अब दस हजार रुपए भेजते ही करना होगा एक घंटा इंतजार, RBI ला रहा है नया नियम
Aman Vaishnav | Apr 10, 2026, 12:58 IST
rbi new digital payment rules to stop online fraud
RBI UPI और IMPS से 10 हजार रुपए से अधिक ट्रांसफर पर 1 घंटे का कूलिंग पीरियड लागू करने पर विचार कर रहा है। इसका मकसद डिजिटल फ्रॉड रोकना है। इसके अलावा 70 साल से अधिक उम्र वालों के लिए अलग नियम होगा। RBI ने 8 मई 2026 तक सुझाव मांगे हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक UPI और IMPS (Immediate Payment Service) से 10 हजार रुपए से ज्यादा के ट्रांसफर पर 1 घंटे का कूलिंग पीरियड लागू करने पर विचार कर रहा है। इस दौरान पैसा अकाउंट में तुरंत नहीं पहुंचेगा।
वहीं अब से 70 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए 50 हजार रुपए से ज्यादा ट्रांसफर पर किसी भरोसेमंद व्यक्ति की मंजूरी जरूरी होगी। RBI ने 8 मई 2026 तक इस प्रस्ताव पर सुझाव मांगे हैं।
डिजिटल इंडिया के इस दौर में हम पलक झपकते ही पैसे भेज देते हैं। लेकिन इसी रफ्तार का फायदा ठग भी उठाते हैं। RBI अब इस रफ्तार पर थोड़ा ब्रेक लगाने की तैयारी में है।
नए प्रस्ताव के मुताबिक अगर आप UPI या IMPS के जरिए किसी को 10 हजार रुपए से ज्यादा भेजते हैं तो वह रकम पाने वाले के खाते में तुरंत नहीं पहुंचेगी।
उस ट्रांसफर पर 1 घंटे का कूलिंग पीरियड यानी प्रतीक्षा अवधि लागू होगी। इसका सीधा फायदा यह होगा कि अगर किसी के साथ ठगी हो जाए तो उसे सोचने और ट्रांजेक्शन रोकने का वक्त मिलेगा।
इस प्रस्ताव की सबसे बड़ी वजह डिजिटल फ्रॉड से होने वाला भारी नुकसान है। साल 2025 में अकेले भारत में ऑनलाइन धोखाधड़ी से लोगों ने 22 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा गंवाए हैं। यह आंकड़ा चौंकाने वाला है।
बड़ी बात यह है कि 10 हजार रुपए से बड़े ट्रांजेक्शन संख्या में भले ही कम हों, लेकिन डिजिटल फ्रॉड की कुल रकम का करीब 98.5 फीसदी हिस्सा इसी श्रेणी से आता है।
ठग अक्सर सोशल इंजीनियरिंग यानी डर या लालच दिखाकर पीड़ित से तुरंत पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं। अब एक घंटे की यह देरी उस जाल को तोड़ने का काम करेगी।
बुजुर्गों के साथ डिजिटल फ्रॉड के मामले सबसे ज्यादा होते हैं। इसीलिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 70 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए अलग नियम बनाने का प्रस्ताव रखा है।
इसके तहत अगर कोई बुजुर्ग 50 जहार रुपए से ज्यादा ट्रांसफर करता है तो उनके किसी भरोसेमंद व्यक्ति की अनुमति लेनी होगी। यह कदम उन बुजुर्गों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा जो डिजिटल ठगी का आसान शिकार बन जाते हैं।
एक और बड़ा प्रस्ताव यह है कि किसी व्यक्तिगत या छोटे बिजनेस खाते में अचानक 25 लाख रुपए से ज्यादा जमा होते हैं तो बैंक पूरी पुष्टि के बाद ही उसे क्रेडिट करेगा। यह मनी लॉन्ड्रिंग और बड़े फ्रॉड को रोकने में मदद करेगा।
शायद इस पूरे प्रस्ताव का सबसे क्रांतिकारी हिस्सा है किल स्विच। इस सुविधा के तहत कोई भी ग्राहक फ्रॉड (साइबर क्राइम) का संदेह होते ही एक ही बटन दबाकर अपनी UPI, नेट बैंकिंग और डेबिट-क्रेडिट कार्ड जैसी सभी डिजिटल सेवाओं को तुरंत बंद कर सकेगा। इससे ठगी की स्थिति में तुरंत नुकसान रोका जा सकेगा।
RBI ने इस पूरे प्रस्ताव को अभी अंतिम रूप नहीं दिया है। 8 मई 2026 तक आम जनता, बैंक और विशेषज्ञ अपने सुझाव दे सकते हैं। इसके बाद अंतिम गाइडलाइंस जारी की जाएंगी।
भारत में UPI (UPI ट्रांजैक्शन) अब देश की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट प्रणाली बन चुकी है। करोड़ों लोग रोज इसका इस्तेमाल करते हैं। इसीलिए इसकी सुरक्षा हर नागरिक के लिए जरूरी है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 300A के तहत नागरिक की संपत्ति की सुरक्षा राज्य की जिम्मेदारी है।
RBI का यह प्रस्ताव उसी भावना को आगे बढ़ाता है। 22 हजार करोड़ रुपए का सालाना नुकसान यह बताता है कि, सख्त नियमों की जरूरत कितनी ज्यादा है। यह बदलाव थोड़ी असुविधा जरूर देगा लेकिन लंबे समय में आम आदमी की जमापूंजी को सुरक्षित रखेगा।
जेब में नहीं, मोबाइल में होगा पैसा... क्या है RBI का डिजिटल रुपया और यह कैसे करेगा काम?
RBI का बड़ा प्लान: बैंक अकाउंट पोर्टेबिलिटी से मोबाइल नंबर की तरह बदल सकेंगे बैंक
ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड पर मिलोगा 25 हजार तक का मुआवजा, RBI ने जारी की नई गाइडलाइन
बैंक लॉकर में रखा सोना गायब हुआ तो बैंक जिम्मेदार, जानें RBI के नियम
वहीं अब से 70 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए 50 हजार रुपए से ज्यादा ट्रांसफर पर किसी भरोसेमंद व्यक्ति की मंजूरी जरूरी होगी। RBI ने 8 मई 2026 तक इस प्रस्ताव पर सुझाव मांगे हैं।
क्या है कूलिंग पीरियड का मतलब
नए प्रस्ताव के मुताबिक अगर आप UPI या IMPS के जरिए किसी को 10 हजार रुपए से ज्यादा भेजते हैं तो वह रकम पाने वाले के खाते में तुरंत नहीं पहुंचेगी।
उस ट्रांसफर पर 1 घंटे का कूलिंग पीरियड यानी प्रतीक्षा अवधि लागू होगी। इसका सीधा फायदा यह होगा कि अगर किसी के साथ ठगी हो जाए तो उसे सोचने और ट्रांजेक्शन रोकने का वक्त मिलेगा।
22 हजार करोड़ का नुकसान
बड़ी बात यह है कि 10 हजार रुपए से बड़े ट्रांजेक्शन संख्या में भले ही कम हों, लेकिन डिजिटल फ्रॉड की कुल रकम का करीब 98.5 फीसदी हिस्सा इसी श्रेणी से आता है।
ठग अक्सर सोशल इंजीनियरिंग यानी डर या लालच दिखाकर पीड़ित से तुरंत पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं। अब एक घंटे की यह देरी उस जाल को तोड़ने का काम करेगी।
बुजुर्गों के लिए अलग सुरक्षा
इसके तहत अगर कोई बुजुर्ग 50 जहार रुपए से ज्यादा ट्रांसफर करता है तो उनके किसी भरोसेमंद व्यक्ति की अनुमति लेनी होगी। यह कदम उन बुजुर्गों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा जो डिजिटल ठगी का आसान शिकार बन जाते हैं।
25 लाख से ज्यादा जमा पर भी नजर
किल स्विच: एक बटन, पूरी सुरक्षा
8 मई तक दे सकते हैं सुझाव
यह खबर क्यों जरूरी है
RBI का यह प्रस्ताव उसी भावना को आगे बढ़ाता है। 22 हजार करोड़ रुपए का सालाना नुकसान यह बताता है कि, सख्त नियमों की जरूरत कितनी ज्यादा है। यह बदलाव थोड़ी असुविधा जरूर देगा लेकिन लंबे समय में आम आदमी की जमापूंजी को सुरक्षित रखेगा।
FAQ
- क्या अब से छोटे पेमेंट पर भी 1 घंटे का समय लगेगा?
नहीं, यह नियम केवल 10 हजार से ज्यादा के ट्रांसफर पर है। छोटे पेमेंट पहले की तरह पलक झपकते ही पूरे होंगे। रोजमर्रा के खर्चों पर इसका कोई भी असर नहीं पड़ेगा। - किल स्विच फीचर का इस्तेमाल कैसे होगा?
यह फीचर बैंक के मोबाइल ऐप या वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। ठगी का संदेह होने पर इसे तुरंत दबाना होगा। इससे आपके अकाउंट से जुड़ी सभी डिजिटल सेवाएं रुक जाएंगी। आप दोबारा बैंक जाकर ही इन्हें चालू करवा पाएंगे। - RBI के डिजिटल पैमेंट के नियम कब से लागू होंगे?
अभी आरबीआई ने इस पर केवल प्रस्ताव पेश किया है। 8 मई 2026 तक सभी से सुझाव मांगे गए हैं। इन सुझावों की समीक्षा के बाद अंतिम तारीख आएगी। उम्मीद है कि जल्द ही इसे लागू कर दिया जाएगा।
जेब में नहीं, मोबाइल में होगा पैसा... क्या है RBI का डिजिटल रुपया और यह कैसे करेगा काम?
RBI का बड़ा प्लान: बैंक अकाउंट पोर्टेबिलिटी से मोबाइल नंबर की तरह बदल सकेंगे बैंक
ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड पर मिलोगा 25 हजार तक का मुआवजा, RBI ने जारी की नई गाइडलाइन
बैंक लॉकर में रखा सोना गायब हुआ तो बैंक जिम्मेदार, जानें RBI के नियम
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari