सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख: 10वीं पास की नौकरी पर ग्रेजुएट का कब्जा गलत
Anjali Dwivedi | Jun 05, 2026, 16:15 IST
supreme court decision
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सरकारी नौकरी तय नियमों के अनुसार ही मिलनी चाहिए। अधिक योग्यता वाले लोग कम योग्यता वाली नौकरी पर गलत तरीके से कब्जा नहीं कर सकते। इसके साथ ही कोर्ट ने मेडिकल छात्रवृत्ति और केस निपटारे से जुड़ी याचिकाओं पर भी बात की।
समझें क्या है पूरा मामला
- सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरियों को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है।
- कोर्ट ने कहा कि तय नियमों और जरूरी योग्यता के आधार पर ही नौकरी मिलनी चाहिए।
- अधिक पढ़े-लिखे लोग कम योग्यता वाले उम्मीदवारों का हक नहीं मार सकते हैं।
- NMC ने सात मेडिकल कॉलेजों द्वारा डॉक्टरों को स्टाइपेंड न देने की बात कही।
- कोर्ट ने मुकदमों के निपटारे के लिए नियम बनाने वाली याचिका को खारिज कर दिया।
अधिक योग्यता वालों पर लगी रोक
साथ ही कोर्ट ने साफ कहा कि उच्च योग्यता वाले लोगों को कम योग्यता वाली नौकरी नहीं मिलनी चाहिए। अदालत ने मद्रास हाईकोर्ट के एक पुराने आदेश को पूरी तरह पलट दिया है।
ग्रेजुएशन की बात छिपाना पड़ा भारी
सात मेडिकल कॉलेजों पर होगी कार्रवाई
आयोग ने भरोसा दिया कि इन डिफाल्टर मेडिकल कॉलेजों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ कर रही थी।
FAQ
- सुप्रीम कोर्ट ने अधिक योग्यता वाले उम्मीदवारों को लेकर क्या टिप्पणी की है?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी भी पद पर निर्धारित योग्यताओं के अनुसार ही नियुक्ति होनी चाहिए। यदि उच्च योग्यता वाला व्यक्ति कम योग्यता के लिए तय नौकरी प्राप्त करता है, तो यह उस पद के लिए वास्तविक रूप से पात्र उम्मीदवार को उसके अवसर से वंचित करने जैसा होगा, जो कि पूरी तरह गलत है। - मद्रास हाईकोर्ट का कौन सा आदेश सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया?
मद्रास हाईकोर्ट ने एक अस्थायी बैंक परिचारक की सेवा को दोबारा बहाल करने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को रद्द कर दिया क्योंकि कर्मचारी ने अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री छिपाई थी और 10वीं पास के लिए आरक्षित पद पर गलत तरीके से नौकरी हासिल की थी।
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