सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसलाः ऑफिस जाते-आते हुआ हादसा तो मिलेगा कर्मचारी को मुआवजा
Sanjay Dhiman | Aug 01, 2025, 18:02 IST
Photograph: (the sootr)
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, जो बताता है कि अगर किसी कर्मचारी का ऑफिस जाते वक्त या लौटते वक्त हादसा होता है, तो उसे कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के तहत ड्यूटी पर माना जाएगा।
भारत में कार्यस्थल पर दुर्घटनाओं का शिकार होने वाले कर्मचारियों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। इस फैसले से देश के हजारों ऐसे कर्मचारियों को फायदा होने की उम्मीद है, जो ऑफिस आते-जाते समय दुर्घटनाओं का शिकार हुए हैं।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी कर्मचारी के साथ उसके घर से ऑफिस जाते वक्त या वर्कप्लेस से घर लौटते वक्त दुर्घटना होती है, तो इसे कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के तहत नौकरी के दौरान और उसके कारण हुई दुर्घटना के रूप में माना जाएगा। इस फैसले से अब कर्मचारियों को उनके ऑफिस आने-जाने के दौरान हुए हादसों के लिए भी मुआवजा मिलेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने पलटा
सुप्रीम कोर्ट का फैसला बॉम्बे हाईकोर्ट के 2011 के फैसले के खिलाफ आया है। हाईकोर्ट में श्रमिक क्षतिपूर्ति आयुक्त के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें कहा गया था कि एक कर्मचारी की मृत्यु उसके ड्यूटी पर जाते समय हुई दुर्घटना में हो गई थी।
इस मामले में श्रमिक क्षतिपूर्ति आयुक्त एवं सिविल न्यायाधीश ने मृतक के परिजनों को 3,26,140 रुपए का मुआवजा ब्याज सहित देने का आदेश दिया था. हालांकि, बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मुआवजा आदेश को यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि दुर्घटना कार्यस्थल पर नहीं हुआ इसलिए मुआवजा नहीं बनता।
सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए, यह आदेश दिया कि अगर कोई कर्मचारी काम पर जाते समय दुर्घटना का शिकार होता है, तो उसे ड्यूटी पर माना जाएगा और इस पर कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम लागू होगा।
यह खबरें भी पढ़ें...
किस्त चुकाओ, पत्नी ले जाओः फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों की दादागिरी, 5 घंटे कैद रही पत्नी, पुलिस ने कराया मुक्त
फर्जी आर्किटेक्ट के नाम पर 400 नक्शे और 150 ले-आउट पास, EOW कर सकती है जांच
इस मामले में मृतक एक चीनी मिल में चौकीदार के रूप में कार्यरत था। 22 अप्रैल 2003 को वह सुबह काम पर जाने के दौरान रास्ते में हादसे का शिकार हुआ और उसकी मृत्यु हो गई।
मृतक के परिवार ने कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के तहत दावे के लिए आवेदन किया था,जहां 3,26,140 रुपए का मुआवजा ब्याज सहित देने का आदेशश्रमिक क्षतिपूर्ति आयुक्त एवं सिविल न्यायाधीश ने दिया था। बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले का गहनता से अध्ययन किया और निर्णय दिया कि ऑफिस आते-जाते समय होने वाली दुर्घटनाओं को भी "नौकरी के दौरान हुई दुर्घटना" के रूप में माना जाएगा।
यह खबरें भी पढ़ें...
सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र होगी 61 वर्ष! सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी
बिहार SIR केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन पर रोक लगाने से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय ने यह स्पष्ट कर दिया कि कार्यस्थल से ऑफिस आते-जाते वक्त हादसों के लिए कर्मचारियों को मुआवजा मिल सकता है, बशर्ते दुर्घटना का संबंध कर्मचारी के रोजगार से हो। उदाहरण के तौर पर, अगर कर्मचारी किसी दूरस्थ स्थान पर कार्य करने के लिए यात्रा कर रहा है, तो इसे "कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटना" के रूप में स्वीकार किया जा सकता है।
कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 के अंतर्गत, जब कोई कर्मचारी कार्यस्थल पर किसी दुर्घटना का शिकार होता है, तो उसके लिए नियोक्ता जिम्मेदार होता है। यह अधिनियम नियोक्ता के लिए यह दायित्व तय करता है कि वह अपने कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अपघात के कारण होने वाली हानि के लिए क्षतिपूर्ति प्रदान करेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि "नौकरी के दौरान और उसके कारण हुई दुर्घटना" में केवल कार्यस्थल पर हुए हादसे नहीं, बल्कि घर से कार्यालय जाते वक्त या लौटते वक्त होने वाली दुर्घटनाओं को भी शामिल किया जाएगा, बशर्ते इन घटनाओं के घटित होने का समय, स्थान और रोजगार के साथ संबंध स्थापित किया जाए।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी कर्मचारी के साथ उसके घर से ऑफिस जाते वक्त या वर्कप्लेस से घर लौटते वक्त दुर्घटना होती है, तो इसे कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के तहत नौकरी के दौरान और उसके कारण हुई दुर्घटना के रूप में माना जाएगा। इस फैसले से अब कर्मचारियों को उनके ऑफिस आने-जाने के दौरान हुए हादसों के लिए भी मुआवजा मिलेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने पलटा बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश
इस मामले में श्रमिक क्षतिपूर्ति आयुक्त एवं सिविल न्यायाधीश ने मृतक के परिजनों को 3,26,140 रुपए का मुआवजा ब्याज सहित देने का आदेश दिया था. हालांकि, बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मुआवजा आदेश को यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि दुर्घटना कार्यस्थल पर नहीं हुआ इसलिए मुआवजा नहीं बनता।
सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए, यह आदेश दिया कि अगर कोई कर्मचारी काम पर जाते समय दुर्घटना का शिकार होता है, तो उसे ड्यूटी पर माना जाएगा और इस पर कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम लागू होगा।
यह खबरें भी पढ़ें...
किस्त चुकाओ, पत्नी ले जाओः फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों की दादागिरी, 5 घंटे कैद रही पत्नी, पुलिस ने कराया मुक्त
फर्जी आर्किटेक्ट के नाम पर 400 नक्शे और 150 ले-आउट पास, EOW कर सकती है जांच
कर्मचारियों को राहत देने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐसे समझें👉 सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के तहत घर से ऑफिस जाते वक्त या लौटते वक्त हुई दुर्घटनाओं को "नौकरी के दौरान हुई दुर्घटना" माना जाएगा। 👉 इस फैसले से कर्मचारी अब यात्रा करते समय हुई दुर्घटनाओं के लिए भी मुआवजा प्राप्त कर सकेंगे। 👉 सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के 2011 के आदेश को पलटते हुए यह निर्णय लिया। 👉 न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने यह निर्णय दिया कि दुर्घटना के समय, स्थान और रोजगार के संबंध का निर्धारण किया जाएगा। 👉 यह फैसला कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 की धारा-3 के प्रावधानों के आधार पर दिया गया है, जो नियोक्ता के दायित्वों से संबंधित है। |
क्या था पूरा मामला?
मृतक के परिवार ने कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के तहत दावे के लिए आवेदन किया था,जहां 3,26,140 रुपए का मुआवजा ब्याज सहित देने का आदेशश्रमिक क्षतिपूर्ति आयुक्त एवं सिविल न्यायाधीश ने दिया था। बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले का गहनता से अध्ययन किया और निर्णय दिया कि ऑफिस आते-जाते समय होने वाली दुर्घटनाओं को भी "नौकरी के दौरान हुई दुर्घटना" के रूप में माना जाएगा।
यह खबरें भी पढ़ें...
सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र होगी 61 वर्ष! सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी
बिहार SIR केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन पर रोक लगाने से किया इनकार
दुर्घटना में मुआवजा का महत्वपूर्ण पहलू
कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 की धारा-3 क्या है?
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि "नौकरी के दौरान और उसके कारण हुई दुर्घटना" में केवल कार्यस्थल पर हुए हादसे नहीं, बल्कि घर से कार्यालय जाते वक्त या लौटते वक्त होने वाली दुर्घटनाओं को भी शामिल किया जाएगा, बशर्ते इन घटनाओं के घटित होने का समय, स्थान और रोजगार के साथ संबंध स्थापित किया जाए।
FAQ
- क्या यात्रा करते वक्त हादसा होने पर कर्मचारी को मुआवजा मिलेगा?
जी हां, सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के अनुसार, अगर कर्मचारी अपने घर से कार्यालय जाते वक्त या लौटते वक्त दुर्घटना का शिकार होता है, तो इसे कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के तहत ड्यूटी पर मानी जाएगी, और उसे मुआवजा मिलेगा। - क्या यह फैसला सभी कर्मचारियों पर लागू होगा?
यह फैसला सभी कर्मचारियों पर लागू होगा, बशर्ते दुर्घटना कार्यस्थल से यात्रा करते समय या लौटते वक्त हुई हो और इसमें रोजगार से संबंधित संबंध स्थापित हो। - सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से कर्मचारियों को किस प्रकार का लाभ मिलेगा?
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से कर्मचारियों को यात्रा करते वक्त दुर्घटना होने पर मुआवजा प्राप्त होगा, जिससे उन्हें कार्यस्थल से संबंधित किसी भी प्रकार की दुर्घटना के लिए न्याय मिलेगा।
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA