राणा सांगा विवाद : रामजीलाल के बयान पर कुमार विश्वास का पलटवार, 'जुगनू की औलादों ने सूरज पर प्रश्न उठाए हैं'
Jitendra Shrivastava | Mar 24, 2025, 21:03 IST
rana-sanga-controversy Photograph: (thesootr)
सपा सांसद रामजीलाल सुमन के राणा सांगा को लेकर दिए विवादित बयान के बाद कुमार विश्वास ने कविता के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी। इस मुद्दे पर भाजपा और राजपूत समाज ने विरोध जताया है।
समाजवादी पार्टी (Samarajwadi Party) के सांसद रामजीलाल सुमन (Ramjilal Suman) ने हाल ही में राज्यसभा में एक विवादित बयान दिया, जिसमें उन्होंने राणा सांगा (Rana Sanga) को लेकर कहा कि राणा सांगा ने बाबर (Babar) को निमंत्रण भेजा था। इस बयान ने एक नया विवाद पैदा कर दिया और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सहित राजपूत समाज (Rajput Society) के नेताओं ने इसका कड़ा विरोध किया है।
कवि कुमार विश्वास ने अपनी कविता के माध्यम से यह संदेश दिया कि भारत का इतिहास वीरों से भरा हुआ है और किसी भी विवादित बयान से इस इतिहास को बदला नहीं जा सकता। उनकी कविता में राणा सांगा को देशभक्त और शौर्य के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिन्हें कुछ लोग निशाना बना रहे हैं।
ये खबरें भी पढ़ें...
कर्नाटक में आरक्षण विवाद : जयराम रमेश ने की किरेन रिजिजू के खिलाफ कार्रवाई की मांग
कंबोडिया स्कैम सेंटर का मास्टरमाइंड पुणे से धरा, 5 आरोपी गिरफ्तार
"उनसे कह दो अब देश शौर्य की मुठ्ठी खूब तानता है,
उनसे कह दो यह देश महाराणा की ज्योति जानता है,
इतिहास तुम्हारी सरकारों का बंधक नहीं रहेगा अब,
उनसे कह दो यह देश लुटेरों को अब नहीं मानता है।"
इस कविता के जरिए कुमार विश्वास ने इस विवाद पर अपनी स्पष्ट राय व्यक्त की और राणा सांगा के योगदान को ऐतिहासिक दृष्टि से महत्व दिया।
ये खबरें भी पढ़ें...
जन्मदिन विशेषः तीसरी लाइन में बैठे थे मोहन यादव, अचानक आया नाम और बन गए सीएम
सुनीता विलियम्स: एमपी की बेटी, अंतरिक्ष से विदिशा तक का सफर
बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी इस विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेताओं के बयान से राणा सांगा के सम्मान को ठेस पहुंची है। उनका मानना था कि राणा सांगा जैसे वीर देशभक्त का अपमान नहीं किया जा सकता। सुमन के बयान को लेकर भाजपा और राजपूत समाज ने इसे राजनीति का हिस्सा मानते हुए विरोध जताया। बृजभूषण ने कहा कि इस प्रकार के बयान देने से सपा को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) ने इस विवाद पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी और कविता लिखी। उन्होंने लिखा, "जुगनू की कुछ औलादों ने सूरज पर प्रश्न उठाए हैं," जिसमें वह राणा सांगा की वीरता और सम्मान की बात कर रहे थे।
राणा सांगा विवाद में कुमार विश्वास की एंट्री
ये खबरें भी पढ़ें...
कर्नाटक में आरक्षण विवाद : जयराम रमेश ने की किरेन रिजिजू के खिलाफ कार्रवाई की मांग
कंबोडिया स्कैम सेंटर का मास्टरमाइंड पुणे से धरा, 5 आरोपी गिरफ्तार
कविता का एक प्रमुख हिस्सा था...
उनसे कह दो यह देश महाराणा की ज्योति जानता है,
इतिहास तुम्हारी सरकारों का बंधक नहीं रहेगा अब,
उनसे कह दो यह देश लुटेरों को अब नहीं मानता है।"
इस कविता के जरिए कुमार विश्वास ने इस विवाद पर अपनी स्पष्ट राय व्यक्त की और राणा सांगा के योगदान को ऐतिहासिक दृष्टि से महत्व दिया।
ये खबरें भी पढ़ें...
जन्मदिन विशेषः तीसरी लाइन में बैठे थे मोहन यादव, अचानक आया नाम और बन गए सीएम
सुनीता विलियम्स: एमपी की बेटी, अंतरिक्ष से विदिशा तक का सफर
भाजपा और राजपूत समाज का विरोध
FAQ- खबर से संबंधित सवाल
- राणा सांगा कौन थे और उनका भारतीय इतिहास में क्या योगदान है?
राणा सांगा, मेवाड़ के महान राजा थे जो बाबर से युद्ध में लड़े थे। उनका भारतीय इतिहास में योगदान वीरता और संघर्ष के प्रतीक के रूप में माना जाता है। उनका उद्देश्य भारत की स्वतंत्रता और सम्मान की रक्षा करना था। उनके नेतृत्व में मेवाड़ ने कई महत्वपूर्ण युद्ध लड़े और उन्होंने अपनी वीरता से इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया। - कुमार विश्वास की कविता में राणा सांगा के बारे में क्या कहा गया है?
कुमार विश्वास ने अपनी कविता में राणा सांगा की वीरता और उनके योगदान को सम्मानित किया। उन्होंने कविता के माध्यम से यह संदेश दिया कि राणा सांगा के घावों और संघर्षों को इतिहास कभी नहीं भूल सकता, और उनके योगदान को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह देश राणा सांगा के योगदान का ऋणी है। - सपा सांसद रामजीलाल सुमन का बयान विवाद क्यों बना?
सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने राज्यसभा में यह दावा किया था कि राणा सांगा ने बाबर को निमंत्रण भेजा था। इस बयान ने इतिहास को लेकर विवाद उत्पन्न कर दिया, क्योंकि यह राणा सांगा की वीरता को नकारता हुआ दिखाई दिया। भारतीय जनता पार्टी और राजपूत समाज के नेताओं ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari