ट्रम्प ने 24 घंटे में ग्लोबल टैरिफ बढ़ाकर 15% किया, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किए थे पहले के टैरिफ

Sanjay Dhiman | Feb 21, 2026, 23:40 IST
Share
Trump increased global tariffs to 15% in 24 hours
Photograph: (the sootr)

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पलटवार करते हुए ग्लोबल टैरिफ को 15% कर दिया है। जानिए इसका भारत और दुनिया पर क्या असर होगा।

News in Short

  • ट्रंप ने ग्लोबल टैरिफ को 10% से बढ़ाकर 15% कर दिया।
  • सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को रद्द किया था, फिर नया टैरिफ लगाया।
  • नया 15% टैरिफ 24 फरवरी से लागू होगा, 150 दिनों तक रहेगा।
  • कुछ उत्पादों को टैरिफ से छूट दी गई, जैसे कृषि उत्पाद और इलेक्ट्रॉनिक्स।
  • ट्रंप ने कोर्ट के फैसले पर असहमति जताई और जजों की आलोचना की।

News in Detail

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनिया भर के देशों पर लगाए गए टैरिफ को 10% से बढ़ाकर 15% कर दिया। यह घोषणा उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर की। इससे पहले, शुक्रवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प ने यह कहा था कि वह सभी देशों पर 10% टैरिफ लगाएंगे।

यह निर्णय अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आया। कोर्ट ने ट्रम्प के दुनियाभर पर लगाए गए टैरिफ को रद्द कर दिया था। कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से यह फैसला सुनाया था कि ट्रम्प को IEEPA (International Emergency Economic Powers Act) कानून के तहत यह अधिकार नहीं था। इस अधिकार का इस्तेमाल सिर्फ संसद कर सकती है, न कि राष्ट्रपति।

इसके बाद, ट्रम्प ने नाराज होकर नया कानून सेक्शन-122 का इस्तेमाल कर 10% टैरिफ लगा दिया। इस कानून के तहत टैरिफ की सीमा 15% तक हो सकती है। यह टैरिफ 150 दिनों तक लागू रहेगा। यदि इसे आगे बढ़ाना है, तो इसके लिए कांग्रेस की मंजूरी आवश्यक होगी।

यह खबरें भी पढ़ें..

एमपी में वोटर लिस्ट से काटे 34.25 लाख नाम, महिलाओं की हिस्सेदारी घटी, अंतिम मतदाता सूची जारी

कांग्रेस-भाजपा में पत्थर राजनीति, दोनों तरफ से गुंडागर्दी के आरोप

15% टैरिफ कब से लागू होगा?

ट्रम्प ने 24 फरवरी से 15% टैरिफ लागू करने के आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। यह टैरिफ सभी देशों पर एक समान लागू होगा, लेकिन कुछ उत्पादों को छूट दी गई है। जैसे कि कुछ कृषि उत्पाद, महत्वपूर्ण खनिज, दवाइयां, इलेक्ट्रॉनिक्स और पैसेंजर वाहन को इस टैरिफ से बाहर रखा गया है।

ट्रम्प के फैसले के बाद क्या हुआ?

ट्रम्प ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कोर्ट के जजों पर शर्म आ रही है। उनका कहना था कि जजों ने गलत फैसला दिया है और अब अगले दो साल तक यह मामला कोर्ट में चलेगा।

ट्रम्प ने यह भी कहा कि यह टैरिफ किसी भी कंपनी से वसूली गई राशि को वापस नहीं किया जाएगा। उनका दावा था कि विदेशों से व्यापार में असंतुलन बढ़ रहा था और यह कदम राष्ट्रहित में था।

सेक्शन 122 क्या है?

सेक्शन 122 अमेरिकी ट्रेड एक्ट का हिस्सा है, जो राष्ट्रपति को व्यापार घाटे की स्थिति में आयात पर टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। इस कानून के तहत, टैरिफ अस्थायी रूप से 150 दिनों तक लागू किया जा सकता है।

निक्सन का 10% ग्लोबल टैरिफ

यह नीति 1971 में अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन द्वारा शुरू की गई थी, जब अमेरिका में व्यापार असंतुलन बढ़ गया था। उसी समय, निक्सन ने 10% ग्लोबल टैरिफ लागू किया था। इसे बाद में 1974 के ट्रेड एक्ट के तहत कानूनी रूप से लागू किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट की फटकार और ट्रम्प का जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि अमेरिका हर देश के साथ युद्ध की स्थिति में नहीं है, इसलिए राष्ट्रपति मनमाने ढंग से टैक्स नहीं थोप सकते। इस पर ट्रम्प ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विदेशी ताकतों के असर में आकर जज ऐसे फैसले ले रहे हैं। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि सरकार किसी भी कंपनी को पुराना वसूला गया टैक्स वापस नहीं करेगी, चाहे कोर्ट कुछ भी कहे।

यह खबरें भी पढ़ें..

प्रधानमंत्री का राजस्थान दौरा 28 को,सांसद हनुमान बेनीवाल ने खोला मोर्चा

10 मिनट की डिलीवरी का दबाव, रायपुर में फास्ट डिलीवरी की होड़ बढ़ा रही हादसे

किन चीजों पर मिलेगी छूट?

भले ही 15% का अमरीकी टैरिफ लग रहा है, लेकिन कुछ जरूरी चीजों को इससे बाहर रखा गया है। ट्रम्प प्रशासन के अनुसार, दवाओं, महत्वपूर्ण खनिजों, बीफ, टमाटर और कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों पर यह लागू नहीं होगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि अमेरिका के आम नागरिकों की जेब पर सीधा और भारी बोझ न पड़े। अब देखना यह है कि दुनिया के अन्य देश इस 'टैक्स वॉर' का जवाब कैसे देते हैं।

Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • अमेरिका
  • सोशल मीडिया
  • डोनाल्ड ट्रम्प
  • टैरिफ
  • अमरीकी टैरिफ
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती