WhatsApp Username Feature पर भारत सरकार ने लगाई रोक, मेटा को नोटिस भेज मांगा जवाब
Kaushiki | Jul 02, 2026, 08:51 IST
whatsapp username feature ban india
भारत सरकार ने वॉट्सऐप के नए यूजरनेम फीचर पर रोक लगा दी है। सरकार का मानना है कि मोबाइल नंबर छिपने से ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराध काफी बढ़ जाएंगे। मेटा से तीन दिनों के भीतर इस पर जवाब मांगा गया है।
New feature in WhatsApp:दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप पर एक नया विवाद शुरू हो गया है। कंपनी जल्द ही एक नया यूजरनेम फीचर लाने की तैयारी में थी। इस फीचर के आने से आपकी चैटिंग का अंदाज पूरी तरह बदल जाता। लेकिन भारत सरकार ने इस पर फिलहाल पूरी तरह से रोक लगा दी है। सरकार ने इसके खतरों को देखते हुए मेटा कंपनी को नोटिस भी भेजा है।
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने इस पर गहरी चिंता जताई है। सरकार ने साफ कहा है कि जब तक बातचीत पूरी नहीं होती, इसे रोक कर रखें।
कंपनी को तीन दिनों के भीतर इस पर अपना पूरा पक्ष रखना होगा। सरकार पहले यह समझना चाहती है कि यह नया फीचर कितना सुरक्षित है। इसके बाद ही इसे भारत में लागू करने की अनुमति दी जाएगी।
मेटा कंपनी ने भी इस पूरे मामले पर अपनी सफाई (वॉट्सऐप के लिए नए-नए फीचर) पेश की है। कंपनी के स्पोक्सपर्सन ने बताया कि यह फीचर अभी लाइव नहीं हुआ है। इसे इस साल के अंत तक धीरे-धीरे रोलआउट किया जाना था।
कंपनी ने यह भी दावा किया है कि मशहूर लोगों के नाम पहले से रिजर्व हैं। वॉट्सऐप चैट मेंकोई भी व्यक्ति किसी सेलिब्रिटी के नाम का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।
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भारत सरकार ने जताई चिंता
कंपनी को तीन दिनों के भीतर इस पर अपना पूरा पक्ष रखना होगा। सरकार पहले यह समझना चाहती है कि यह नया फीचर कितना सुरक्षित है। इसके बाद ही इसे भारत में लागू करने की अनुमति दी जाएगी।
मेटा कंपनी ने भी इस पूरे मामले पर अपनी सफाई (वॉट्सऐप के लिए नए-नए फीचर) पेश की है। कंपनी के स्पोक्सपर्सन ने बताया कि यह फीचर अभी लाइव नहीं हुआ है। इसे इस साल के अंत तक धीरे-धीरे रोलआउट किया जाना था।
कंपनी ने यह भी दावा किया है कि मशहूर लोगों के नाम पहले से रिजर्व हैं। वॉट्सऐप चैट मेंकोई भी व्यक्ति किसी सेलिब्रिटी के नाम का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।
वॉट्सऐप यूजरनेम के 8 बड़े खतरे
- नंबर छिपने से बढ़ेगा धोखा
अब तक वॉट्सऐप फीचर पर बात करने के लिए मोबाइल नंबर जरूरी होता था। नए फीचर में नंबर की जगह सिर्फ एक यूजरनेम दिखाई देगा। सरकार को डर है कि इससे लोग अपनी असली पहचान छिपा लेंगे। पहचान छिपने से फर्जी अकाउंट बनाना बहुत आसान हो जाएगा। इससे सीधे तौर पर मासूम लोग ऑनलाइन ठगी का शिकार बन सकते हैं। - डिजिटल अरेस्ट का नया डर
आजकल देश में डिजिटल अरेस्ट के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। अपराधी पुलिस या सीबीआई अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं और पैसे वसूलते हैं। मोबाइल नंबर न होने से ये अपराधी और ज्यादा निडर हो जाएंगे। वे फर्जी यूजरनेम बनाकर लोगों को आसानी से अपने जाल में फंसा लेंगे। इससे इस तरह के खतरनाक क्राइम काफी बढ़ सकते हैं। - नकली पहचान बनाना होगा आसान
अगर कोई ठग किसी बैंक या सरकारी विभाग जैसा यूजरनेम बना ले, तो क्या होगा? आम लोग असली और नकली अकाउंट में अंतर नहीं कर पाएंगे। सरकार को सबसे बड़ी चिंता इसी पहचान की चोरी को लेकर है। लोग फर्जी यूजरनेम पर भरोसा करके अपनी निजी जानकारी उनके साथ शेयर कर सकते हैं। - फिशिंग और ऑनलाइन ठगी
साइबर अपराधी अक्सर लोगों को फर्जी लिंक भेजकर चूना लगाते हैं। वे बैंक डिटेल्स या ओटीपी हासिल करने की फिराक में रहते हैं। यूजरनेम फीचर आने के बाद ये ठग थोक के भाव में लोगों से संपर्क करेंगे। मोबाइल नंबर न दिखने के कारण लोग इन्हें असली समझ बैठेंगे। इससे ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा। - पुलिस जांच में बड़ी रुकावट
जब भी कोई ऑनलाइन क्राइम होता है, पुलिस मोबाइल नंबर से आरोपी को पकड़ती है। नए फीचर में शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को नंबर नहीं मिलेगा। बिना नंबर के अपराधी तक पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए बहुत मुश्किल होगा। फर्जी यूजरनेम के कारण केस को सुलझाने में बहुत ज्यादा समय लग सकता है। - आईटी नियमों का उल्लंघन
सरकार ने अपने नोटिस में देश के सख्त आईटी नियमों का हवाला दिया है। सरकार का कहना है कि वॉट्सऐप एक बड़ी सोशल मीडिया कंपनी है। इसलिए उसे देश के सभी सुरक्षा नियमों का पालन करना ही होगा। अगर इस नए फीचर से कानून व्यवस्था में दिक्कत आती है, तो कंपनी की जवाबदेही तय की जाएगी। - अनजान लोगों पर भरोसा
इस फीचर के आने से पहली बार मैसेज करने वाले का नंबर नहीं दिखेगा। ऐसे में यूजर्स के लिए यह समझना मुश्किल होगा कि सामने वाला कौन है। खासकर घर के बुजुर्ग और कम पढ़े-लिखे लोग आसानी से धोखा खा जाएंगे। वे किसी भी अनजान यूजरनेम को सच मानकर बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं। - सोशल इंजीनियरिंग के हमले
साइबर ठग पहले लोगों का भरोसा जीतते हैं और फिर पैसे मांगते हैं। इसे तकनीकी भाषा में सोशल इंजीनियरिंग अटैक कहा जाता है। यूजरनेम का यह नया फीचर ऐसे अपराधियों को एक नया हथियार दे देगा। वे रोज नई पहचान बदलकर लोगों को मानसिक और आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं।
वॉट्सऐप Username फीचर क्यों ला रहा है
- Privacy प्रोटेक्शन: कई बार हमें किसी नए क्लासमेट, पड़ोसी या अनजान व्यक्ति से चैट करनी होती है, लेकिन हम अपना पर्सनल मोबाइल नंबर शेयर नहीं करना चाहते।
- नंबर छिपाने का ऑप्शन: इस फीचर के आने के बाद आप बिना मोबाइल नंबर दिए, सिर्फ अपना यूजरनेम शेयर करके भी किसी से भी बातचीत (Chat) शुरू कर सकते हैं।
यूजरनेम बनाने के लिए क्या नियम तय किए गए हैं
- कैरेक्टर लिमिट: आपका यूजरनेम कम से कम 3 और ज्यादा से ज्यादा 35 कैरेक्टर्स का होना चाहिए।
- स्पेशल सिंबल: इसमें आप सिर्फ छोटे अंग्रेजी अक्षर (a-z), नंबर्स (0-9), डॉट (.) और अंडरस्कोर (_) का ही इस्तेमाल कर सकते हैं।
- यूनिक पहचान: दुनिया में हर यूजर का यूजरनेम बिल्कुल अलग होगा। अच्छी बात यह है कि आप इसे जब चाहें बदल या हटा भी सकते हैं।
क्या इस फीचर के बाद मोबाइल नंबर पूरी तरह छिप जाएगा?
