वॉट्सऐप और टेलीग्राम यूजर्स के लिए नया नियम, सिम की केवाइसी बिना नहीं चलेंगे एप्स, जानें कब है सिम बाइंडिंग की डेडलाइन
Manya Jain | Sootr Creatives | Oct 23, 2026, 09:26 IST
सिम बाइंडिंग नियम: अब सिम से लिंक करना होगा वॉट्सऐप और टेलीग्राम अकाउंट
दूरसंचार विभाग ने वॉट्सएप और टेलीग्राम जैसे एप को केवाईसी सत्यापित सिम से अकाउंट लिंक करने के निर्देश दिए हैं। सिम बाइंडिंग नियम का मकसद ऑनलाइन ठगी रोकथाम है। बिना सिम वाई-फाई से एप चलाने वाले यूजर्स प्रभावित हो सकते हैं। वॉट्सएप सिम बाइंडिंग और टेलीग्राम सिम बाइंडिंग के नियमों के पालन की समय सीमा 31 दिसंबर 2026 है। वॉट्सएप वेब पर हर 6 घंटे लॉगआउट की अनिवार्यता हटी है।
दूरसंचार विभाग के निर्देश में क्या है?
केवाईसी-वेरीफाइड सिम का मतलब क्या है?
केवाईसी-वेरीफाइड सिम वह है, जिसके धारक की पहचान जांची जा चुकी हो। निर्देशों के तहत ऐप अकाउंट को ऐसे ही सिम से लिंक रखना होगा।
सिम बाइंडिंग क्या है ? आसान भाषा में समझें
इसे एक उदाहरण से समझिए। मान लीजिए आपका अकाउंट एक घर है और सिम उसकी चाबी है। सिम बाइंडिंग में उसी चाबी के जरिए अकाउंट का वेरीफिकेशन किया जाता है।
वॉट्सऐप यूजर्स के लिए यह नया नियम (WhatsApp New Rule) है। हालांकि, निर्देश टेलीग्राम जैसे अन्य मैसेजिंग ऐप्स पर भी लागू हो सकते हैं।
ऑनलाइन ठगी रोकने का मकसद क्या है?
आखिर अकाउंट को सिम से क्यों जोड़ा जा रहा है? इसका मकसद अकाउंट के दुरुपयोग और धोखाधड़ी का खतरा कम करना है।
वाई-फाई यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा?
वॉट्सऐप का नया नियम क्या बदलेगा?
31 दिसंबर तक क्या करना होगा?
इन निर्देशों के मुताबिक, अकाउंट को संबंधित सिम से लिंक रखना होगा। इसलिए यूजर्स अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और सिम कार्ड की स्थिति जांच सकते हैं।
इस रिपोर्ट में नियम तोड़ने पर सजा का स्पष्ट जिक्र नहीं है। संबंधित ऐप कंपनियों का पक्ष भी इसमें शामिल नहीं है। आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद नियमों का असली असर साफ होगा।
तारीखों में समझें पूरा मामला
वॉट्सऐप वेब को हर छह घंटे में लॉगआउट करने का नियम हटने की जानकारी भी सामने आई है। इसकी भी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
सीधी बात यह है कि मैसेजिंग अकाउंट को सिम से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इसका मकसद ऑनलाइन धोखाधड़ी का खतरा कम करना बताया गया है। बिना सिम वाले डिवाइस इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को आधिकारिक अपडेट जरूर देखना चाहिए।
यह खबर क्यों जरूरी है?
FAQ
- सिम बाइंडिंग क्या है?
सिम बाइंडिंग एक सुरक्षा व्यवस्था है, जिसमें मैसेजिंग ऐप के अकाउंट को संबंधित सिम कार्ड से जोड़ा जाता है। इसका उद्देश्य अकाउंट के दुरुपयोग और ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकना है। - वॉट्सऐप और टेलीग्राम पर नियमों के पालन की समयसीमा क्या है?
रिपोर्ट के अनुसार, नियमों के पालन की समयसीमा 31 दिसंबर बताई गई है। दूरसंचार विभाग ने 28 नवंबर 2025 को इन निर्देशों की जानकारी दी थी। - बिना सिम वाले डिवाइस पर उपयोग करने वाले यूजर्स पर सिम बाइंडिंग का क्या असर पड़ेगा?
बिना सिम वाले डिवाइस पर वाई-फाई से ऐप चलाने वाले यूजर्स प्रभावित हो सकते हैं। वास्तविक असर नियमों की अंतिम शर्तों और तकनीकी व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
भोपाल में फिर मेगा रीडेवलपमेंट की तैयारी, 500 एकड़ में बनेगी टॉर्टाइज सिटी, 23 मंजिला होंगी इमारतें
By Aman Vaishnav
एमपी के 18 DSP को मिली नई जिम्मेदारी, साइबर से CID तक बदला जिम्मा, पुलिस मुख्यालय में हलचल
By Sourabh Bhatnagar
सीएम मोहन यादव का दौरा: भोपाल में मत्स्य पालन सम्मेलन और इंदौर में सेमीकंडक्टर समिट में होंगे शामिल
By Aman Vaishnav
ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसा: मृतकों के परिजनों को मिलेगी नौकरी,आउटसोर्सिंग पर रखेगा नगर निगम
By Aman Vaishnav
2028 चुनाव से पहले MP भाजपा की तैयारी: भोपाल में नया मुख्यालय, 23 जिलों में बनेंगे पार्टी कार्यालय
By Ramanand Tiwari
मोदी मंत्रिमंडल विस्तार से जुड़ा मध्यप्रदेश राज्यसभा उपचुनाव, दिल्ली से आएगा उम्मीदवार, प्रदेश के दिग्गजों की उम्मीदें कमजोर!
By Ramanand Tiwari
MP के नगरीय निकायों में किसी ने पत्नी के नाम की खरीदी, तो किसी ने लिया घटिया सामान, पुराने मामलों में क्या हुई कार्रवाई?
By Sumit Kumar