कौन हैं काली वर्दी वाले काउंटर असॉल्ट टीम CAT के जवान? जो गोलियों के बीच डोनाल्ड ट्रंप की ढाल बने
Anjali Dwivedi | Apr 26, 2026, 13:43 IST
US Secret Service CAT Team Protects Donald Trump
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले के बाद सीक्रेट सर्विस की CAT यूनिट चर्चा में है। यह खास टीम हमलावरों को ढेर कर राष्ट्रपति को सुरक्षित निकालती है। जानें इनके आधुनिक हथियार और कठिन ट्रेनिंग की पूरी कहानी।
अमेरिका के वाशिंगटन में शनिवार रात हुए हमले ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर एक बार फिर जानलेवा हमला हुआ। अफरा-तफरी के बीच सुरक्षा घेरा टूटता दिखा, लेकिन तभी सीक्रेट सर्विस की जांबाज टीम ने मोर्चा संभाला।
जब गोलियां चल रही थीं, तब राष्ट्रपति को सुरक्षित निकालने का काम काउंटर असॉल्ट टीम (CAT) ने बखूबी किया। इस घातक हमले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि राष्ट्रपति की सुरक्षा में CAT की भूमिका कितनी अहम है। आखिर क्या है यह खास यूनिट और कैसे यह मौत के मुंह से राष्ट्रपति को बचा लाती है? आइए विस्तार से जानते हैं।
अमेरिकी सीक्रेट सर्विस में एक बेहद खास टीम है। इसका नाम काउंटर असॉल्ट टीम यानी CAT है। यह टीम स्पेशल ऑपरेशंस डिवीजन का हिस्सा है। CAT का मुख्य काम राष्ट्रपति की सुरक्षा करना है। यह टीम प्रेसिडेंशियल प्रोटेक्टिव डिवीजन को सपोर्ट देती है। इनका काम पूरी दुनिया में सुरक्षा देना है। CAT एक विशेष टैक्टिकल यूनिट मानी जाती है। इसका गठन किसी बड़े हमले को रोकना है। हमला होने पर यह टीम तुरंत रिएक्ट करती है। यह दुश्मन को पूरी तरह नष्ट कर देती है।
यह टीम उपराष्ट्रपति की भी सुरक्षा करती है। वे नेशनल स्पेशल सिक्योरिटी इवेंट्स में रहते हैं। इस टीम में करीब 105 जवान होते हैं। ये हमेशा काली बैटल ड्रेस यूनिफॉर्म पहनते हैं। इनका लुक बहुत ही डरावना और प्रोफेशनल होता है।
CAT का काम करने का तरीका हमेशा आक्रामक है। जब राष्ट्रपति का काफिला चलता है, CAT पास रहती है। वे हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखते हैं। हमला होने पर वे दुश्मन को घेर लेते हैं। वे भारी गोलीबारी करके रास्ता साफ करते हैं। उनकी ट्रेनिंग बहुत ही उच्च स्तर की होती है। वे तनाव में भी सही फैसला लेते हैं।
CAT जवान हमेशा टीम में काम करते हैं। वे अन्य टैक्टिकल यूनिट्स से तालमेल बिठाते हैं। इससे राष्ट्रपति की सुरक्षा का घेरा अभेद्य बनता है। यह टीम हर वेन्यू पर पहले पहुंचती है। वे सुरक्षा के हर पहलू की जांच करते हैं। अगर कोई हमलावर आता है, वे रुकते नहीं।
उनका मकसद हमलावर को तुरंत दबाना होता है। उनकी फुर्ती और सटीकता बेजोड़ होती है। वे मोटरकेड के साथ साये की तरह चलते हैं। किसी भी आपात स्थिति के लिए वे तैयार हैं। उनके पास हर खतरे का प्लान होता है। यह टीम राष्ट्रपति की सुरक्षा का अहम हिस्सा है। इनके बिना सुरक्षा घेरा अधूरा माना जाता है।
CAT के पास बहुत ही शक्तिशाली हथियार हैं। हर जवान SR-16 CQB राइफल रखता है। यह राइफल नाइट्स आर्मामेंट कंपनी बनाती है। इसकी बैरल महज 11.5 इंच लंबी है। यह राइफल आवाज कम करने वाली होती है।
इसमें रेड डॉट साइट और लेजर लगे हैं। रोशनी के लिए इसमें खास लाइट लगी है। इससे रात में भी निशाना सटीक लगता है। साइडआर्म के तौर पर उनके पास पिस्तौल होती है। वे SIG Sauer P229 या Glock 19 रखते हैं।
पिस्तौल में भी आधुनिक रेड डॉट साइट है। कुछ जवान भारी हथियार भी साथ रखते हैं। वे अपने पास फ्लैश-बैंग ग्रेनेड्स रखते हैं। वे भारी प्लेट कैरियर और हेलमेट पहनते हैं। यह गियर उन्हें गोलीबारी से बचाता है।
ये हथियार उन्हें दुश्मन पर भारी बनाते हैं। किसी भी स्थिति में वे तुरंत जवाब देते हैं। उनकी मारक क्षमता बहुत अधिक होती है। हथियार चलाने में वे काफी माहिर होते हैं। हर गियर को बहुत सोच-समझकर चुना गया है।
CAT में शामिल होना बहुत ही मुश्किल है। पहले व्यक्ति को स्पेशल एजेंट बनना पड़ता है। इसके लिए 33 हफ्ते की ट्रेनिंग होती है। यह ट्रेनिंग फेडरल केंद्रों पर दी जाती है। इसके बाद वॉशिंगटन में पोस्टिंग मिलती है। फिर CAT सिलेक्शन की प्रक्रिया शुरू होती है।
यह ट्रेनिंग कुल 9 हफ्ते की होती है। इसमें 2 हफ्ते का कठिन सिलेक्शन कोर्स है। बाकी 7 हफ्ते स्पेशल बेसिक कोर्स चलता है। जवान यहां क्लोज क्वार्टर्स कॉम्बैट सीखते हैं।
जवानों को काउंटर-अंबुश के तरीके सिखाए जाते हैं। उन्हें तनाव में फैसला लेना सिखाया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में दो साल लग सकते हैं। सिलेक्शन रेट मात्र 10 प्रतिशत ही है। यानी 100 में से सिर्फ 10 सफल होते हैं। बहुत कम लोग अंतिम पड़ाव तक पहुंचते हैं। ट्रेनिंग का हर दिन एक नई चुनौती है। यह दुनिया की सबसे कठिन ट्रेनिंगों में है। जवान मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनते हैं। वे देश के सबसे भरोसेमंद रक्षक बनते हैं।
CAT जवान सीक्रेट सर्विस के पुराने एजेंट हैं। अब इसके लिए सीधा रास्ता भी उपलब्ध है। योग्य उम्मीदवार सीधे आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए सात विशेष श्रेणियां तय हैं।
उम्मीदवार का आर्मी कॉम्बैट बैकग्राउंड होना चाहिए। स्पेशल ऑपरेशंस का अनुभव बहुत काम आता है। लॉ एनफोर्समेंट टैक्टिकल टीम का अनुभव जरूरी है। उम्मीदवारों का फिजिकल टेस्ट बहुत सख्त होता है। उन्हें 45 पाउंड की वेस्ट पहननी पड़ती है। इसमें उन्हें 3 पुल-अप्स करने होते हैं।
डेढ़ मील की दौड़ 9 मिनट में चाहिए। आवेदन केवल USAJOBS पोर्टल से होते हैं। पूरी प्रक्रिया में कड़ा बैकग्राउंड चेक है। उम्मीदवारों का पॉलीग्राफ और मेडिकल टेस्ट होता है।
इंटरव्यू में मानसिक मजबूती देखी जाती है। सिर्फ सबसे फिट लोग ही चुने जाते हैं। अनुशासन इस टीम की पहली शर्त है। CAT अमेरिका की सुरक्षा का मजबूत कवच है। यह टीम सिर्फ बचाव नहीं, हमला करती है। राष्ट्रपति की सुरक्षा में इनका बड़ा योगदान है।
ये खबरें भी पढ़ें...
अमेरिका के वाशिंगटन हिल्टन में फायरिंग, ट्रंप को सुरक्षित निकाला, हमलावर गिरफ्तार
ट्रंप ने भारत को बताया नरक, ईरान ने लगाई जमकर क्लास
ट्रंप की नीतियों ने घटाया भरोसा, 40 प्रतिशत भारतीय छोड़ना चाहते हैं अमेरिका
ट्रंप ने लेबनान-इजराइल में कराया 3 हफ्ते का सीजफायर, खामेनेई की हालत गंभीर!
जब गोलियां चल रही थीं, तब राष्ट्रपति को सुरक्षित निकालने का काम काउंटर असॉल्ट टीम (CAT) ने बखूबी किया। इस घातक हमले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि राष्ट्रपति की सुरक्षा में CAT की भूमिका कितनी अहम है। आखिर क्या है यह खास यूनिट और कैसे यह मौत के मुंह से राष्ट्रपति को बचा लाती है? आइए विस्तार से जानते हैं।
पलक झपकते ही शूटर ढेर, ये हैं वे फुर्तीले कमांडो जिन्होंने बचाई ट्रंप की जान | Donald Trump Assassination Attempt At Rally United States Secret Service who saved Trump's life
अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की CAT यूनिट
सीक्रेट सर्विस की सामान्य टीम के लिए ढाल बनती है। वह राष्ट्रपति को सुरक्षित जगह पर ले जाती है। लेकिन CAT का काम बिल्कुल अलग होता है। CAT हमलावरों पर सीधा जवाबी हमला करती है। इससे राष्ट्रपति को सुरक्षित निकलने का समय मिलता है।
सबसे फिट, स्मार्ट और तेज... यूएस सीक्रेट सर्विस काउंटर असॉल्ट टीम जिसने बचाई ट्रंप की जान - US Secret Service Counter Assault Team who saved trump life - AajTak
CAT टीम कैसे काम करती है?
