लोकसभा में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए 17 नेताओं को मिला संसद रत्न सम्मान

Sandeep Kumar | Jul 26, 2025, 19:15 IST
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लोकसभा में 17 सांसदों और दो स्थायी समितियों को 2025 के संसद रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ये पुरस्कार सांसदों के उत्कृष्ट योगदान के लिए दिए गए।

लोकसभा में सांसदों के शानदार कार्यों को मान्यता देने के लिए 2025 में संसद रत्न पुरस्कार दिए गए। 17 सांसदों और दो स्थायी समितियों को यह सम्मान मिला। पुरस्कार उन सांसदों को दिया गया जिन्होंने संसद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस साल के विजेताओं में सुप्रिया सुले, रवि किशन, निशिकांत दुबे और अरविंद सावंत शामिल हैं।

2025 के पुरस्कार विजेता सांसद

ये लोकसभा सांसद में अपनी भागीदारी और कार्यशैली के लिए सम्मानित किए गए हैं। उनके योगदान से संसद की कार्यवाही बेहतर हुई और जनता की समस्याओं के समाधान में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सांसदों को दिए गए संसद रत्न पुरस्कार

सांसद का नामपार्टीराज्य
सुप्रिया सुलेNCP (SP)महाराष्ट्र
रवि किशनBJPउत्तर प्रदेश
निशिकांत दुबेBJPझारखंड
अरविंद सावंतशिवसेना (UBT)महाराष्ट्र
भर्तृहरि महताबBJPओडिशा
एन के प्रेमचंद्रनक्रांतिकारी समाजवादी पार्टीकेरल
श्रीरंग अप्पा बार्नेशिवसेनामहाराष्ट्र
स्मिता उदय वाघBJPमहाराष्ट्र
नरेश म्हस्केशिवसेनामहाराष्ट्र
वर्षा गायकवाड़कांग्रेसमहाराष्ट्र
मेधा कुलकर्णीBJPमहाराष्ट्र
प्रवीण पटेलBJPउत्तर प्रदेश
विद्युत बरन महतोBJPझारखंड
पीपी चौधरीबीजेपी राजस्थान

मदन राठौड़BJP राजस्थान

सीएन अन्नादुराईDMK तमिलनाडु

दिलीप सैकियाBJP असम

सम्मानित स्थायी समितियां

समिति का नामअध्यक्ष का नामविषय
वित्त संबंधी स्थायी समितिभर्तृहरि महताबवित्तीय मुद्दे और बजट
कृषि संबंधी स्थायी समितिडॉ. चरणजीत सिंह चन्नीकृषि और ग्रामीण विकास

स्थायी समितियों को भी सम्मानित किया गया

  • इसके साथ ही, दो प्रभावशाली स्थायी समितियों को भी संसद रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • वित्त संबंधी स्थायी समिति, जिसकी अध्यक्षता भर्तृहरि महताब ने की।
  • कृषि संबंधी स्थायी समिति, जिसकी अध्यक्षता डॉ. चरणजीत सिंह चन्नी ने की।
इन समितियों को उनकी उच्च गुणवत्ता वाली रिपोर्टों और विधायी निगरानी में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इन समितियों ने संसद के कार्यों को प्रबंधित करने और जनता के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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संसद रत्न पुरस्कार का महत्व

संसद रत्न पुरस्कार प्राइम पॉइंट फाउंडेशन द्वारा स्थापित किया गया था। इसका उद्देश्य उन सांसदों और समितियों को सम्मानित करना है जो संसद में विशेष योगदान देते हैं। यह पुरस्कार उनकी भूमिका को मान्यता देने के लिए है, जिसमें वे प्रभावी ढंग से जनता के मुद्दों को उठाते हैं। संसद रत्न पुरस्कार की शुरुआत 2010 में हुई थी, और अब तक इसने सांसदों को उनके योगदान के लिए पहचाना है।

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पुरस्कार चयन प्रक्रिया

संसद रत्न पुरस्कार का चयन निष्पक्ष जूरी द्वारा किया जाता है। इस जूरी में संसद के कार्यों का गहराई से मूल्यांकन किया जाता है। 2025 की जूरी के अध्यक्ष हंसराज अहीर थे। जूरी सांसदों के योगदान का मूल्यांकन करती है और इसके आधार पर पुरस्कार विजेताओं का चयन किया जाता है।

4 स्पेशल जूरी अवॉर्ड प्राप्त सांसद

सांसद का नामपार्टीराज्यविशेष योगदान
भर्तृहरि महताबBJPओडिशा16वीं लोकसभा के बाद लगातार सर्वोत्तम प्रदर्शन
एन के प्रेमचंद्रनक्रांतिकारी समाजवादी पार्टीकेरल16वीं लोकसभा के बाद लगातार सर्वोत्तम प्रदर्शन
सुप्रिया सुलेNCP (शरद गुट)महाराष्ट्र16वीं लोकसभा के बाद लगातार सर्वोत्तम प्रदर्शन
श्रीरंग अप्पा बार्नेशिवसेनामहाराष्ट्र16वीं लोकसभा के बाद लगातार सर्वोत्तम प्रदर्शन

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