सफेद शर्ट-काले पैंट पर केवल वकीलों का हक, बार एसोसिएशन का निर्णय, जानें कहा लागू हुआ नया नियम
Sanjay Dhiman | Jul 16, 2025, 17:46 IST
Photograph: (the sootr)
रोहिणी कोर्ट ने सफेद शर्ट और काली पैंट पहनने पर प्रतिबंध लगाया है। रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन ने यह निर्णय सुरक्षा कारणों और अधिवक्ताओं की गरिमा बनाए रखने के लिए लिया गया है। जानें बार एसोसिएशन के इस फैसले के बारे में विस्तार से।
दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में बार एसोसिएशन के एक निर्णय ने कोर्ट में आने वाले हर व्यक्ति को अचरज में डाल दिया है। यहां रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि अब केवल अधिवक्ता को ही कोर्ट परिसर में सफेद शर्ट और काली पैंट पहनने की अनुमति होगी।
अन्य कोई व्यक्ति, चाहे वह न्यायालय का कर्मचारी हो, या फिर कोर्ट पेशियों पर आने वाले फरियादी या आम जनता। किसी को भी अब सफेद शर्ट व काली पेंट पहनकर आने पर न्यायालय परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह निर्णय कोर्ट परिसर में सुरक्षा बनाए रखने व अविधक्ताओं की गरिमा बनाए रखने के लिए लिया गया है।
रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन ने यह निर्णय सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया है। बार एसोसिएशन के सचिव प्रदीप खत्री द्वारा जारी किए गए सर्कुलर में यह स्पष्ट किया गया है कि केवल वकील इस विशेष पोशाक में न्यायालय परिसर में प्रवेश कर सकते हैं।
ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि कई बार असामाजिक तत्व वकीलों की तरह कपड़े पहनकर कोर्ट परिसर में घुसने की कोशिश करते हैं, जिससे सुरक्षा को खतरा उत्पन्न होता है।
यह खबरें भी पढ़ें..
कुलपति का कारनामा... पेंशन के साथ 4 साल तक लेते रहे वेतन
छत्तीसगढ़ के हार्डकोर नक्सली दंपति ने तेलंगाना में किया सरेंडर, 33 लाख का था इनामMe
बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजीव तहलान ने बताया कि अधिवक्ताओं के लिए वकील की पोशाक (Lawyer Dress Code) तय है। सफेद(white) शर्ट, काली पैंट और काला कोट आज अधिवक्ताओं की पहचान बन चुके है। यह पोशाक वकील को एक प्रोफेशनल (Professional) पहचान देती है।
कई बार लोग इस पहचान का गलत उपयोग कर लेते है। इससे उनके प्रोफेशन की छवि भी खराब होती है। इस निर्णय के बाद अदालत परिसर में पेशेवर वकीलों की आसानी से पहचान हो सकेगी।
नियम तोड़ा तो होगी
एसोसिएशन अध्यक्ष राजीव तहलान ने इस निर्णय को लेकर कहा कि यह केवल अधिवक्ताओं की सुरक्षा को मजबूर करने के लिए उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से अदालत परिसर में अन्य लोगों की पहचान में आसानी होगी।
उन्होंने कहा कि अदालत परिसर के सभी सुरक्षाकर्मी और बार एसोसिएशन के सदस्य सफेद शर्ट और काली पैंट पहनकर आने वाले व्यक्ति पर कडी नजर रखेंगे। अगर कोई व्यक्ति बिना किसी वैध कारण के इस ड्रेस कोड में कोर्ट परिसर में प्रवेश करने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह खबरें भी पढ़ें..
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा 17 जुलाई को लेंगे शपथ
मध्यप्रदेश की इकलौती AIMIM हिंदू पार्षद ने छोड़ी पार्टी, जानें इस्तीफे के पीछे की वजह
रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन के इस निर्णय ने अब देश के अन्य शहरों के अधिवक्ताओं को भी एक मौका दे दिया है। यह अधिवक्ता अपने-अपने शहरों के कोर्ट परिसर में इसी प्रकार ड्रेस कोड लागू करने की मांग कर सकते है।
विशेषकर ऐसे शहर के अधिवक्ता जहां क्राइम रेट अधिक है या फिर आतंकी घटनाओं का अंदेशा बना रहता है, वहां अधिवक्ता कोर्ट परिसर में इस प्रकार ड्रेस कोड लागू करने की मांग उठा सकते है। यह निर्णय देशभर की संवेदनशील मानी जाने वाली अदालतों में काम करने वाले अधिवक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
अन्य कोई व्यक्ति, चाहे वह न्यायालय का कर्मचारी हो, या फिर कोर्ट पेशियों पर आने वाले फरियादी या आम जनता। किसी को भी अब सफेद शर्ट व काली पेंट पहनकर आने पर न्यायालय परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह निर्णय कोर्ट परिसर में सुरक्षा बनाए रखने व अविधक्ताओं की गरिमा बनाए रखने के लिए लिया गया है।
वकीलों की सुरक्षा के लिए लिया निर्णय
ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि कई बार असामाजिक तत्व वकीलों की तरह कपड़े पहनकर कोर्ट परिसर में घुसने की कोशिश करते हैं, जिससे सुरक्षा को खतरा उत्पन्न होता है।
यह खबरें भी पढ़ें..
कुलपति का कारनामा... पेंशन के साथ 4 साल तक लेते रहे वेतन
छत्तीसगढ़ के हार्डकोर नक्सली दंपति ने तेलंगाना में किया सरेंडर, 33 लाख का था इनामMe
पेशेवर अधिवक्ताओं की पहचान है ड्रेस कोड
कई बार लोग इस पहचान का गलत उपयोग कर लेते है। इससे उनके प्रोफेशन की छवि भी खराब होती है। इस निर्णय के बाद अदालत परिसर में पेशेवर वकीलों की आसानी से पहचान हो सकेगी।
शार्ट में समझे बार एसोसिएशन के इस निर्णय कोप्रतिबंधित पोशाक: रोहिणी कोर्ट में सफेद शर्ट और काली पैंट पहनकर कोई भी व्यक्ति, सिवाय वकीलों के, न्यायालय परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा।सुरक्षा कारण: यह निर्णय सुरक्षा कारणों से लिया गया है, ताकि असामाजिक तत्व वकील की पोशाक पहनकर कोर्ट परिसर में घुसने की कोशिश न करें। वकीलों की पेशेवर पहचान: सफेद शर्ट और काली पैंट वकीलों के लिए एक पेशेवर पहचान और गरिमा का प्रतीक मानी जाती है, जिसे सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। सुरक्षा निगरानी: कोर्ट परिसर में सफेद शर्ट और काली पैंट पहने हुए किसी भी व्यक्ति पर सुरक्षा स्टाफ और बार एसोसिएशन की निगरानी रखी जाएगी। कानूनी कार्रवाई: यदि कोई व्यक्ति इस पोशाक में कोर्ट परिसर में प्रवेश करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। | |
नियम तोड़ा तो होगी कानूनी कार्रवाई
उन्होंने कहा कि अदालत परिसर के सभी सुरक्षाकर्मी और बार एसोसिएशन के सदस्य सफेद शर्ट और काली पैंट पहनकर आने वाले व्यक्ति पर कडी नजर रखेंगे। अगर कोई व्यक्ति बिना किसी वैध कारण के इस ड्रेस कोड में कोर्ट परिसर में प्रवेश करने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह खबरें भी पढ़ें..
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा 17 जुलाई को लेंगे शपथ
मध्यप्रदेश की इकलौती AIMIM हिंदू पार्षद ने छोड़ी पार्टी, जानें इस्तीफे के पीछे की वजह
दूसरे वकील भी कर सकते है ऐसी मांग
विशेषकर ऐसे शहर के अधिवक्ता जहां क्राइम रेट अधिक है या फिर आतंकी घटनाओं का अंदेशा बना रहता है, वहां अधिवक्ता कोर्ट परिसर में इस प्रकार ड्रेस कोड लागू करने की मांग उठा सकते है। यह निर्णय देशभर की संवेदनशील मानी जाने वाली अदालतों में काम करने वाले अधिवक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है।
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari