रतन टाटा की जायदाद बांटने में लगेंगे इतने महीने, जानें किसे क्या मिलेगा?
Sandeep Kumar | Apr 01, 2025, 20:38 IST
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रतन टाटा की 3800 करोड़ रुपए की संपत्ति का बंटवारा जल्द ही शुरू होगा। इसमें उनके परिवार, करीबी दोस्तों, पालतू जानवरों और समाज सेवा के लिए दान किया गया हिस्सा शामिल है। संपत्ति का वितरण प्रक्रिया में 6 महीने का समय लगेगा।
रतन टाटा, जो टाटा समूह के प्रमुख थे, 9 अक्टूबर 2024 को इस दुनिया को अलविदा ले गए। उनकी संपत्ति में कई बड़ी प्रॉपर्टीज, टाटा संस के शेयर और अन्य कीमती वस्तुएं शामिल हैं। रतन टाटा ने अपनी संपत्ति के बंटवारे के बारे में अपनी वसीयत में काफी स्पष्टता दिखाई थी, और अब उनकी जायदाद का बंटवारा एक कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। आइए जानते हैं कि उनकी 3800 करोड़ रुपए की संपत्ति का बंटवारा कैसे होगा और कौन-कौन उनके उत्तराधिकारी होंगे।
Ratan tata ने अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा धर्म और समाज सेवा के लिए समर्पित किया है। उन्होंने रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन और रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट को अपनी संपत्ति का हिस्सा दिया, जिससे यह धन समाज सेवा और चैरिटी के लिए इस्तेमाल होगा।
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टाटा के 82 वर्षीय भाई जिमी नवल टाटा को भी संपत्ति का हिस्सा मिलेगा। इसमें जुहू में स्थित बंगले का हिस्सा, चांदी के सामान और कुछ आभूषण शामिल होंगे।
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Ratan tata ने टाटा समूह की पूर्व कर्मचारी मोहिनी दत्ता को भी अपनी संपत्ति का एक तिहाई हिस्सा दिया है, और उन्हें करीबी दोस्त के रूप में सम्मानित किया। इसके अलावा, उनके करीबी दोस्त मेहली मिस्त्री को अलीबाग में स्थित संपत्ति और तीन बंदूकें मिली हैं, जिनमें एक 0.25 बोर की पिस्तौल भी शामिल है।
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रतन टाटा की विदेशी संपत्तियां लगभग 40 करोड़ रुपए की हैं। इसमें सेशेल्स में स्थित प्रॉपर्टी, वेल्स फार्गो और मॉर्गन स्टेनली के साथ बैंक अकाउंट्स, एल्कोआ कॉर्प और हाउमेट एयरोस्पेस के शेयर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, उनकी पर्सनल 65 लक्जरी घड़ियां भी संपत्ति का हिस्सा हैं, जिनमें बुल्गारी, पाटेक फिलिप, टिसोट और ऑडेमर्स पिगुएट जैसे ब्रांड्स शामिल हैं।
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रतन टाटा की बिजनेस से जुड़ी कंपनियों की देखरेख के लिए आरएनटी एसोसिएट्स को जिम्मेदारी दी गई है। सेशेल्स में स्थित उनकी जमीन आरएनटी एसोसिएट्स सिंगापुर को दी गई है, और इसकी देखरेख के लिए आर वेंकटरमन और पैट्रिक मैकगोल्ड्रिक को जिम्मेदारी दी गई है।
रतन टाटा की संपत्ति का बंटवारा लगभग 6 महीने तक की कानूनी प्रक्रिया में पूरा हो सकता है, क्योंकि इसे मान्यता देने के लिए प्रोबेट प्रक्रिया से गुजरना होगा। प्रोबेट एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसमें संपत्ति को कोर्ट द्वारा प्रमाणित किया जाता है, जिससे बंटवारा संभव हो पाता है।
रतन टाटा ने अपनी संपत्ति में पालतू जानवरों के लिए 12 लाख रुपए अलग से निर्धारित किए हैं। यह राशि उनके पालतू जानवरों की देखभाल पर खर्च की जाएगी, और हर तीन महीने में 30,000 रुपए इस देखभाल के लिए खर्च होंगे।
रतन टाटा ने अपने कार्यकारी सहायक शांतनु नायडू के छात्र लोन को माफ कर दिया है। इसके अलावा, उन्होंने अपने पड़ोसी जेक मालिटे के शिक्षा लोन को भी माफ कर दिया है, जिससे उनका आर्थिक बोझ कम हुआ है।
रतन टाटा का दान
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भाई को संपत्ति
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करीबी दोस्त और पूर्व कर्मचारी को हिस्सा
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विदेशी संपत्तियां
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आरएनटी एसोसिएट्स को सौंपा गया कार्य
बंटवारे की कानूनी प्रक्रिया
पालतू जानवरों के लिए राशि
टाटा ने लोन माफ किए
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