क्या है इनहेरिटेंस टैक्स : कभी भारत में भी लगता था विरासत टैक्स, राजीव सरकार ने खत्म करवाया था
Dolly patil | Apr 25, 2024, 14:37 IST
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इनहेरिटेंस टैक्स पर इंडियन ओवरसीज कांग्रेस अध्यक्ष सैम पित्रोदा के बयान के बाद से ही भाजपा हमलावर है,क्या इनहेरिटेंस टैक्स को लेकर भारत में कोई प्रावधान है, दुनिया में इसे लेकर क्या नियम हैं? आइए जानते हैं….
इनहेरिटेंस टैक्स पर इंडियन ओवरसीज कांग्रेस अध्यक्ष सैम पित्रोदा के बयान के बाद से ही भाजपा हमलावर है, और कांग्रेस बैकफुट पर है। इनहेरिटेंस टैक्स या विरासत कर क्या है ? क्या भारत में इसे लेकर कोई प्रावधान है, दुनिया में इसे लेकर क्या नियम हैं? आइए जानते हैं….
यह विरासत में मिलने वाली संपत्ति पर लगने वाला कर है। यह टैक्स किसी व्यक्ति के निधन के बाद उसकी संपत्ति के बंटवारे पर लगता है। दुनियाभर के देशों में इसको लेकर अलग-अलग कानून और अलग- अलग टैक्स स्लैब बने हुए हैं।
चार दशक पहले भारत में भी इनहेरिटेंस टैक्स या विरासत कर लगता था। तब इसे संपत्ति शुल्क या 'डेथ टैक्स' के रूप में जाना जाता था। यह कानून 1953 में राजस्व बढ़ाने और आर्थिक असमानता कम करने के लिए लाया गया था। हालांकि इसके लागू होने के बाद भी इसकी तीखी आलोचना हुई थी। परिवार के मुखिया की मौत होने पर कानूनी उत्तराधिकारी को संपत्ति हस्तांतरित होने पर यह टैक्स लगता था। चाहे वे बेटे- बेटियां हों या पोते-पोतियां। संपत्ति शुल्क अधिनियम 1953 के अनुसार विरासत में मिली संपत्ति अगर 20 लाख रुपए से ज्यादा होती थी, तब 85% कर देना पड़ता था। इसके तहत 1984-85 में 20 करोड़ रुपए का टैक्स कलेक्ट हुआ था। 1985 में इसे राजीव गांधी सरकार ने इस कानून को खत्म ने कर दिया था।
गुरुवार को मुरैना में आयोजित रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस इनहेरिटेंस टैक्स या विरासत कर को समाप्त करने के पीछे राजीव गांधी पर कई तरह के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी की मौत के बात उनकी संपत्ति इस कानून के तहत सरकार को जाने वाली थी, मगर राजीव गांधी ने कानून ही खत्म करवा दिया।
भारत के अलावा, मैक्सिको ने 1961, कनाडा ने 1972, ऑस्ट्रेलिया ने 1979, इजराइल ने 1980, न्यूजीलैंड ने 1992, स्लोवाक रिपब्लिक व स्वीडन ने 2004 ऑस्ट्रिया ने 2008 और चेक गणराज्य और नॉर्वे ने 2014 में इस कानून को खत्म किया।
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अमेरिका के 6 राज्यों न्यू जर्सी, पेन्सिल्वेनिया, आयोवा, केंटकी, मैरीलैंड और नेब्रास्का में इनहेरिटेंस टैक्स लगता है। हर राज्य में टैक्स की दरें और कानून अलग हैं। न्यूजर्सी में 11% से 16% तक टैक्स है। बाकी 5 राज्यों में 1% से 16% तक टैक्स है। हालांकि लगभग सभी जगह पति-पत्नी, बच्चों, माता-पिता, दादा-दादी पोते-पोतियों को विरासत में मिलने वाली संपत्ति पर टैक्स में छूट है।
फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी आइसलैंड, आयरलैंड, इटली, जापान, बेल्जियम (ब्रुसेल्स- राजधानी क्षेत्र), चिली, लिथुआनिया, लक्जम्बर्ग, नीदरलैंड्स, पोलैंड, पुर्तगाल, स्लोवेनिया, स्पेन, स्विट्जरलैंड और तुर्की में भी इस तरह के टैक्स का प्रावधान है। इन देशों में विरासत के अलावा गिफ्ट में मिलने वाली संपत्ति पर भी टैक्स इनहेरिटेंस टैक्स वापस लागू करने लगता है।
इनहेरिटेंस टैक्स क्या है?
यह विरासत में मिलने वाली संपत्ति पर लगने वाला कर है। यह टैक्स किसी व्यक्ति के निधन के बाद उसकी संपत्ति के बंटवारे पर लगता है। दुनियाभर के देशों में इसको लेकर अलग-अलग कानून और अलग- अलग टैक्स स्लैब बने हुए हैं।
भारत में इस पर कोई प्रावधान है?
चार दशक पहले भारत में भी इनहेरिटेंस टैक्स या विरासत कर लगता था। तब इसे संपत्ति शुल्क या 'डेथ टैक्स' के रूप में जाना जाता था। यह कानून 1953 में राजस्व बढ़ाने और आर्थिक असमानता कम करने के लिए लाया गया था। हालांकि इसके लागू होने के बाद भी इसकी तीखी आलोचना हुई थी। परिवार के मुखिया की मौत होने पर कानूनी उत्तराधिकारी को संपत्ति हस्तांतरित होने पर यह टैक्स लगता था। चाहे वे बेटे- बेटियां हों या पोते-पोतियां। संपत्ति शुल्क अधिनियम 1953 के अनुसार विरासत में मिली संपत्ति अगर 20 लाख रुपए से ज्यादा होती थी, तब 85% कर देना पड़ता था। इसके तहत 1984-85 में 20 करोड़ रुपए का टैक्स कलेक्ट हुआ था। 1985 में इसे राजीव गांधी सरकार ने इस कानून को खत्म ने कर दिया था।
मोदी ने राजीव गांधी पर लगाए आरोप
गुरुवार को मुरैना में आयोजित रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस इनहेरिटेंस टैक्स या विरासत कर को समाप्त करने के पीछे राजीव गांधी पर कई तरह के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी की मौत के बात उनकी संपत्ति इस कानून के तहत सरकार को जाने वाली थी, मगर राजीव गांधी ने कानून ही खत्म करवा दिया।
भारत के अलावा और किन देशों में यह कानून निरस्त हुआ है?
भारत के अलावा, मैक्सिको ने 1961, कनाडा ने 1972, ऑस्ट्रेलिया ने 1979, इजराइल ने 1980, न्यूजीलैंड ने 1992, स्लोवाक रिपब्लिक व स्वीडन ने 2004 ऑस्ट्रिया ने 2008 और चेक गणराज्य और नॉर्वे ने 2014 में इस कानून को खत्म किया।
ये खबर भी पढ़ें...मुरैना में PM मोदी का बड़ा हमला
निगम का बिल घोटाला
इंदौर में बोले CM मोहन यादव- भगवा फैला रहे तो किसके बाप का नुकसान कर दिया
कुत्ते को पानी में डुबोकर मारने के बाद बोला युवक
अमेरिका में क्या प्रावधान हैं?
अमेरिका के 6 राज्यों न्यू जर्सी, पेन्सिल्वेनिया, आयोवा, केंटकी, मैरीलैंड और नेब्रास्का में इनहेरिटेंस टैक्स लगता है। हर राज्य में टैक्स की दरें और कानून अलग हैं। न्यूजर्सी में 11% से 16% तक टैक्स है। बाकी 5 राज्यों में 1% से 16% तक टैक्स है। हालांकि लगभग सभी जगह पति-पत्नी, बच्चों, माता-पिता, दादा-दादी पोते-पोतियों को विरासत में मिलने वाली संपत्ति पर टैक्स में छूट है।
और किन देशों में यह टैक्स है?
फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी आइसलैंड, आयरलैंड, इटली, जापान, बेल्जियम (ब्रुसेल्स- राजधानी क्षेत्र), चिली, लिथुआनिया, लक्जम्बर्ग, नीदरलैंड्स, पोलैंड, पुर्तगाल, स्लोवेनिया, स्पेन, स्विट्जरलैंड और तुर्की में भी इस तरह के टैक्स का प्रावधान है। इन देशों में विरासत के अलावा गिफ्ट में मिलने वाली संपत्ति पर भी टैक्स इनहेरिटेंस टैक्स वापस लागू करने लगता है।
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