सोनम वांगचुक को निजी अस्पताल भेजने से हाईकोर्ट का इनकार, पत्नी डॉ. गीतांजलि ने लगाई याचिका
Neel Tiwari | Jul 19, 2026, 19:42 IST
Photograph: (THESOOTR)
NEW DELHI. दिल्ली हाई कोर्ट ने सोनम वांगचुक को निजी अस्पताल भेजने की मांग पर अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सरकार का उन्हें अस्पताल ले जाने का फैसला गलत नहीं था।
समझें क्या है पूरा मामला...
- सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे थे।
- स्वास्थ्य बिगड़ने पर पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले गई।
- उनकी पत्नी ने निजी अस्पताल भेजने की मांग करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की।
- दिल्ली हाई कोर्ट ने फिलहाल निजी अस्पताल भेजने से इनकार कर दिया।
- कोर्ट ने कहा कि इलाज का अंतिम फैसला डॉक्टरों की मेडिकल टीम करेगी।
याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
कोर्ट ने क्यों माना सरकार का फैसला सही
डॉक्टर लगातार कर रहे हैं स्वास्थ्य की निगरानी
अदालत को बताया गया कि उन्होंने बिना चीनी वाला ओआरएस और पोटेशियम की गोलियां लेना शुरू कर दिया है। उन्होंने नस के जरिए द्रव यानी आईवी फ्लूइड लेने से मना किया है। इसलिए उन्हें जबरन कोई इलाज नहीं दिया गया। डॉक्टरों ने यह भी बताया कि शरीर में लंबे उपवास की वजह से कीटोसिस की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कुछ जरूरी जांच के आंकड़े अभी सीमा के भीतर हैं।
मेडिकल टीम ही करेगी इलाज पर अंतिम फैसला
सिब्बल का कहना था कि किसी भी इलाज के लिए मरीज की सहमति जरूरी है। इसके बाद अदालत ने अपने आदेश में बदलाव किया। अंत में कोर्ट ने कहा कि किसी भी मेडिकल स्थिति में अंतिम फैसला डॉक्टरों की टीम मेडिकल नियमों के अनुसार करेगी।
पत्नी ने उठाए कई सवाल
गीतांजलि का कहना था कि वांगचुक को बिना वजह अस्पताल में रोका जा रहा है।आंगमो ने कहा कि वांगचुक किसी मामले में गिरफ्तार नहीं हैं। ऐसे में उन्हें अपनी पसंद के अस्पताल में जाने का अधिकार होना चाहिए।
पोटेशियम रिपोर्ट पर भी हुआ विवाद
सरकार ने यह रखा पक्ष
सरकारी डॉक्टरों की क्षमता पर शक करने का कोई कारण नहीं है। सरकार ने यह भी बताया कि वांगचुक की पत्नी और भाई को मिलने की अनुमति दी गई है। उनके लिए अलग कमरा भी उपलब्ध कराया गया है।
वकीलों से मुलाकात पर भी हुई बहस
कोर्ट ने क्या कहा
कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड से ऐसा नहीं दिखता कि वांगचुक पर जबरन इलाज थोपा गया है। इसी आधार पर अदालत ने निजी अस्पताल भेजने की मांग पर अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।
याचिका में यह कि गई थी मांग
फिलहाल क्या स्थिति है
दिल्ली हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद सोनम वांगचुक फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में ही रहेंगे। उनकी सेहत की निगरानी डॉक्टरों की टीम करती रहेगी। आगे की सुनवाई में अदालत याचिका के बाकी मुद्दों पर विचार करेगी।
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