ट्रंप के टैरिफ का असर भारतीय दवा बाजार पर, जानिए 200% टैक्स से क्या-क्या बदलेगा
Kaushiki | Jul 22, 2026, 17:13 IST
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जेनेरिक दवाओं पर 200% तक टैरिफ का ऐलान किया है। 1 अगस्त 2026 से दो साल जीरो टैक्स रहेगा। 2028 से 100% और 2029 से 200% टैक्स लगेगा। इससे सन फार्मा, सिप्ला जैसी भारतीय दवा कंपनियों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
समझें क्या है पूरा मामला
- ट्रंप ने जेनेरिक दवाओं पर 200% तक टैरिफ का ऐलान किया।
- एक अगस्त 2026 से अगले दो साल तक शून्य टैक्स रहेगा।
- 2028 से 100% और 2029 से 200% टैक्स वसूला जाएगा।
- अमेरिका में दवा उत्पादन बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया।
- भारतीय दवा कंपनियों के कारोबार पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।
अमेरिका का नया फैसला और भारतीय फार्मा
शुरुआती दो सालों तक कंपनियों को टैक्स में पूरी छूट मिलेगी। लेकिन इसके बाद टैक्स की दरें तेजी से बढ़ाई जाएंगी। इससे भारत की बड़ी दवा कंपनियों पर सीधा असर पड़ सकता है। सन फार्मा, सिप्ला और ल्यूपिन जैसी कंपनियां अब रडार पर हैं।
भारत अमेरिका को सबसे ज्यादा जेनेरिक दवाइयां सप्लाई करने वाला देश है। अमेरिका के डॉक्टर 90% मरीजों को जेनेरिक दवाएं ही लिखते हैं। आइए समझें ट्रंप के इस फैसले से क्या बदलाव आएंगे।
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ट्रंप ने क्या कहा
क्यों लिया गया यह फैसला
जो कंपनियां तय समय में अमेरिका में उत्पादन इकाई नहीं लगाएंगी, उन्हें भारी टैरिफ चुकाना होगा। ट्रंप ने इसे अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ी नीति बताया है।
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पेटेंट और ब्रांडेड दवाओं पर नहीं होगा असर
आम भारतीयों पर क्या होगा असर
दूसरा, दवा कंपनियों के फार्मा एक्सपोर्ट सेक्टर से जुड़े लाखों कर्मचारियों की नौकरियों पर भी दबाव बन सकता है, खासकर अगर कंपनियां लागत घटाने के लिए उत्पादन में कटौती करती हैं। तीसरा, भारत के व्यापार संतुलन पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि फार्मा एक्सपोर्ट देश के प्रमुख विदेशी मुद्रा अर्जन स्रोतों में से एक है।
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घरेलू बाजार में दवाओं पर असर की आशंका कम
जानकारों के मुताबिक, अगर कंपनियों का अमेरिकी मुनाफा घटता है, तो हो सकता है कि वे इसकी भरपाई के लिए अन्य बाजारों में या घरेलू स्तर पर कीमतों में मामूली बदलाव करें, लेकिन इसकी अभी कोई पुष्टि नहीं है।
ट्रंप का ऐलान 1 अगस्त 2026 से जेनेरिक दवाओं पर 0% टैरिफ, फार्मा कंपनियों की लगी 'लॉटरी'| Zee Business Hindi
भारत के लिए क्यों है यह बड़ा मुद्दा
भारत में करीब 670 एफडीए अप्रूव्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट मौजूद हैं। टैरिफ बढ़ने से भारतीय कंपनियों का मुनाफा काफी कम हो सकता है। ऐसे में अगर आने वाले सालों में यह टैरिफ लागू होता है, तो भारतीय दवा कंपनियों के कारोबार पर सीधा असर पड़ सकता है।
किन कंपनियों पर पड़ सकता है असर
दो साल का समय क्यों दिया गया
जो कंपनियां पहले से अमेरिका में अपने प्लांट बना चुकी हैं या बना रही हैं, उन्हें इस टैरिफ से राहत मिल सकती है। वहीं जो कंपनियां सिर्फ भारत से दवाएं बनाकर भेजती हैं, उन पर असर ज्यादा हो सकता है।
तुरंत नहीं पड़ेगा बड़ा असर
आगे क्या हो सकता है
भारतीय कंपनियां अमेरिका में उत्पादन बढ़ाने, टैरिफ का बोझ खुद उठाने या इसका असर अमेरिकी कंज्यूमर पर डालने में से कोई एक रास्ता चुन सकती हैं। आने वाले दिनों में भारत सरकार और उद्योग संगठनों की प्रतिक्रिया पर भी सबकी नजर रहेगी।
FAQ
- ट्रंप ने जेनेरिक दवाओं पर क्या नया ऐलान किया है?
ट्रंप ने ऐलान किया है कि एक अगस्त 2026 से जेनेरिक दवाओं पर दो साल तक 0% टैरिफ रहेगा। इसके बाद यह बढ़कर एक साल के लिए 100% और फिर 200% हो जाएगा। - क्या यह टैरिफ अभी से लागू हो जाएगा?
नहीं, यह टैरिफ अभी तुरंत लागू नहीं होगा। कंपनियों को अमेरिका में उत्पादन शुरू करने के लिए पहले दो साल का समय दिया गया है। - भारत पर इसका कितना असर पड़ सकता है?
भारत अमेरिका को सबसे ज्यादा जेनेरिक दवाएं भेजता है, इसलिए दीर्घकाल में असर बड़ा हो सकता है। हालांकि विश्लेषकों के अनुसार तत्काल असर सीमित रहने की उम्मीद है।
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