CAT जवान हमेशा टीम में काम करते हैं। वे अन्य टैक्टिकल यूनिट्स से तालमेल बिठाते हैं। इससे राष्ट्रपति की सुरक्षा का घेरा अभेद्य बनता है। यह टीम हर वेन्यू पर पहले पहुंचती है। वे सुरक्षा के हर पहलू की जांच करते हैं। अगर कोई हमलावर आता है, वे रुकते नहीं।
उनका मकसद हमलावर को तुरंत दबाना होता है। उनकी फुर्ती और सटीकता बेजोड़ होती है। वे मोटरकेड के साथ साये की तरह चलते हैं। किसी भी आपात स्थिति के लिए वे तैयार हैं। उनके पास हर खतरे का प्लान होता है। यह टीम राष्ट्रपति की सुरक्षा का अहम हिस्सा है। इनके बिना सुरक्षा घेरा अधूरा माना जाता है।
US Secret Service Counter Assault Team
इन जवानों के पास किस तरह के हथियार होते हैं?
इसमें रेड डॉट साइट और लेजर लगे हैं। रोशनी के लिए इसमें खास लाइट लगी है। इससे रात में भी निशाना सटीक लगता है। साइडआर्म के तौर पर उनके पास पिस्तौल होती है। वे SIG Sauer P229 या Glock 19 रखते हैं।
पिस्तौल में भी आधुनिक रेड डॉट साइट है। कुछ जवान भारी हथियार भी साथ रखते हैं। वे अपने पास फ्लैश-बैंग ग्रेनेड्स रखते हैं। वे भारी प्लेट कैरियर और हेलमेट पहनते हैं। यह गियर उन्हें गोलीबारी से बचाता है।
ये हथियार उन्हें दुश्मन पर भारी बनाते हैं। किसी भी स्थिति में वे तुरंत जवाब देते हैं। उनकी मारक क्षमता बहुत अधिक होती है। हथियार चलाने में वे काफी माहिर होते हैं। हर गियर को बहुत सोच-समझकर चुना गया है।
US Secret Service Counter Assault Team
इनका सिलेक्शन कैसे होता है?
यह ट्रेनिंग कुल 9 हफ्ते की होती है। इसमें 2 हफ्ते का कठिन सिलेक्शन कोर्स है। बाकी 7 हफ्ते स्पेशल बेसिक कोर्स चलता है। जवान यहां क्लोज क्वार्टर्स कॉम्बैट सीखते हैं।
जवानों को काउंटर-अंबुश के तरीके सिखाए जाते हैं। उन्हें तनाव में फैसला लेना सिखाया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में दो साल लग सकते हैं। सिलेक्शन रेट मात्र 10 प्रतिशत ही है। यानी 100 में से सिर्फ 10 सफल होते हैं। बहुत कम लोग अंतिम पड़ाव तक पहुंचते हैं। ट्रेनिंग का हर दिन एक नई चुनौती है। यह दुनिया की सबसे कठिन ट्रेनिंगों में है। जवान मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनते हैं। वे देश के सबसे भरोसेमंद रक्षक बनते हैं।
पात्रता और शारीरिक योग्यता
उम्मीदवार का आर्मी कॉम्बैट बैकग्राउंड होना चाहिए। स्पेशल ऑपरेशंस का अनुभव बहुत काम आता है। लॉ एनफोर्समेंट टैक्टिकल टीम का अनुभव जरूरी है। उम्मीदवारों का फिजिकल टेस्ट बहुत सख्त होता है। उन्हें 45 पाउंड की वेस्ट पहननी पड़ती है। इसमें उन्हें 3 पुल-अप्स करने होते हैं।
डेढ़ मील की दौड़ 9 मिनट में चाहिए। आवेदन केवल USAJOBS पोर्टल से होते हैं। पूरी प्रक्रिया में कड़ा बैकग्राउंड चेक है। उम्मीदवारों का पॉलीग्राफ और मेडिकल टेस्ट होता है।
इंटरव्यू में मानसिक मजबूती देखी जाती है। सिर्फ सबसे फिट लोग ही चुने जाते हैं। अनुशासन इस टीम की पहली शर्त है। CAT अमेरिका की सुरक्षा का मजबूत कवच है। यह टीम सिर्फ बचाव नहीं, हमला करती है। राष्ट्रपति की सुरक्षा में इनका बड़ा योगदान है।
ये खबरें भी पढ़ें...
अमेरिका के वाशिंगटन हिल्टन में फायरिंग, ट्रंप को सुरक्षित निकाला, हमलावर गिरफ्तार
ट्रंप ने भारत को बताया नरक, ईरान ने लगाई जमकर क्लास
ट्रंप की नीतियों ने घटाया भरोसा, 40 प्रतिशत भारतीय छोड़ना चाहते हैं अमेरिका
ट्रंप ने लेबनान-इजराइल में कराया 3 हफ्ते का सीजफायर, खामेनेई की हालत गंभीर!
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava