अब 2000 रुपए से ऊपर के UPI पेमेंट पर नहीं लगेगा चार्ज, सरकार ने अफवाहों पर लगाया विराम
Kaushiki | Aug 04, 2026, 11:10 IST
rbi new upi payment rules
सरकार ने साफ किया है कि यूपीआई यूजर्स से कोई लेन-देन शुल्क नहीं लिया जाएगा। पी2पी लेन-देन हमेशा फ्री रहेंगे। व्यापारियों के लिए भी ज्यादातर लेन-देन निःशुल्क रहेंगे।
समझें क्या है पूरा मामला
- सरकार ने यूपीआई को लेकर बड़ा स्पष्टीकरण दिया है।
- यूजर्स से किसी भी तरह का लेन-देन शुल्क नहीं लिया जाएगा।
- पी2पी यानी व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले लेन-देन हमेशा फ्री रहेंगे।
- व्यापारियों के लिए भी अधिकांश लेन-देन निःशुल्क रहेंगे।
- यह स्पष्टीकरण पीएसएस एक्ट में हुए संशोधन को लेकर फैली भ्रांतियों के बाद आया है।
क्यों जरूरी हुआ यह स्पष्टीकरण
सरकार ने इस भ्रम को पूरी तरह गलत बताया है। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह संशोधन यूपीआई को मजबूत बनाने के लिए है। इसका मकसद शुल्क लगाना बिल्कुल नहीं है।
आखिर क्या है पूरा मामला
केंद्र सरकार बड़े कारोबारियों से होने वाले UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR – Merchant Discount Rate) फिर से लगाने पर विचार कर रही है। यह चार्ज सिर्फ 2000 रुपए से ऊपर के बिजनेस ट्रांजैक्शन पर लगेगा।
व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले UPI ट्रांसफर इससे बाहर रहेंगे। अधिकारियों के मुताबिक, यह चार्ज 0.25 से 0.4 प्रतिशत के बीच हो सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में इसे 0.5 प्रतिशत तक बताया गया है। अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
यूजर्स के लिए क्या रहेगा नियम
इसका मतलब है कि आम आदमी जो रोजमर्रा में यूपीआई से भुगतान करता है, उस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दुकानदार को पैसे भेजना हो या दोस्त को, दोनों तरह के लेन-देन पहले जैसे ही रहेंगे।
व्यापारियों के लिए क्या बदलेगा
सरकार के मुताबिक यह शुल्क डेबिट या क्रेडिट कार्ड पर लगने वाले एमडीआर से काफी कम होगा। साथ ही यह हर व्यापारी लेन-देन पर नहीं, बल्कि एक निश्चित सीमा से ऊपर के कुछ चुनिंदा मामलों में ही लागू हो सकता है।
मर्चेंट पेमेंट क्या है
इस प्रोसेस में पैसे किसी आम इंसान के पर्सनल अकाउंट में जाने के बजाय सीधे उस दुकानदार या कंपनी के बिजनेस यानी 'मर्चेंट अकाउंट' में जमा होते हैं। इजी शब्दों में, किसी भी बिजनेसमैन या वेंडर को अपनी खरीदारी के बदले किया गया डिजिटल पेमेंट ही मर्चेंट पेमेंट कहलाता है।
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आम लोगों के लिए क्या मायने
गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल में एक अलग खबर आई थी कि UPI पेमेंट पर GST लगाने की तैयारी है। वित्त मंत्रालय ने उस खबर को पूरी तरह गलत बताया था। मौजूदा MDR प्रस्ताव उस खबर से अलग है।
इस प्रस्ताव में छोटे व्यापारियों का खास ध्यान रखा गया है। सालाना डेढ़ करोड़ रुपये तक टर्नओवर वाले दुकानदारों को यह चार्ज नहीं देना होगा। यह छूट ट्रांजैक्शन के अमाउंट पर निर्भर नहीं करेगी। दूध, सब्जी, ऑटो या टैक्सी जैसे रोजमर्रा के पेमेंट पर भी असर की संभावना कम है।
क्या बदल सकता है UPI पेमेंट तरीका
अगर आप Yes चुनते हैं तो पैसा तुरंत ट्रांसफर हो जाएगा। अगर आप No चुनते हैं तो पेमेंट तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। अगर आप कोई जवाब नहीं देते तो पैसा एक घंटे बाद पहुंचेगा।
बैंकों ने साफ किया है कि ये नियम हर पेमेंट पर नहीं होगा। इसे केवल बहुत अधिक जोखिम वाले ट्रांजैक्शन पर लागू किया जाएगा। जैसे रात दो बजे अचानक कोई बड़ा पेमेंट किया जा रहा हो।
अगर आप किसी बिल्कुल नए व्यक्ति को पहली बार पैसे भेज रहे हों। जिस खाते में पैसे जा रहे हैं वह हाल ही में खोला गया हो। ऐसी स्थिति में ही ऐप आपसे दोबारा कंफर्मेशन मांगेगा।
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RBI क्यों ला रहा है यह नया प्रस्ताव
साल 2025 तक यह संख्या बढ़कर 28 लाख तक पहुंच चुकी है। धोखाधड़ी की रकम 551 करोड़ से बढ़कर 22 हजार 931 करोड़ रुपए हो गई। इसी बड़ी चपत को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने जरूरी हैं।
बैंक हर पेमेंट में देरी क्यों नहीं चाहते
देरी होने पर लोग फिर से कैस या नकद लेनदेन करने लगेंगे। इससे देश के डिजिटल पेमेंट अभियान को बड़ा झटका लग सकता है। इसीलिए बैंक केवल जोखिम वाले खातों पर ही सुरक्षा चाहते हैं।
NPCI की क्या है इस पर अलग राय
फर्जी खातों और निवेश फ्रॉड को केवल देरी से नहीं रोका जा सकता। इसके लिए मजबूत तकनीक और तुरंत खाते फ्रीज करने की जरूरत है। NPCI ग्राहकों के अनुभव को बिना खराब किए सुरक्षा चाहती है।
FAQ
- RBI का नया UPI पेमेंट नियम क्या है?
RBI के नए प्रस्ताव के मुताबिक, यदि आप किसी संदिग्ध या बहुत अधिक जोखिम वाले खाते में पैसे भेजते हैं, तो UPI ऐप आपसे दोबारा पुष्टि मांगेगा। अगर आप जवाब नहीं देते हैं, तो पैसा एक घंटे बाद ट्रांसफर होगा। - क्या यह एक घंटे की देरी वाला नियम हर UPI पेमेंट पर लागू होगा?
नहीं, यह नियम हर पेमेंट पर लागू नहीं होगा। बैंक इसे केवल रात के समय अचानक बड़े पेमेंट, नए खाते में पहली बार ट्रांजैक्शन या संदिग्ध खातों में पैसे भेजने पर ही लागू करने का सुझाव दे रहे हैं। - RBI यह नया सुरक्षा नियम क्यों ला रहा है?
देश में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले 2021 में 2.6 लाख से बढ़कर 2025 में 28 लाख हो गए हैं। आम नागरिकों को साइबर ठगी से बचाने और डिजिटल लेनदेन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
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