डोनाल्ड ट्रंप का यूटर्न: ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला 5 दिन के लिए टला, बातचीत जारी!
Jitendra Shrivastava | Mar 23, 2026, 17:13 IST
Photograph: (THESOOTR)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले की डेडलाइन 5 दिन के लिए टाल दी है। ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत "बहुत अच्छी और सकारात्मक" रही। ईरान ने बातचीत की बात से इनकार किया और इसे अपनी जीत बताया।
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था।
- ट्रंप ने शनिवार 22 मार्च को ईरान को 48 घंटे में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) खोलने की चेतावनी दी थी।
- डेडलाइन खत्म होने से पहले ही ट्रंप ने सोमवार को पावर प्लांट हमले 5 दिन के लिए टाल दिए।
- ट्रंप ने अमेरिका-ईरान के बीच "बहुत अच्छी और सकारात्मक बातचीत" होने का दावा किया।
- ईरान ने किसी भी बातचीत से इनकार किया और कहा कि ट्रंप उसके जवाब के डर से पीछे हटे।
चार हफ्ते से जल रहा है मध्य-पूर्व
ट्रंप की 48 घंटे की चेतावनी
ईरान की धमकी, इजरायल पर मिसाइलें
दिमोना इजरायल के परमाणु शोध केंद्र के पास है। इन हमलों में करीब 180 लोग घायल हुए। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह "चमत्कार" था कि कोई नहीं मरा। ये मिसाइलें इजरायल की वायु रक्षा प्रणाली को भेदने में सफल रहीं।
ट्रंप का बड़ा यूटर्न
इसके आधार पर उन्होंने रक्षा विभाग को निर्देश दिया कि पांच दिनों तक ईरान के पावर प्लांट और ऊर्जा ढांचे पर कोई सैन्य कार्रवाई न की जाए। उन्होंने कहा कि बातचीत पूरे हफ्ते जारी रहेगी।
ईरान का पलटवार
हमले का असर कितना बड़ा हो सकता था?
कई देश पीने के पानी के लिए विलवणीकरण संयंत्रों (Desalination Plants) पर निर्भर हैं, जो बिजली से चलते हैं। इसके अलावा परमाणु ठिकानों के पास हमले की चिंता अलग से थी।
युद्ध का अब तक का हिसाब
खाड़ी देशों में भी दर्जनों नागरिक हताहत हुए हैं। सोमवार को ही इजरायल ने तेहरान के सरकारी ढांचे पर हमले किए। सऊदी अरब, यूएई (United Arab Emirates), बहरीन और कुवैत पर भी ईरानी हमले जारी रहे।
अगले 5 दिन अहम
FAQ
- ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमला क्यों टाला?
ट्रंप ने दावा किया कि पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच गहरी और सकारात्मक बातचीत हुई है। इसी के आधार पर उन्होंने पांच दिनों के लिए ईरान के पावर प्लांट और ऊर्जा ढांचे पर सभी सैन्य कार्रवाई रोकने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि बातचीत पूरे हफ्ते जारी रहेगी और इससे मध्य-पूर्व में पूर्ण समाधान निकल सकता है। हालांकि ईरान ने किसी भी बातचीत से इनकार किया और कहा कि ट्रंप डर की वजह से पीछे हटे। - होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना दुनिया के लिए इतना खतरनाक क्यों है?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे अहम तेल परिवहन मार्ग है। दुनिया का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से तेल और गैस प्राप्त करता है। ईरान ने तीन हफ्तों से इसे बंद कर रखा है, जिससे तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसके अलावा अगर पावर प्लांट हमले होते तो खाड़ी देशों में बिजली और पीने के पानी की गंभीर किल्लत हो सकती थी क्योंकि कई देश बिजली से चलने वाले विलवणीकरण संयंत्रों पर निर्भर हैं। - अमेरिका-ईरान युद्ध कब और कैसे शुरू हुआ?
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान के खिलाफ बड़े संयुक्त सैन्य अभियान की शुरुआत की। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनी की मौत हो गई। अमेरिका और इजरायल का मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल ताकत को कमजोर करना था। तब से ईरान मिसाइलों और ड्रोन से इजरायल, खाड़ी देशों और अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले कर रहा है। अब तक इस युद्ध में 2,000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
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