कौन हैं आईपीएस अधिकारी अंजना कृष्णा? जिन्होंने फोन पर पवार को नहीं पहचाना, जानें क्यों मचा है बवाल
Dablu Kumar | Sept 08, 2025, 18:41 IST
Ips anjali krishna
सोलापुर ग्रामीण पुलिस की एसडीपीओ अंजना कृष्णा और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बीच विवादित बातचीत ने राजनीतिक तकरार को जन्म दिया।
महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के करमाला डिवीजन में तैनात एसडीपीओ (डीएसपी) अंजना कृष्णा का नाम हाल ही में सुर्खियों में आया, जब उनके और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के बीच एक अवैध खनन पर हुई तीखी बातचीत का कथित वीडियो वायरल हो गया।
यह विवाद एक अवैध मिट्टी और मुरुम खनन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के दौरान उत्पन्न हुआ, जिसमें अजित पवार की धमक और एसडीपीओ अंजना कृष्णा की सख्त प्रतिक्रिया को लेकर राजनीति गरमा गई।
यह घटना 31 अगस्त 2025 की है, जब सोलापुर जिले के कुर्दु गांव में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस की एक संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। टीम के सदस्य मौके पर अवैध खनन को रोकने की कोशिश कर रहे थे, तभी कुछ लोगों ने अंजना कृष्णा को अजित पवार से फोन पर बात करने के लिए कहा। अंजना कृष्णा ने कॉलर की पहचान की पुष्टि करने के बाद अजित पवार से तीखी बातचीत की।
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एनसीपी (अजित गुट) की
वीडियो वायरल होने के बाद, एनसीपी (अजित गुट) के एमएलसी अमोल मितकरी ने UPSC को पत्र लिखकर आईपीएस अंजना कृष्णा के शैक्षिक और जाति प्रमाणपत्र (educational and caste certificates) सहित उनके दस्तावेजों की जांच की मांग की।
मितकरी ने UPSC से यह भी अनुरोध किया कि जांच की रिपोर्ट संबंधित सरकारी विभागों को भेजी जाए। हालांकि, UPSC की तरफ से इस मामले पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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विवाद बढ़ने के बाद अजित पवार ने एक बयान जारी कर कहा कि उनका उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना था और उन्होंने कभी भी पुलिस कार्रवाई में हस्तक्षेप करने की कोशिश नहीं की।
उनका कहना था कि अवैध खनन के मामलों में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन उनका उद्देश्य स्थिति को शांत करना था, न कि विवाद पैदा करना।
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अंजना कृष्णा तिरुवनंतपुरम केरल की रहने वाली हैं। अंजना कृष्णा 2022 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। उन्होंने 2022-23 UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 355वां रैंक हासिल किया था और
वर्तमान में वह महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के करमाला में उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (DSP) के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई सेंट मैरीज सेंट्रल स्कूल, पूजापुरा से की। इसके बाद गणित में केरल विश्वविद्यालय से स्नातक किया। उनके पिता छोटे व्यापारी हैं और मां एक अदालत में टाइपिस्ट हैं।
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इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। विपक्ष ने इसे पुलिस कार्य में हस्तक्षेप करार दिया, जबकि सत्ता पक्ष ने कहा कि अजित पवार का उद्देश्य स्थिति को शांत रखना था।
यह विवाद एक अवैध मिट्टी और मुरुम खनन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के दौरान उत्पन्न हुआ, जिसमें अजित पवार की धमक और एसडीपीओ अंजना कृष्णा की सख्त प्रतिक्रिया को लेकर राजनीति गरमा गई।
अवैध खनन पर कार्रवाई
शुरुआत में अंजना कृष्णा पवार को पहचान नहीं पाईं और उन्हें अपने नंबर पर कॉल करने को कहा। इस पर पवार भड़क गए और कहा कि 'क्या मुझे तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए? क्या तुममें इतनी हिम्मत है? अपना नंबर दो, मैं वीडियो कॉल कर रहा हूं। तुम मुझे वीडियो कॉल पर पहचान लोगी, है ना?' इसके बाद पवार और अंजना कृष्णा के बीच बात हुई, जिसमें उन्होंने कार्रवाई रोकने को कहा।
एनसीपी (अजित गुट) की UPSC को शिकायत
मितकरी ने UPSC से यह भी अनुरोध किया कि जांच की रिपोर्ट संबंधित सरकारी विभागों को भेजी जाए। हालांकि, UPSC की तरफ से इस मामले पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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अजित पवार का बयान
उनका कहना था कि अवैध खनन के मामलों में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन उनका उद्देश्य स्थिति को शांत करना था, न कि विवाद पैदा करना।
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कौन है अंजना कृष्णा?
वर्तमान में वह महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के करमाला में उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (DSP) के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई सेंट मैरीज सेंट्रल स्कूल, पूजापुरा से की। इसके बाद गणित में केरल विश्वविद्यालय से स्नातक किया। उनके पिता छोटे व्यापारी हैं और मां एक अदालत में टाइपिस्ट हैं।
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राजनीतिक हलकों में बढ़ता विवाद
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