- सिर्फ नए लोगों के लिए: हां, जो व्यक्ति आपसे पहली बार कॉन्टैक्ट करेगा, उसे आपका मोबाइल नंबर नहीं बल्कि सिर्फ यूजरनेम ही दिखेगा।
- अकाउंट के लिए जरूरी: वॉट्सऐप अकाउंट बनाने के लिए मोबाइल नंबर पहले की तरह ही जरूरी रहेगा। इसके अलावा, जिनके पास आपका नंबर पहले से सेव है, वे आपका नंबर देख पाएंगे।
क्या कोई भी हमारा यूजरनेम सर्च करके मोबाइल नंबर का पता लगा सकता है
- नो पब्लिक डायरेक्टरी: वॉट्सऐप ऐसी कोई पब्लिक लिस्ट या डायरेक्टरी नहीं बना रहा है, जहाँ कोई भी आपका नाम सर्च कर सके।
- सजेशन नहीं मिलेगा: वॉट्सऐप कभी भी किसी दूसरे यूजर को आपके यूजरनेम का सुझाव (Suggest) नहीं देगा। जब तक सामने वाले को आपका बिल्कुल सही यूजरनेम नहीं पता होगा, वह आपको मैसेज नहीं कर पाएगा।
यह Username Key क्या है और यह कैसे काम करेगी
- एक एक्स्ट्रा सुरक्षा पिन: यह एक ऑप्शनल सिक्योरिटी फीचर है जो एक गुप्त पिन (PIN) की तरह काम करता है।
- स्पैम मैसेज से बचाव: अगर आप इसे ऑन करते हैं, तो सिर्फ आपका यूजरनेम जानने मात्र से कोई आपको मैसेज नहीं भेज पाएगा। सामने वाले को पहली बार चैट शुरू करने के लिए यह 'Key' दर्ज करनी होगी। इसे आप जब चाहें बदल भी सकते हैं।
आपके पुराने चैट्स और कॉन्टैक्ट्स पर इसका क्या असर पड़ेगा
- सब कुछ पहले जैसा रहेगा: आपकी पुरानी चैट्स, ग्रुप्स और कॉन्टैक्ट लिस्ट पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
- सुरक्षा फीचर्स बरकरार: वॉट्सऐप के सभी जरूरी सुरक्षा फीचर्स जैसे एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (End-to-End Encryption), ब्लॉक और रिपोर्ट का ऑप्शन पहले की तरह ही काम करते रहेंगे।
इस नए फीचर का सबसे बड़ा फायदा क्या होगा
- बेहतर प्राइवेसी: किसी भी नए काम या इवेंट के लिए अनजान लोगों को अपना पर्सनल नंबर देने की मजबूरी खत्म हो जाएगी।
- बिजनेस में आसानी: जो लोग ऑनलाइन बिजनेस या कंटेंट क्रिएशन करते हैं, वे फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप तीनों जगह एक जैसा यूजरनेम रखकर अपनी एक फिक्स डिजिटल पहचान बना सकेंगे।
किन लोगों को आपसे बात करने के लिए यूजरनेम की जरूरत नहीं होगी
- जिन लोगों के फोन में आपका मोबाइल नंबर पहले से सेव है।
- जिन लोगों के साथ आप पहले भी चैट कर चुके हैं।
- जो लोग आपके साथ किसी कॉमन वॉट्सऐप ग्रुप में जुड़े हुए हैं।
- जिन्होंने आपका पर्सनल क्यूआर कोड (QR Code) स्कैन किया है।
- जिन्हें आपने खुद पहले अपनी तरफ से मैसेज भेजा है।
FAQ
- वॉट्सऐप यूजरनेम फीचर क्या है और यह कैसे काम करता है?
इस फीचर के आने के बाद यूजर्स बिना अपना मोबाइल नंबर शेयर किए सिर्फ एक यूनिक यूजरनेम की मदद से दूसरों से चैट कर सकेंगे। इससे आपका पर्सनल मोबाइल नंबर अनजान लोगों से सुरक्षित रहता है। - भारत सरकार ने वॉट्सऐप के इस नए फीचर पर रोक क्यों लगाई है?
सरकार को डर है कि मोबाइल नंबर छिपने से नकली पहचान बनाना आसान हो जाएगा। इससे डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग और ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड के मामले देश में बहुत तेजी से बढ़ सकते हैं। - क्या वॉट्सऐप यूजरनेम फीचर भारत में पूरी तरह से बंद हो गया है?
यह फीचर पूरी तरह बंद नहीं हुआ है बल्कि इस पर अस्थायी रोक लगी है। सरकार और मेटा के बीच सुरक्षा मानकों पर चर्चा पूरी होने के बाद ही इसे भारत में रोलआउट किया जाएगा।
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