशि का इंतजार, दीपावली से पहले सरकारी स्कूलों के अनुदान पर सवाल
By Ramanand Tiwari
मध्यप्रदेश स्क्रैप पॉलिसी: भोपाल में 3 हजार सरकारी कंडम वाहन लंबित, पांच साल बाद भी व्यवस्था की सुस्त रफ्तार
By Ramanand Tiwari
इंदौर MIC का फैसला: जल अपव्यय पर 10 हजार की पेनल्टी, नल में मोटर लगाकर नहीं खींच पाएंगे पानी
By Sanjay Gupta
एमपी राज्यसभा उपचुनाव: गलतियों से नहीं सीखी कांग्रेस! फिर फॉर्म 26 ने बढ़ाई मुश्किल
By Atul Dwivedi
छत्तीसगढ़ में DMF फंड की स्वीकृतियों पर बड़ा एक्शन: 17.46 करोड़ के 160 विकास कार्य रद्द, 8.32 करोड़ की वसूली के आदेश
By Umeshwari Baghel
कांग्रेस का जन महाभियोग सवालों के घेरे में! लोकतांत्रिक असहमति या जन-अदालत की राजनीति?
By The Sootr