वृंदावन में बंदर समस्या: राष्ट्रपति का चश्मा बचाने के लिए लगे लंगूर के कटआउट, सोशल मीडिया पर मजेदार रिएक्शन
Pawan Modiya | Mar 18, 2026, 24:09 IST
Photograph: (the sootr)
वृंदावन में बंदरों की समस्या के बीच राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे से पहले कटआउट लगाए गए तो सोशल मीडिया पर लोगों ने मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं। प्रशासन को जिस चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, वह किसी आतंकी खतरे से नहीं बल्कि “चश्मा चोर बंदरों” से जुड़ी है।
देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन राष्ट्रपति की सुरक्षा हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। लेकिन इस बार चर्चा का विषय कुछ अलग है। उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृंदावन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित दौरे से पहले प्रशासन को जिस चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, वह किसी आतंकी खतरे से नहीं बल्कि “चश्मा चोर बंदरों” से जुड़ी है।
वृंदावन में बंदर समस्या (Vrindavan Monkey Problem) वर्षों से स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए परेशानी का कारण रही है, लेकिन अब यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। खासतौर पर तब, जब राष्ट्रपति के दौरे के दौरान किसी भी असहज स्थिति से बचना प्रशासन के लिए जरूरी है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 मार्च से 21 मार्च तक मथुरा-वृंदावन के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगी। इस दौरान उनके कार्यक्रम में शामिल हैं:
वृंदावन में बंदरों का आतंक कोई नई बात नहीं है। ये बंदर खासतौर पर चश्मा पहनने वाले लोगों को निशाना बनाते हैं।
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पहले बंदरों को भगाने के लिए असली लंगूरों का उपयोग किया जाता था। लेकिन वन्यजीव संरक्षण कानूनों के चलते अब ऐसा करना संभव नहीं है। इसलिए प्रशासन ने लंगूर कटआउट तकनीक (Langur Cutout Technique) अपनाई है। बंदर स्वभाव से लंगूरों से डरते हैं। ऐसे में जब उन्हें लंगूर के कटआउट दिखाई देते हैं, तो वे उस क्षेत्र से दूरी बना लेते हैं।
प्रशासन ने सिर्फ कटआउट ही नहीं लगाए हैं, बल्कि कई अन्य कदम भी उठाए हैं:
जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, लोगों ने इस पर मजेदार प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया।
📦 यूजर्स के मजेदार कमेंट्स:
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वृंदावन में बंदर समस्या (Vrindavan Monkey Problem) वर्षों से स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए परेशानी का कारण रही है, लेकिन अब यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। खासतौर पर तब, जब राष्ट्रपति के दौरे के दौरान किसी भी असहज स्थिति से बचना प्रशासन के लिए जरूरी है।
राष्ट्रपति मुर्मू वृंदावन दौरा
तीन दिवसीय कार्यक्रम का महत्व
- उड़िया बाबा आश्रम का दौरा
- रामकृष्ण मिशन सेवा चैरिटेबल अस्पताल का निरीक्षण
- गोवर्धन परिक्रमा
वृंदावन बंदर समस्या: एक पुरानी चुनौती
चश्मा चोर बंदरों की ‘स्मार्ट’ हरकतें
- अचानक झपट्टा मारकर चश्मा छीन लेना
- ऊंची जगह पर बैठ जाना
- खाने-पीने की चीज मिलने तक चश्मा वापस न करना
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कटआउट तकनीक: प्रशासन की अनोखी रणनीति
क्यों लगाए गए बंदरों और लंगूर के कटआउट?
अन्य सुरक्षा उपाय
- 30 सदस्यीय टीम की तैनाती
- गुलेल, लाठी-डंडे और लेजर लाइट का इस्तेमाल
- संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी
सोशल मीडिया पर यूजर्स ने लिए मजे
एक चश्मे के लिए इतना खर्च..?
दो एक्स्ट्रा चश्मा ले के चलते इतना खर्च क्यों करना था
ये तो ईश्वर का रूप है खाना ही तो मांगते बदले मे..🥺 pic.twitter.com/83eEYQfiZ9
— Rebellious 2.0🕊️ (@RebelliousPari8) March 17, 2026
- “जब कटआउट ही लगाने हैं, तो सिक्योरिटी का क्या रोल है?”
- “अगर बंदरों को पता चल गया कि राष्ट्रपति हैं, तो डिमांड और बढ़ जाएगी!”
- “डर का माहौल है, बंदर भी VIP ट्रीटमेंट मांगेंगे!”
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